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तिरुवल्लूर सीफूड यूनिट में अमोनिया लीक से 6 मजदूरों की मौत, CM विजय ने 24 घंटे में रिपोर्ट माँगी

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तिरुवल्लूर सीफूड यूनिट में अमोनिया लीक से 6 मजदूरों की मौत, CM विजय ने 24 घंटे में रिपोर्ट माँगी

सारांश

तमिलनाडु के तिरुवल्लूर में एक सीफूड एक्सपोर्ट यूनिट की रेफ्रिजरेशन प्रणाली से अमोनिया लीक ने 6 प्रवासी मजदूरों की जान ले ली — जिनमें असम, ओडिशा और झारखंड की महिलाएँ शामिल हैं। मुख्यमंत्री विजय ने 24 घंटे में रिपोर्ट माँगी है, लेकिन सवाल यह है कि इन इकाइयों में सुरक्षा मानक आखिर कब लागू होंगे।

मुख्य बातें

तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में 21 जून को सीफूड प्रोसेसिंग यूनिट में अमोनिया लीक से कम से कम 6 मजदूरों की मौत हो गई।
हादसे के समय परिसर में करीब 120 श्रमिक मौजूद थे, जिनमें असम, ओडिशा और झारखंड की महिला प्रवासी मजदूर शामिल थीं।
गंभीर रूप से घायलों को चेन्नई के गवर्नमेंट स्टेनली मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जोसेफ विजय ने तीन सदस्यीय जाँच समिति गठित की और 24 घंटे में विस्तृत रिपोर्ट माँगी।
पुलिस ने मामला दर्ज किया; औद्योगिक सुरक्षा नियमों के संभावित उल्लंघन की जाँच जारी।

तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में पेरियापलायम के निकट स्थित एक सीफूड एक्सपोर्ट प्रोसेसिंग यूनिट में रविवार, 21 जून को अमोनिया गैस लीक होने से कम से कम 6 मजदूरों की मौत हो गई और कई अन्य गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। हादसे के समय फैक्ट्री परिसर में करीब 120 श्रमिक मौजूद थे, जिनमें असम, ओडिशा और झारखंड की महिला प्रवासी मजदूर भी शामिल थीं।

घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध अमोनिया लीक यूनिट के रेफ्रिजरेशन या प्रोसेसिंग सिस्टम से शुरू हुई और देखते-देखते फैसिलिटी के कई हिस्सों में फैल गई। गैस के संपर्क में आए श्रमिकों को सांस लेने में गंभीर कठिनाई, चक्कर आना और जलन महसूस हुई। कुछ मजदूरों के मुँह और नाक से खून बहने की भी खबर है, जो गैस की तीव्रता का संकेत देता है।

परिसर में अफरा-तफरी मच गई जब श्रमिक जान बचाने के लिए बाहर की ओर दौड़े, जबकि कुछ गैस के प्रभाव में वहीं गिर पड़े। आपातकालीन प्रतिक्रिया दल, पुलिसकर्मी और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी तत्काल मौके पर पहुँचे और बचाव अभियान शुरू किया।

इलाज और अस्पताल में भर्ती

प्रभावित मजदूरों को शुरुआत में आपातकालीन उपचार के लिए नज़दीकी निजी अस्पतालों में भेजा गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पहले एक मजदूर की इलाज के दौरान मौत हुई थी, लेकिन बचाव अभियान जारी रहने के साथ मृतकों की संख्या बढ़कर कम से कम 6 हो गई। जिन्हें उन्नत चिकित्सा की जरूरत थी, उन्हें चेन्नई के गवर्नमेंट स्टेनली मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। उपचाररत चिकित्सकों ने बताया कि जहरीली गैस सांस में जाने के कारण कई मरीजों को श्वसन संबंधी गंभीर समस्याएँ हो रही हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने घटना पर गहरी चिंता जताते हुए अधिकारियों को प्रभावित मजदूरों को सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने लीक के कारणों की जाँच के लिए तीन सदस्यीय जाँच समिति गठित करने का आदेश दिया और पैनल को 24 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।

जाँच में सुरक्षा प्रोटोकॉल, रखरखाव प्रक्रियाओं और फैसिलिटी में संभावित खामियों की पड़ताल की जाएगी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और यह भी जाँचा जा रहा है कि क्या औद्योगिक सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के कारण यह हादसा हुआ।

प्रवासी श्रमिकों पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु की औद्योगिक इकाइयों में प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा एक बड़ा सवाल बनी हुई है। गौरतलब है कि सीफूड प्रोसेसिंग उद्योग में बड़ी संख्या में पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों के प्रवासी श्रमिक कार्यरत हैं, जो अक्सर न्यूनतम सुरक्षा सुविधाओं के साथ काम करते हैं।

आगे क्या होगा

जाँच समिति की रिपोर्ट आने के बाद राज्य सरकार आगे की कार्रवाई तय करेगी। फिलहाल पुलिस मामले की विवेचना जारी रखे हुए है और कई घायल मजदूर अभी भी गहन चिकित्सा देखभाल में हैं। इस हादसे ने प्रदेश की औद्योगिक इकाइयों में अमोनिया जैसी खतरनाक गैसों के सुरक्षित प्रबंधन पर नए सिरे से बहस छेड़ दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी नियमित निरीक्षण और आपातकालीन प्रशिक्षण की कमी बनी रहती है। 24 घंटे की जाँच रिपोर्ट प्रशासनिक तत्परता दिखाती है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या इस बार सुरक्षा उल्लंघनों पर वास्तविक जवाबदेही तय होगी — या यह भी पिछली फाइलों में दब जाएगी।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तिरुवल्लूर सीफूड यूनिट में अमोनिया लीक कैसे हुई?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध अमोनिया लीक यूनिट के रेफ्रिजरेशन या प्रोसेसिंग सिस्टम से शुरू हुई और तेजी से फैसिलिटी के कई हिस्सों में फैल गई। जाँच में सटीक कारण और सुरक्षा उल्लंघनों की पड़ताल की जा रही है।
इस हादसे में कितने लोग मारे गए और कितने घायल हैं?
अमोनिया लीक से कम से कम 6 मजदूरों की मौत हो गई है। कई अन्य गंभीर हालत में हैं और उन्हें चेन्नई के गवर्नमेंट स्टेनली मेडिकल कॉलेज अस्पताल में गहन चिकित्सा देखभाल मिल रही है।
मुख्यमंत्री विजय ने इस हादसे पर क्या कदम उठाए?
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने तीन सदस्यीय जाँच समिति गठित की है और पैनल को 24 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित मजदूरों को सभी जरूरी चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराने का भी आदेश दिया।
इस यूनिट में कौन से मजदूर काम करते थे?
यह सीफूड एक्सपोर्ट प्रोसेसिंग यूनिट बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिकों पर निर्भर थी। हादसे के समय असम, ओडिशा और झारखंड की महिलाओं समेत करीब 120 वर्कर परिसर में मौजूद थे।
राष्ट्र प्रेस
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