संयुक्त राष्ट्र महासचिव चुनाव: सुरक्षा परिषद ने सात उम्मीदवारों पर 'स्ट्रॉ पोल' शुरू किया
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 30 जुलाई 2026 को अगले यूएन महासचिव के चयन की औपचारिक प्रक्रिया का आगाज़ करते हुए सात उम्मीदवारों पर एक प्रारंभिक 'स्ट्रॉ पोल' संपन्न कराया। इस मतदान का उद्देश्य यह जानना है कि किस उम्मीदवार को परिषद के सदस्यों का कितना समर्थन हासिल है और कौन किसी स्थायी सदस्य के वीटो से टकरा सकता है।
मतदान प्रक्रिया और गोपनीयता
सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष जेनॉन मुकोंगो नगाय — जो कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) के स्थायी प्रतिनिधि हैं और इस महीने परिषद की अध्यक्षता संभाल रहे हैं — ने बताया कि परिषद ने इस प्रारंभिक मतदान के नतीजे सार्वजनिक न करने का निर्णय लिया है। मतदान के परिणाम उम्मीदवारों को नामित करने वाले देशों के मिशनों और महासभा की अध्यक्ष एनालेना बेयरबॉक को भेजे जाएंगे।
नगाय ने स्पष्ट किया कि मतपत्र में प्रत्येक उम्मीदवार के लिए तीन विकल्प थे: एनकरेज (प्रोत्साहित करें), डिसकरेज (हतोत्साहित करें), और नो ओपिनियन (कोई राय नहीं)।
स्ट्रॉ पोल की प्रक्रिया कैसे काम करती है
यह 'स्ट्रॉ पोल' कई चरणों में होने वाले मतदान की एक क्रमबद्ध श्रृंखला का पहला पड़ाव है। यह प्रक्रिया तब तक जारी रहेगी जब तक कोई ऐसा उम्मीदवार सामने नहीं आता जिसे सुरक्षा परिषद के पाँचों स्थायी सदस्य — अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस — स्वीकार कर लें। गौरतलब है कि शुरुआती चरण पूरी तरह गुप्त होते हैं, जबकि बाद के चरणों में स्थायी सदस्यों के वोट अलग से दिखाए जाते हैं — हालाँकि यह नहीं बताया जाता कि कौन-सा वोट किस देश ने दिया।
सात उम्मीदवार कौन हैं
मैदान में उतरे सात उम्मीदवारों में से चार के पास संयुक्त राष्ट्र संगठनों में सीधे नेतृत्व का अनुभव है:
राफेल ग्रॉसी (अर्जेंटीना) — अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के वर्तमान प्रमुख। मिशेल बैचेलेट (चिली) — चिली की पूर्व राष्ट्रपति और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त की पूर्व पदधारी। रेबेका ग्रिनस्पैन (कोस्टा रिका) — संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास संगठन (यूएनसीटीएडी) की प्रमुख और कोस्टा रिका की पूर्व उपराष्ट्रपति। ओलारा ओटुन्नू (युगांडा) — संयुक्त राष्ट्र के पूर्व अवर महासचिव, युगांडा के पूर्व विदेश मंत्री और सुरक्षा परिषद के पूर्व अध्यक्ष।
अन्य तीन उम्मीदवारों में मारिया फर्नांडा एस्पिनोसा (इक्वाडोर) — संयुक्त राष्ट्र महासभा की पूर्व अध्यक्ष और इक्वाडोर की पूर्व विदेश मंत्री — शामिल हैं। इसके अलावा कैरोलिन रोड्रिग्स-बिर्केट (गुयाना) — गुयाना की पूर्व विदेश मंत्री — और मैकी सैल (सेनेगल) — सेनेगल के पूर्व राष्ट्रपति — भी दौड़ में हैं।
खुली चर्चा और अब तक की भागीदारी
सभी उम्मीदवारों को महासभा के तत्वावधान में राजनयिकों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों के साथ लगभग तीन घंटे की खुली चर्चा में हिस्सा लेना होता है। अब तक ग्रिनस्पैन, बैचेलेट, ग्रॉसी, एस्पिनोसा और रोड्रिग्स-बिर्केट इन संवादों में अपने विचार और कार्ययोजनाएँ प्रस्तुत कर चुके हैं। ओटुन्नू ने पिछले सप्ताह ही अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की है, इसलिए उनकी चर्चा अभी शेष है।
आगे क्या होगा
अंतिम चुनाव तक और उम्मीदवार मैदान में आ सकते हैं। अंततः 193 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र महासभा सुरक्षा परिषद द्वारा अनुशंसित उम्मीदवार को औपचारिक मंजूरी देगी। यह ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर में यह माँग तेज़ी से मज़बूत हो रही है कि संयुक्त राष्ट्र के 80 साल के इतिहास में पहली बार महासचिव पद किसी महिला को मिले — और इस बार के उम्मीदवारों की सूची में महिलाओं की उल्लेखनीय उपस्थिति इस भावना को बल देती है।