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तिरुवल्लुर गैस लीक: ओडिशा सरकार ने मृत मजदूरों के परिवारों को ₹4 लाख अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया

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तिरुवल्लुर गैस लीक: ओडिशा सरकार ने मृत मजदूरों के परिवारों को ₹4 लाख अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया

सारांश

तमिलनाडु के तिरुवल्लुर में अमोनिया गैस रिसाव से कम से कम 6 मजदूरों की मौत के बाद ओडिशा सरकार हरकत में आई। मुख्यमंत्री माझी ने ₹4 लाख अनुग्रह राशि की घोषणा की और वरिष्ठ अधिकारियों की टीम मौके पर भेजी। करीब 120 कामगार उस वक्त फैक्ट्री में मौजूद थे।

मुख्य बातें

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 22 जून को तिरुवल्लुर गैस लीक में मारे गए ओडिशावासी मजदूरों के परिजनों को ₹4 लाख अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
तमिलनाडु के तिरुवल्लुर जिले में पेरियापलायम स्थित सीफूड एक्सपोर्ट प्रोसेसिंग यूनिट में अमोनिया गैस रिसाव से कम से कम 6 मजदूरों की मौत हुई।
घटना के समय असम, ओडिशा और झारखंड की महिलाओं समेत करीब 120 कामगार फैक्ट्री में मौजूद थे।
ओडिशा के मुख्य सचिव अनु गर्ग ने तमिलनाडु की मुख्य सचिव से बातचीत कर घायलों के उचित इलाज का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर तीन सदस्यीय वरिष्ठ अधिकारी टीम तिरुवल्लुर पहुँची और राहत कार्यों की निगरानी कर रही है।

तमिलनाडु के तिरुवल्लुर जिले में हुए अमोनिया गैस रिसाव हादसे में जान गंवाने वाले ओडिशा के मजदूरों के परिजनों को ₹4 लाख की अनुग्रह राशि दी जाएगी। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 22 जून को यह घोषणा करते हुए घटना को 'बेहद पीड़ादायक' बताया और घायल मजदूरों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। पेरियापलायम स्थित एक सीफूड एक्सपोर्ट प्रोसेसिंग यूनिट में हुई इस दुर्घटना में कम से कम 6 मजदूरों की मौत हो गई और कई अन्य अस्पताल में भर्ती हैं।

मुख्यमंत्री की घोषणा और संवेदना

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने एक औपचारिक शोक संदेश जारी कर पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों और घायलों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस दुखद घटना में जान गंवाने वाले प्रत्येक ओडिशावासी मजदूर के आश्रितों को ₹4 लाख की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

दोनों राज्यों के बीच समन्वय

ओडिशा सरकार तमिलनाडु प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है। ओडिशा के मुख्य सचिव अनु गर्ग ने तमिलनाडु की मुख्य सचिव से सीधी बातचीत कर घायल मजदूरों के समुचित उपचार और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर ओडिशा सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की तीन सदस्यीय टीम तिरुवल्लुर पहुँच चुकी है, जो स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर घायलों के उपचार और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की निगरानी कर रही है।

हादसे का विवरण

रविवार को तमिलनाडु के तिरुवल्लुर जिले में पेरियापलायम के पास एक सीफूड एक्सपोर्ट प्रोसेसिंग यूनिट में अमोनिया गैस रिसाव हुआ, जिसमें कम से कम 6 मजदूरों की मौत हो गई। घटना के समय फैक्ट्री परिसर में असम, ओडिशा और झारखंड की महिलाओं समेत करीब 120 कामगार मौजूद थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध अमोनिया रिसाव यूनिट के रेफ्रिजरेशन या प्रोसेसिंग सिस्टम से शुरू हुआ और तेजी से परिसर के कई हिस्सों में फैल गया।

प्रभावितों की स्थिति और राहत कार्य

गैस के संपर्क में आए मजदूरों को सांस लेने में गंभीर कठिनाई, चक्कर आना और जलन जैसे लक्षणों का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम, पुलिस और स्थानीय अधिकारी मौके पर पहुँचे और बचाव अभियान शुरू किया। प्रभावित मजदूरों को आरंभिक उपचार के लिए नज़दीकी निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका इलाज जारी है।

आगे की राह

ओडिशा सरकार की तीन सदस्यीय टीम तिरुवल्लुर में डेरा डाले हुए है और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय जारी है। राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि घायल मजदूरों के उपचार का खर्च और पुनर्वास सहायता भी सुनिश्चित की जाएगी। इस हादसे ने प्रवासी मजदूरों की कार्यस्थल सुरक्षा और अंतरराज्यीय समन्वय के सवालों को एक बार फिर सामने ला दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

झारखंड और असम जैसे राज्यों से दूसरे प्रदेशों में जाने वाले प्रवासी मजदूर कितने असुरक्षित हैं — खासकर खाद्य प्रसंस्करण और रसायन-आधारित उद्योगों में। ₹4 लाख की अनुग्रह राशि तात्कालिक राहत है, लेकिन असली सवाल यह है कि अंतरराज्यीय प्रवासी मजदूर अधिनियम के तहत नियोक्ताओं की जवाबदेही कब तय होगी। कार्यस्थल पर अमोनिया जैसी खतरनाक गैसों के रखरखाव और सुरक्षा प्रोटोकॉल की नियमित जाँच न होना इस त्रासदी की जड़ में है — और यह पहली बार नहीं है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तिरुवल्लुर गैस लीक हादसे में क्या हुआ?
तमिलनाडु के तिरुवल्लुर जिले में पेरियापलायम के पास एक सीफूड एक्सपोर्ट प्रोसेसिंग यूनिट में अमोनिया गैस रिसाव हुआ, जिसमें कम से कम 6 मजदूरों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। घटना के समय करीब 120 कामगार फैक्ट्री परिसर में मौजूद थे, जिनमें असम, ओडिशा और झारखंड की महिलाएँ शामिल थीं।
ओडिशा सरकार ने पीड़ित परिवारों के लिए क्या घोषणा की?
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 22 जून को घोषणा की कि इस हादसे में जान गंवाने वाले ओडिशावासी मजदूरों के आश्रितों को ₹4 लाख की अनुग्रह राशि दी जाएगी। इसके अलावा घायल मजदूरों को भी हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है।
ओडिशा सरकार ने तमिलनाडु में राहत के लिए क्या कदम उठाए?
मुख्यमंत्री के निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारियों की तीन सदस्यीय टीम तिरुवल्लुर भेजी गई है। ओडिशा के मुख्य सचिव अनु गर्ग ने तमिलनाडु की मुख्य सचिव से बातचीत कर घायलों के उचित इलाज और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
गैस रिसाव कहाँ से शुरू हुआ और इसके क्या लक्षण थे?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध अमोनिया रिसाव यूनिट के रेफ्रिजरेशन या प्रोसेसिंग सिस्टम से शुरू हुआ और तेजी से परिसर में फैल गया। प्रभावित मजदूरों को सांस लेने में गंभीर कठिनाई, चक्कर आना और जलन जैसे लक्षण महसूस हुए।
इस हादसे में कितने राज्यों के मजदूर प्रभावित हुए?
हादसे में असम, ओडिशा और झारखंड के मजदूर प्रभावित हुए। घटना के समय इन तीनों राज्यों की महिलाओं समेत करीब 120 कामगार फैक्ट्री में काम कर रहे थे।
राष्ट्र प्रेस
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