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चीनी राजदूत शू फेइहोंग बोले — पाकिस्तान और भारत दोनों 'हमारे बेहद खास पड़ोसी', बातचीत से सुलझाएं मतभेद

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चीनी राजदूत शू फेइहोंग बोले — पाकिस्तान और भारत दोनों 'हमारे बेहद खास पड़ोसी', बातचीत से सुलझाएं मतभेद

सारांश

चीनी राजदूत शू फेइहोंग ने पाकिस्तान को भारत-चीन संबंधों में 'रुकावट' बताने वाले सवाल को दरकिनार करते हुए कहा कि दोनों देश चीन के 'बेहद खास पड़ोसी' हैं। उन्होंने भारत-पाकिस्तान को बातचीत की सलाह दी और भारत-चीन व्यापार में 12% से अधिक की वृद्धि के आँकड़े साझा किए।

मुख्य बातें

भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने 8 जून 2026 को कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों चीन के 'बेहद खास पड़ोसी' हैं।
फेइहोंग ने भारत और पाकिस्तान को बातचीत के जरिए मतभेद सुलझाने की सलाह दी, कहा — 'भौगोलिक रूप से आप एक-दूसरे से अलग नहीं हो सकते।' भारत-चीन द्विपक्षीय व्यापार 155.6 अरब डॉलर तक पहुँचा, साल-दर-साल 12% से अधिक वृद्धि।
चीन को भारत का निर्यात 9.7% बढ़ा।
राजदूत ने चीन के वैश्विक दृष्टिकोण की तुलना भारत के 'वसुधैव कुटुम्बकम' की अवधारणा से की।

भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने 8 जून 2026 को भारत-पाकिस्तान-चीन त्रिकोणीय संबंधों पर महत्वपूर्ण बयान दिया। एक मीडिया कार्यक्रम में जब उनसे पूछा गया कि क्या पाकिस्तान, भारत और चीन के बीच संबंध सुधार में बाधा बन रहा है, तो फेइहोंग ने स्पष्ट किया कि चीन अपने सभी पड़ोसी देशों को समान महत्व देता है और भारत-पाकिस्तान को वार्ता के जरिए मतभेद दूर करने की सलाह दी।

राजदूत का बयान: पड़ोसी सबसे खास

मीडिया कार्यक्रम में राजदूत शू फेइहोंग ने कहा, 'आप जानते हैं, चीन अपने पड़ोसी देशों के साथ अपने संबंधों को ज्यादा अहमियत देता है। दुश्मनी, ईमानदारी, आपसी फायदे और सबको साथ लेकर चलने के उसूलों पर चलते हुए, चीन दक्षिण एशिया के देशों समेत सभी पड़ोसी देशों के साथ अपने सहयोग और दोस्ताना संबंध बनाए रखता है। पाकिस्तान और भारत एक-दूसरे के पड़ोसी हैं और चीन के भी पड़ोसी हैं।' उन्होंने यह बयान अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किए गए एक वीडियो में भी दोहराया।

भारत-पाकिस्तान को बातचीत की सलाह

राजदूत फेइहोंग ने आगे कहा, 'हम बस उम्मीद करते हैं कि भारत और पाकिस्तान बातचीत से अपने मतभेदों का हल निकालेंगे, क्योंकि भौगोलिक रूप से आप इसे एक-दूसरे से कभी अलग नहीं कर सकते। हमारे दोनों देशों के बीच अच्छे संबंधों से दोनों देशों के लोगों को फायदा होगा और यह इस इलाके की शांति, विकास और खुशहाली बनाए रखने में भी मदद करेगा।' उन्होंने स्पष्ट किया कि चीन भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत के जरिए सभी मतभेदों को सुलझाने का समर्थन करता है।

भारत-चीन व्यापार नई ऊँचाई पर

राजदूत शू फेइहोंग के अनुसार, चीन और भारत के बीच द्विपक्षीय व्यापार 155.6 अरब डॉलर तक पहुँच गया है, जो साल-दर-साल 12% से अधिक की वृद्धि है। इसके साथ ही चीन को भारत का निर्यात 9.7% बढ़ा है। उन्होंने इन आँकड़ों को दोनों बड़ी एशियाई अर्थव्यवस्थाओं के बीच आर्थिक सहयोग की व्यापक संभावनाओं का प्रमाण बताया। गौरतलब है कि इससे पहले भी फेइहोंग कह चुके हैं कि 'भारत और चीन के बीच संबंध सुधार के नए स्तर पर पहुँच रहे हैं और आर्थिक-व्यापारिक सहयोग नई ऊँचाइयों पर है।'

बदलते वैश्विक परिदृश्य में चीन का झुकाव

यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं और चीन अमेरिका के साथ रणनीतिक प्रतिस्पर्धा में है। विश्लेषकों के अनुसार, इस बदलते विश्व व्यवस्था में चीन का भारत की ओर बढ़ता रुझान कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। राजदूत फेइहोंग ने यह भी कहा कि चीन का 'बेहतर मेलजोल वाली दुनिया' का दृष्टिकोण भारत के 'वसुधैव कुटुम्बकम — दुनिया एक परिवार' की अवधारणा से मेल खाता है।

आगे की राह

चीनी राजदूत के इस बयान को भारत-चीन संबंधों के सामान्यीकरण की दिशा में एक और कूटनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भारत सरकार इस बयान पर किस प्रकार की प्रतिक्रिया देती है और क्या दोनों देशों के बीच संवाद का यह सिलसिला ठोस नीतिगत कदमों में बदल पाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो वास्तव में बीजिंग की दोहरी कूटनीति को बनाए रखने की रणनीति है। गौरतलब है कि चीन एक ओर भारत के साथ व्यापारिक संबंध सुधार रहा है, वहीं पाकिस्तान में CPEC के जरिए अरबों डॉलर का निवेश जारी है। 155.6 अरब डॉलर के व्यापार आँकड़े प्रभावशाली हैं, लेकिन व्यापार असंतुलन और सीमा विवाद जैसे मूल मुद्दे अनसुलझे हैं। 'वसुधैव कुटुम्बकम' की तुलना चीन की छवि-निर्माण की कोशिश है, जिसे भारतीय नीति-निर्माताओं को सावधानी से परखना होगा।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीनी राजदूत शू फेइहोंग ने पाकिस्तान के बारे में क्या कहा?
राजदूत शू फेइहोंग ने कहा कि पाकिस्तान और भारत दोनों चीन के 'बेहद खास पड़ोसी' हैं और चीन किसी एक को दूसरे से ऊपर नहीं रखता। उन्होंने पाकिस्तान को भारत-चीन संबंधों में 'रुकावट' बताने वाले सवाल को सीधे खारिज किया।
भारत-चीन व्यापार अभी किस स्तर पर है?
राजदूत फेइहोंग के अनुसार, भारत-चीन द्विपक्षीय व्यापार 155.6 अरब डॉलर तक पहुँच गया है, जो साल-दर-साल 12% से अधिक की वृद्धि है। इसके साथ ही चीन को भारत का निर्यात 9.7% बढ़ा है।
चीन ने भारत-पाकिस्तान तनाव पर क्या रुख अपनाया है?
चीन ने भारत और पाकिस्तान दोनों को बातचीत के जरिए मतभेद सुलझाने की सलाह दी है। राजदूत फेइहोंग ने कहा कि दोनों देश भौगोलिक रूप से एक-दूसरे से अलग नहीं हो सकते, इसलिए संवाद ही एकमात्र रास्ता है।
चीन के 'बेहतर मेलजोल वाली दुनिया' के दृष्टिकोण की भारत से तुलना क्यों की गई?
राजदूत फेइहोंग ने कहा कि चीन का वैश्विक दृष्टिकोण भारत के 'वसुधैव कुटुम्बकम — दुनिया एक परिवार' की अवधारणा से मेल खाता है। यह तुलना दोनों देशों के बीच साझा मूल्यों को रेखांकित करने की कूटनीतिक कोशिश के रूप में देखी जा रही है।
भारत-चीन संबंध अभी किस दिशा में जा रहे हैं?
रिपोर्टों के अनुसार, भारत-चीन संबंध सुधार के नए स्तर पर पहुँच रहे हैं — सभी स्तरों पर संवाद बढ़ा है और आर्थिक-व्यापारिक सहयोग नई ऊँचाइयों पर है। हालाँकि, सीमा विवाद और व्यापार असंतुलन जैसे मुद्दे अभी भी द्विपक्षीय संबंधों की जटिलता बनाए हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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