रेबेका ग्रिन्सपैन बन सकती हैं यूएन की पहली महिला महासचिव, सुरक्षा परिषद स्ट्रॉ पोल में मिले 10 वोट
सारांश
मुख्य बातें
कोस्टा रिका की वरिष्ठ राजनयिक और पूर्व उपराष्ट्रपति रेबेका ग्रिन्सपैन संयुक्त राष्ट्र (UN) की अगली महासचिव बनने की दौड़ में सबसे मजबूत दावेदार के रूप में उभरी हैं। यदि वे इस पद पर चुनी जाती हैं, तो वे संयुक्त राष्ट्र के 79 वर्षों के इतिहास में पहली महिला महासचिव होंगी। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के शुरुआती गोपनीय 'स्ट्रॉ पोल' में उन्हें 15 में से 10 समर्थन मिले हैं।
स्ट्रॉ पोल में ग्रिन्सपैन की बढ़त
सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यों के बीच हुए प्रारंभिक गोपनीय मतदान में ग्रिन्सपैन को 10 समर्थन, 4 तटस्थ और केवल 1 विरोध मिला। उनकी प्रमुख प्रतिद्वंद्वी, गुयाना की पूर्व संयुक्त राष्ट्र राजदूत कैरोलिन रोड्रिग्स-बर्केट, को 9 समर्थन, 4 तटस्थ और 2 विरोधी वोट मिले। दौड़ में चिली की पूर्व राष्ट्रपति मिशेल बाचेलेट का नाम भी शामिल है, हालांकि उन्हें कथित तौर पर अमेरिका के विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार अंतिम परिणाम अभी अनिश्चित है। द गार्डियन ने एक पश्चिमी राजनयिक के हवाले से बताया कि निर्णायक प्रश्न यह होगा कि विरोध के वोट सुरक्षा परिषद के किन स्थायी सदस्यों — अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन या फ्रांस — से आते हैं। यदि कोई भी स्थायी सदस्य किसी उम्मीदवार का विरोध करता है, तो वीटो की संभावना पूरी प्रक्रिया को गतिरोध में डाल सकती है।
क्षेत्रीय व्यवस्था और लैटिन अमेरिका की बारी
संयुक्त राष्ट्र में दशकों से चली आ रही अनौपचारिक क्षेत्रीय रोटेशन व्यवस्था के तहत इस बार लैटिन अमेरिका से महासचिव आने की उम्मीद है। वर्तमान महासचिव अंतोनियो गुटेरेस का दूसरा कार्यकाल 31 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। नए महासचिव का चयन 2026 के अंत तक किए जाने का लक्ष्य है।
ग्रिन्सपैन की पृष्ठभूमि और ऐतिहासिक महत्व
ग्रिन्सपैन वर्तमान में यूएनसीटीएडी (UNCTAD) की महासचिव के पद पर कार्यरत हैं। उनके माता-पिता द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पोलैंड से मध्य अमेरिका पहुँचे थे, और उनके नाना-नानी में से एक जोड़े की नाज़ी शासन के दौरान हत्या कर दी गई थी। यदि वे चुनी जाती हैं, तो वे संयुक्त राष्ट्र की पहली यहूदी महासचिव भी होंगी।
महासभा में एक संबोधन में उन्होंने कहा था कि उनके माता-पिता द्वितीय विश्व युद्ध के शरणार्थी थे और कोस्टा रिका में उन्हें सम्मान और गरिमा के साथ जीवन मिला। उनके अनुसार, वे इस बात का उदाहरण हैं कि शांति क्या संभव बना सकती है। उनकी बहन किशोरावस्था में इजरायल चली गई थीं, जहाँ उन्होंने हिब्रू यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की, और उनके भांजे-भांजी ने इजरायल की अनिवार्य सैन्य सेवा भी पूरी की है।
फिलिस्तीन मुद्दे पर यूएनसीटीएडी की रिपोर्ट
गाजा युद्ध और इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष के बीच ग्रिन्सपैन के नेतृत्व में यूएनसीटीएडी ने इजरायल के कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों पर आर्थिक प्रभाव का विस्तृत आकलन प्रकाशित किया है। फरवरी 2026 की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2000 से 2024 के बीच फिलिस्तीनी अर्थव्यवस्था को अनुमानित $212.2 अरब का नुकसान हुआ, जिसे कब्जे की नीतियों, प्रतिबंधों और बार-बार होने वाले सैन्य अभियानों से जोड़ा गया। यह आकलन उनकी निष्पक्षता और पेशेवर साख दोनों को रेखांकित करता है।
चयन प्रक्रिया और आगे की राह
महासचिव के चयन में पहले सुरक्षा परिषद किसी उम्मीदवार की सिफारिश करती है, जिसके बाद 193 सदस्यीय महासभा उसका अनुमोदन करती है। सुरक्षा परिषद में उम्मीदवार को कम से कम 9 वोट और किसी भी स्थायी सदस्य का वीटो न मिलना अनिवार्य है। आगे और दौर की चर्चा और मतदान होने हैं। यह ऐतिहासिक चुनाव तय करेगा कि क्या संयुक्त राष्ट्र अपने अस्तित्व के आठवें दशक में पहली बार किसी महिला के नेतृत्व में काम करेगा।