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UNSC में किर्गिस्तान समेत 5 देश गैर-स्थायी सदस्य चुने गए, 1 जनवरी 2027 से कार्यकाल शुरू

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UNSC में किर्गिस्तान समेत 5 देश गैर-स्थायी सदस्य चुने गए, 1 जनवरी 2027 से कार्यकाल शुरू

सारांश

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की पाँच गैर-स्थायी सीटों के लिए हुए चुनाव में ऑस्ट्रिया, पुर्तगाल, त्रिनिदाद-टोबैगो और जिम्बाब्वे पहले ही दौर में जीत गए, जबकि किर्गिस्तान ने तीन अतिरिक्त दौर के बाद फिलीपींस को हराकर पहली बार सीट हासिल की। ये देश 1 जनवरी 2027 से दो वर्ष के लिए परिषद में रहेंगे।

मुख्य बातें

ऑस्ट्रिया , किर्गिस्तान , पुर्तगाल , त्रिनिदाद और टोबैगो तथा जिम्बाब्वे UNSC के नए गैर-स्थायी सदस्य चुने गए।
कार्यकाल 1 जनवरी 2027 से 31 दिसंबर 2028 तक रहेगा।
किर्गिस्तान पहली बार सुरक्षा परिषद का सदस्य बना; उसने तीन दौर की वोटिंग के बाद फिलीपींस को हराया।
ये देश डेनमार्क , ग्रीस , पाकिस्तान , पनामा और सोमालिया की जगह लेंगे।
गैर-स्थायी सीट जीतने के लिए महासभा में दो-तिहाई बहुमत — यानी सभी 193 सदस्यों के मतदान पर कम से कम 129 वोट — आवश्यक हैं।

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने बुधवार को ऑस्ट्रिया, किर्गिस्तान, पुर्तगाल, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा जिम्बाब्वे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) का गैर-स्थायी सदस्य चुना। ये पाँचों देश 1 जनवरी 2027 से अपनी सीट संभालेंगे और 31 दिसंबर 2028 तक दो वर्षों के कार्यकाल के लिए परिषद में बने रहेंगे।

मुख्य घटनाक्रम

नए चुने गए सदस्य डेनमार्क, ग्रीस, पाकिस्तान, पनामा और सोमालिया की जगह लेंगे, जिनका मौजूदा कार्यकाल समाप्त हो रहा है। यह पहला अवसर है जब किर्गिस्तान सुरक्षा परिषद का सदस्य बनेगा — मध्य एशियाई देश के लिए यह एक ऐतिहासिक कूटनीतिक उपलब्धि मानी जा रही है।

वोटिंग की प्रक्रिया

रिपोर्टों के अनुसार इस बार पाँच सीटों के लिए कुल सात उम्मीदवार मैदान में थे। ऑस्ट्रिया, पुर्तगाल, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा जिम्बाब्वे पहले ही दौर की वोटिंग में चुन लिए गए। एशिया-प्रशांत समूह की सीट के लिए कड़ा मुक़ाबला रहा, जहाँ तीन अतिरिक्त दौर की मतदान प्रक्रिया के बाद किर्गिस्तान ने फिलीपींस को हराकर सीट हासिल की।

गैर-स्थायी सीट जीतने के लिए किसी भी उम्मीदवार देश को महासभा में मौजूद और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई वोट हासिल करने होते हैं। यदि सभी 193 सदस्य मौजूद हों और मतदान करें, तो जीत के लिए कम से कम 129 वोट आवश्यक होते हैं।

परिषद की संरचना

सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य होते हैं, जिनमें ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, रूस और अमेरिका पाँच स्थायी सदस्य हैं। शेष दस गैर-स्थायी सीटें भौगोलिक क्षेत्रों के आधार पर वितरित की जाती हैं, और हर साल इनमें से पाँच पर नए चुनाव होते हैं।

नए चुने गए पाँच देश अफ्रीकी समूह, एशिया-प्रशांत समूह, लैटिन अमेरिकी एवं कैरेबियाई समूह तथा पश्चिमी यूरोपीय व अन्य देशों के समूह का प्रतिनिधित्व करते हैं। पूर्वी यूरोपीय समूह की सीट इस बार चुनाव में शामिल नहीं थी, क्योंकि उस पर फ़िलहाल लातविया 2027 तक सदस्य है और वह सीट हर दूसरे वर्ष चुनाव के लिए आती है।

क्यों मायने रखता है

सुरक्षा परिषद को संयुक्त राष्ट्र का सबसे शक्तिशाली निकाय माना जाता है, जिसका मुख्य दायित्व वैश्विक शांति और सुरक्षा बनाए रखना है। यह कानूनी रूप से बाध्यकारी प्रस्ताव पारित कर सकती है, प्रतिबंध लगा सकती है और आवश्यकता पड़ने पर बल प्रयोग की अनुमति भी दे सकती है। गौरतलब है कि पाकिस्तान का बाहर होना और किर्गिस्तान का पहली बार प्रवेश एशियाई कूटनीतिक संतुलन में एक उल्लेखनीय बदलाव का संकेत है।

आगे क्या

नवनिर्वाचित सदस्य 1 जनवरी 2027 से औपचारिक रूप से कार्यभार संभालेंगे। आने वाले महीनों में परिषद की प्राथमिकताओं — यूक्रेन, ग़ज़ा और सूडान जैसे संघर्षों — पर इन देशों के रुख पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि इससे एशिया-प्रशांत समूह के भीतर शक्ति-संतुलन के पुनर्निर्धारण का संकेत मिलता है। साथ ही, पाकिस्तान का परिषद से बाहर होना भारत के लिए कूटनीतिक राहत है, जो हाल के महीनों में सीमा-पार आतंकवाद जैसे मुद्दों पर पाकिस्तानी सक्रियता का सामना कर रहा था। परंतु असली प्रश्न यह है कि क्या ये नए सदस्य परिषद के स्थायी पाँच के वीटो-केंद्रित ढाँचे को चुनौती दे पाएँगे — इतिहास बताता है कि गैर-स्थायी सदस्यों का प्रभाव अक्सर प्रतीकात्मक ही रहा है।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

UNSC के नए गैर-स्थायी सदस्य कौन-से देश चुने गए हैं?
ऑस्ट्रिया, किर्गिस्तान, पुर्तगाल, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा जिम्बाब्वे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का नया गैर-स्थायी सदस्य चुना गया है। ये पाँचों देश दो वर्ष के कार्यकाल के लिए परिषद में रहेंगे।
नए सदस्य कब से अपना कार्यकाल शुरू करेंगे?
पाँचों नवनिर्वाचित देश 1 जनवरी 2027 से अपनी सीट संभालेंगे और 31 दिसंबर 2028 तक परिषद के सदस्य रहेंगे। वे डेनमार्क, ग्रीस, पाकिस्तान, पनामा और सोमालिया की जगह लेंगे।
किर्गिस्तान का चुनाव क्यों ख़ास माना जा रहा है?
यह पहली बार है जब किर्गिस्तान सुरक्षा परिषद का सदस्य बनेगा, जो मध्य एशियाई देश के लिए ऐतिहासिक कूटनीतिक उपलब्धि है। उसने तीन अतिरिक्त दौर की कड़ी वोटिंग के बाद फिलीपींस को हराकर एशिया-प्रशांत समूह की सीट हासिल की।
UNSC गैर-स्थायी सीट जीतने के लिए कितने वोट चाहिए?
किसी भी उम्मीदवार देश को महासभा में मौजूद और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई वोट चाहिए। यदि सभी 193 सदस्य मतदान करें, तो जीत के लिए न्यूनतम 129 वोट आवश्यक होते हैं।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की संरचना क्या है?
परिषद में कुल 15 सदस्य होते हैं, जिनमें ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, रूस और अमेरिका पाँच स्थायी सदस्य हैं। शेष दस गैर-स्थायी सीटें भौगोलिक क्षेत्रों के आधार पर वितरित होती हैं और हर साल पाँच पर नए चुनाव होते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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