तिरुवल्लूर अमोनिया गैस लीक: 6 की मौत, PM मोदी और राष्ट्रपति मुर्मु ने जताया गहरा दुख
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में एक सीफूड एक्सपोर्ट यूनिट में 21 जून को हुई अमोनिया गैस लीक की दुर्घटना में 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायलों का उपचार चिकित्सकों की निगरानी में जारी है। इस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
मुख्य घटनाक्रम
तिरुवल्लूर स्थित सीफूड एक्सपोर्ट यूनिट में अमोनिया गैस का रिसाव होने से फैक्ट्री में काम कर रहे मजदूर सीधे इसकी चपेट में आ गए। 9 प्रभावित लोगों को चेन्नई के राजीव गांधी अस्पताल के इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी स्थिति पर चिकित्सक नज़र बनाए हुए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जाँच जारी है।
राष्ट्रीय नेताओं की संवेदनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट के माध्यम से कहा, 'तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में हुए हादसे के बारे में जानकर मुझे बहुत दुख हुआ। इस हादसे में जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मैं अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल लोग जल्द ठीक हो जाएं।'
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी एक्स पर अपनी पीड़ा साझा करते हुए लिखा, 'तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में एक फैक्ट्री में हुए दुखद हादसे में लोगों की मौत की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ। मैं दुखी परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करती हूं। मेरी दुआएं इस हादसे से प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं। मैं घायलों के जल्दी ठीक होने की कामना करती हूं।'
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने एक्स पर लिखा, 'तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में एक सीफूड एक्सपोर्ट यूनिट में अमोनिया गैस लीक की घटना में हुई दुखद मौतों से बहुत दुख हुआ। दुखी परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मैं इलाज करा रहे लोगों के जल्दी और पूरी तरह ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।'
सरकार की प्रतिक्रिया
तमिलनाडु सरकार में मंत्री आधव अर्जुन राजीव गांधी अस्पताल पहुँचे और अमोनिया गैस से प्रभावित पीड़ितों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अधिकारियों को प्रभावित मजदूरों को सभी आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने गैस लीक के कारणों की जाँच के लिए तीन सदस्यीय जाँच समिति गठित करने का भी आदेश दिया। समिति को तत्काल निरीक्षण करने और 24 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
जाँच का दायरा
जाँच समिति से अपेक्षा है कि वह सुरक्षा प्रोटोकॉल, रखरखाव प्रक्रियाओं और फैक्ट्री में संभावित कमियों की पड़ताल करेगी। अधिकारी यह भी जाँच कर रहे हैं कि क्या औद्योगिक सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के कारण यह दुर्घटना हुई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जाँच शुरू कर दी है।
आगे क्या होगा
जाँच समिति की रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है और क्या औद्योगिक सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई। ICU में भर्ती 9 मरीजों की स्थिति पर चिकित्सकों की नजर बनी हुई है। यह घटना औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है।