ब्रिटेन में चीनी कार ब्रांड का तेज विस्तार, EV तकनीक और डिज़ाइन में बढ़त: बर्मिंघम विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ
सारांश
मुख्य बातें
ब्रिटेन के बर्मिंघम विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर और ऑटोमोटिव उद्योग विशेषज्ञ डेविड बेली के अनुसार, चीनी कार ब्रांड ब्रिटेन के बाज़ार में तेज़ी से अपनी उपस्थिति बढ़ा रहे हैं और ब्रिटिश उपभोक्ताओं के बीच उनकी स्वीकार्यता लगातार मज़बूत हो रही है। बेली ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले वर्षों में चीन-ब्रिटेन ऑटोमोटिव सहयोग और गहरा हो सकता है।
EV तकनीक में चीनी निर्माताओं की बढ़त
प्रोफेसर बेली ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन (EV) प्रौद्योगिकी, बैटरी प्रदर्शन और उत्पाद के पुनरावृत्तीय उन्नयन में चीनी ऑटोमोबाइल निर्माताओं के स्पष्ट लाभ हैं। उनके अनुसार, इससे ब्रिटिश उपभोक्ताओं को कार खरीदने के कहीं अधिक विविध विकल्प मिल रहे हैं।
उन्होंने रेखांकित किया कि चीनी इलेक्ट्रिक वाहन अब केवल किफ़ायती कीमत के कारण नहीं, बल्कि अपनी समग्र क्षमताओं के बल पर भी प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। इनमें बैटरी जीवनकाल, इन-व्हीकल सॉफ्टवेयर सिस्टम और वाहन डिज़ाइन में निरंतर सुधार शामिल हैं।
उपभोक्ताओं की बदलती धारणा
बेली के अनुसार, ब्रिटिश उपभोक्ताओं की नज़र में चीनी कार ब्रांड अब महज़ 'सस्ते विकल्प' नहीं रहे। उन्होंने कहा, 'चीनी उत्पादों की विश्वसनीयता को व्यापक मान्यता मिल चुकी है।' यह बदलाव उल्लेखनीय है, क्योंकि एक दशक पहले तक यूरोपीय बाज़ारों में चीनी वाहनों को गुणवत्ता के मामले में संदेह की दृष्टि से देखा जाता था।
गौरतलब है कि यह विश्लेषण ऐसे समय में आया है जब यूरोपीय संघ ने चीनी EV पर अतिरिक्त शुल्क लगाए हैं, जबकि ब्रिटेन — EU से बाहर होने के कारण — अभी इस मामले में अपेक्षाकृत खुली नीति बनाए हुए है।
चीन-ब्रिटेन ऑटोमोटिव सहयोग की संभावनाएँ
बेली का मानना है कि चीन और ब्रिटेन के ऑटोमोटिव उद्योग निवेश, वाहन निर्माण और आपूर्ति श्रृंखला विकास सहित कई क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा कर सकते हैं। उनके अनुसार, दोनों पक्ष ब्रिटेन में वाहन असेंबली और संयुक्त उत्पादन परियोजनाओं पर मिलकर काम कर सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह का सहयोग न केवल ब्रिटेन को अपने इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के रूपांतरण में मदद करेगा, बल्कि स्थानीय ऑटोमोटिव आपूर्ति श्रृंखला के उन्नयन को भी गति देगा।
आगे क्या होगा
विशेषज्ञों के अनुसार, जैसे-जैसे चीनी ऑटोमोबाइल निर्माता वैश्विक स्तर पर अपना विस्तार बढ़ा रहे हैं, ब्रिटेन एक अहम बाज़ार के रूप में उभर रहा है। ब्रिटेन की 2035 तक पेट्रोल-डीज़ल वाहनों की बिक्री बंद करने की नीति को देखते हुए, EV क्षेत्र में चीनी ब्रांडों की सक्रियता आने वाले वर्षों में और बढ़ने की संभावना है।