चीन की ल्योशनयू कोयला खदान में गैस विस्फोट: 82 मृत, 128 घायल, 2 अब भी लापता
सारांश
मुख्य बातें
चीन के शानशी प्रांत में शानशी थोंगचो समूह की ल्योशनयू कोयला खदान में 22 मई की शाम 7 बजकर 29 मिनट पर हुए भीषण गैस विस्फोट में कम से कम 82 लोगों की मौत हो गई, 128 लोग घायल हुए और 2 लोग अभी भी लापता हैं। विस्फोट के समय 247 मजदूर खदान के भीतर काम कर रहे थे।
दुर्घटना का घटनाक्रम
विस्फोट 22 मई की शाम 7:29 बजे हुआ, जब खदान की गहराइयों में काम कर रहे मजदूर अचानक गैस रिसाव की चपेट में आ गए। 23 मई की रात करीब 10:30 बजे आयोजित एक आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मृतकों, घायलों और लापता लोगों की संख्या की पुष्टि की गई। यह चीन की हाल के वर्षों की सबसे घातक खनन दुर्घटनाओं में से एक है।
बचाव अभियान
छांगची शहर के मेयर छन श्यांगयांग ने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन ने कोयला खदान उत्पादन सुरक्षा दुर्घटनाओं के लिए निर्धारित आपातकालीन प्रतिक्रिया योजना तत्काल सक्रिय कर दी। 335 पेशेवर बचाव कर्मियों और 420 चिकित्सा कर्मियों को घटनास्थल पर तैनात किया गया। आसपास के क्षेत्रों से 86 एम्बुलेंस और मोबाइल हाइपरबेरिक ऑक्सीजन चैंबर भी भेजे गए, ताकि फंसे हुए मजदूरों को समय रहते बाहर निकाला जा सके।
सरकार की कार्रवाई
अधिकारियों ने शानशी थोंगचो समूह के अंतर्गत आने वाली सभी चार कोयला खदानों में उत्पादन तत्काल बंद करने का आदेश दिया है। भूमिगत गैस और कार्बन मोनोऑक्साइड की सांद्रता पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि द्वितीयक दुर्घटनाओं से बचा जा सके। प्रारंभिक जाँच में संकेत मिले हैं कि संबंधित कंपनी ने खनन सुरक्षा कानूनों का गंभीर उल्लंघन किया है।
जवाबदेही और कानूनी कार्रवाई
स्थानीय अधिकारियों ने कंपनी के वास्तविक नियंत्रक, जिम्मेदार अधिकारियों और अन्य संबंधित कर्मियों के खिलाफ नियंत्रण उपाय लागू कर दिए हैं। गौरतलब है कि चीन में कोयला खदान दुर्घटनाएँ बार-बार होती रही हैं — सरकार की सख्ती के बावजूद सुरक्षा मानकों की अनदेखी एक गहरी संरचनात्मक समस्या बनी हुई है। यह ऐसे समय में आया है जब चीन अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए कोयला उत्पादन पर भारी दबाव में है।
आगे की स्थिति
बचाव दल अभी भी 2 लापता मजदूरों की तलाश में जुटे हैं। 128 घायलों का उपचार जारी है और उनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। जाँच एजेंसियाँ विस्फोट के सटीक कारणों का पता लगाने में लगी हैं और कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शीघ्र शुरू होने की संभावना है।