यूएन महासचिव की दौड़: रेबेका ग्रिनस्पैन पहले स्ट्रॉ पोल में सबसे आगे, रोड्रिग्स-बिर्केट दूसरे स्थान पर
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पहले अनौपचारिक स्ट्रॉ पोल में संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन (यूएनसीटीएडी) की महासचिव रेबेका ग्रिनस्पैन सबसे आगे रहीं। राजनयिक सूत्रों के अनुसार, 31 जुलाई 2026 को हुए इस गुप्त मतदान में ग्रिनस्पैन को 10 सकारात्मक, 1 नकारात्मक और 4 तटस्थ वोट मिले। गुयाना की पूर्व विदेश मंत्री कैरोलिन रोड्रिग्स-बिर्केट 9 सकारात्मक, 2 नकारात्मक और 4 तटस्थ वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं।
मतदान प्रक्रिया और परिणाम
15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद में यह स्ट्रॉ पोल गुरुवार को आयोजित किया गया। मतपत्र में प्रत्येक उम्मीदवार के लिए तीन विकल्प थे — 'प्रोत्साहित करें', 'हतोत्साहित करें' और 'कोई राय नहीं'। परिषद अध्यक्ष जेनॉन मुकोंगो ने परिणाम सार्वजनिक करने से इनकार किया, परंतु राजनयिकों ने समाचार माध्यमों को मतगणना की जानकारी दी। यह आंकड़े नागरिक समाज संगठनों के गठबंधन 1 फॉर 8 बिलियन (1F8B) द्वारा संकलित किए गए थे, जो निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया के लिए अभियान चला रहा है।
अन्य उम्मीदवारों की स्थिति
अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी (अर्जेंटीना) तीसरे स्थान पर रहे। उन्हें 2 नकारात्मक वोट मिले — कथित तौर पर इसलिए क्योंकि उन्होंने यूक्रेन के जापोरिज्जिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर रूसी हमलों की आलोचना की थी और ईरान की परमाणु क्षमता के मुद्दे पर अमेरिका से सार्वजनिक रूप से असहमति जताई थी।
चिली की पूर्व राष्ट्रपति और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बैचलेट को 5 नकारात्मक वोट मिले — सात उम्मीदवारों में सर्वाधिक। उन्होंने रूस, चीन और इज़रायल सहित कई देशों के मानवाधिकार रिकॉर्ड की आलोचना की थी, जिसके कारण इन देशों की कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई।
अपने देश सेनेगल के आधिकारिक समर्थन के बिना चुनाव लड़ रहे पूर्व राष्ट्रपति मैकी सैल चौथे स्थान पर रहे। महासभा की पूर्व अध्यक्ष मारिया फर्नांडा एस्पिनोसा को केवल 2 नकारात्मक वोट मिले, जबकि 8 सदस्यों ने 'कोई राय नहीं' का विकल्प चुना — जिससे उनके पास समर्थन बढ़ाने की संभावना बनी हुई है। पूर्व अवर महासचिव ओलारा ओतुनु (युगांडा), जिन्होंने पिछले सप्ताह ही उम्मीदवारी की घोषणा की थी, अंतिम स्थान पर रहे।
महिला और लैटिन अमेरिकी प्रतिनिधित्व की मांग
गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र के 80 वर्षों के इतिहास में अभी तक कोई महिला महासचिव नहीं बनी है, और इस बार यह मांग जोर पकड़ रही है। ग्रिनस्पैन, रोड्रिग्स-बिर्केट और एस्पिनोसा — तीनों महिला उम्मीदवार हैं और तीनों लैटिन अमेरिका से हैं। यह ऐसे समय में आया है जब 1991 में जेवियर पेरेज दे कुएलार के पद छोड़ने के बाद से 35 वर्षों से इस क्षेत्र से कोई व्यक्ति महासचिव पद पर नहीं रहा है।
आगे की प्रक्रिया
स्ट्रॉ पोल तब तक जारी रहेंगे जब तक पाँच स्थायी सदस्यों — अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस — की आम सहमति से कोई एक उम्मीदवार सामने नहीं आ जाता। अंतिम दौर में स्थायी सदस्यों को रंग-कोडेड मतपत्र दिए जाते हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि किस उम्मीदवार को वीटो का सामना करना पड़ सकता है। परिषद द्वारा चयनित उम्मीदवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा, जो परंपरागत रूप से परिषद की सिफारिश को मंजूरी देती है।