13 अगस्त 2026
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दक्षिण कोरिया की परमाणु पनडुब्बी योजना पर उत्तर कोरिया की पहली आधिकारिक चेतावनी

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दक्षिण कोरिया की परमाणु पनडुब्बी योजना पर उत्तर कोरिया की पहली आधिकारिक चेतावनी

सारांश

दक्षिण कोरिया की परमाणु पनडुब्बी योजना पर उत्तर कोरिया ने पहली बार आधिकारिक चेतावनी दी है। प्योंगयांग इसे परमाणुकरण की दिशा में कदम मान रहा है, जबकि सोल इसे NPT-अनुरूप रक्षात्मक कार्यक्रम बता रहा है — और यह विवाद कोरियाई प्रायद्वीप में रूस-चीन के साथ उत्तर कोरिया के बढ़ते रणनीतिक समन्वय की पृष्ठभूमि में उभरा है।

मुख्य बातें

उत्तर कोरिया ने 13 अगस्त 2025 को पहली बार दक्षिण कोरिया की परमाणु पनडुब्बी योजना पर आधिकारिक बयान दिया।
उपमंत्री जांग कुम-चोल ने सोल के कदम को परमाणु हथियार हासिल करने की दिशा में बढ़ता कदम बताया।
दक्षिण कोरिया ने स्पष्ट किया कि पनडुब्बियाँ परंपरागत हथियारों से लैस होंगी और कार्यक्रम NPT के अनुरूप है।
IAEA के साथ पारदर्शी परामर्श जारी रखने की बात सोल ने कही।
दक्षिण कोरियाई अधिकारियों के अनुसार, इस बयान में रूस और चीन के साथ प्योंगयांग की बढ़ती रणनीतिक समानता झलकती है।

उत्तर कोरिया ने 13 अगस्त 2025 को पहली बार आधिकारिक रूप से दक्षिण कोरिया की परमाणु ऊर्जा-चालित पनडुब्बी निर्माण योजना पर कड़ी आपत्ति जताई है। उत्तर कोरियाई विदेश मंत्रालय के प्रथम उपमंत्री जांग कुम-चोल ने कहा कि सोल का यह कदम परमाणु हथियार हासिल करने की दिशा में बढ़ता कदम है और अमेरिका-दक्षिण कोरिया पनडुब्बी सहयोग कोरियाई प्रायद्वीप की स्थिरता के लिए सीधा खतरा है।

उत्तर कोरिया की आधिकारिक प्रतिक्रिया

कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) ने बुधवार को यह बयान जारी किया। दक्षिण कोरियाई एकीकरण मंत्रालय ने पुष्टि की कि यह इस मुद्दे पर प्योंगयांग का पहला आधिकारिक वक्तव्य है। उत्तर कोरिया ने दावा किया कि उसने ऐसी सैन्य क्षमता विकसित की है जो मौजूदा और भविष्य के संभावित खतरों को निष्प्रभावी करने में सक्षम है।

यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब प्योंगयांग एक साथ जापान की परमाणु नीति और दक्षिण कोरिया-अमेरिका-जापान के बढ़ते त्रिपक्षीय सुरक्षा सहयोग की भी आलोचना कर रहा है।

दक्षिण कोरिया का जवाब

दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता पार्क डू-सून ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित पनडुब्बियाँ परंपरागत हथियारों से लैस होंगी, परमाणु हथियारों से नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि यह कार्यक्रम परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के पूर्णतः अनुरूप है और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के साथ पारदर्शी परामर्श जारी रहेगा।

सोल ने इस पनडुब्बी कार्यक्रम को बदलते क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल के जवाब में उठाया गया रक्षात्मक कदम बताया है।

क्षेत्रीय शक्ति संतुलन पर असर

दक्षिण कोरियाई अधिकारियों का मानना है कि प्योंगयांग के इस बयान में रूस और चीन के सुरक्षा दृष्टिकोण के साथ उसकी बढ़ती रणनीतिक समानता भी झलकती है। विश्लेषकों के अनुसार, यह घटनाक्रम कोरियाई प्रायद्वीप में उत्तर कोरिया-रूस-चीन के बीच गहराते रणनीतिक समन्वय का एक नया आयाम है।

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब प्योंगयांग ने सोल की रक्षा आधुनिकीकरण परियोजनाओं को परमाणु महत्वाकांक्षा से जोड़कर देखा हो — लेकिन इस बार का बयान अपेक्षाकृत अधिक औपचारिक और विस्तृत है।

आगे की स्थिति

दक्षिण कोरिया की परमाणु-संचालित पनडुब्बी योजना अब केवल रक्षा आधुनिकीकरण का विषय नहीं रही — यह कोरियाई प्रायद्वीप में कूटनीतिक तनाव का नया केंद्र बन गई है। सोल और वाशिंगटन के बीच बढ़ते सुरक्षा सहयोग को उत्तर कोरिया अपनी संप्रभुता के लिए सीधी चुनौती मान रहा है। आने वाले हफ्तों में इस मुद्दे पर क्षेत्रीय कूटनीतिक गतिविधियाँ और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी दक्षिण कोरिया के परमाणु-ऊर्जा-चालित (न कि परमाणु-हथियार-युक्त) पनडुब्बी कार्यक्रम को 'परमाणुकरण' की संज्ञा दे रहा है। यह तर्क रूस-चीन के उस व्यापक आख्यान से मेल खाता है जो पश्चिमी सैन्य विस्तार को अस्थिरकारी बताता है। असली सवाल यह है कि क्या सोल की यह पनडुब्बी योजना क्षेत्रीय निरोधक संतुलन को मज़बूत करती है या एक नई हथियार होड़ की शुरुआत करती है।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दक्षिण कोरिया की परमाणु पनडुब्बी योजना क्या है?
दक्षिण कोरिया परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियाँ बनाने की योजना बना रहा है। सोल के अनुसार, ये पनडुब्बियाँ परंपरागत हथियारों से लैस होंगी और कार्यक्रम परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के अनुरूप है।
उत्तर कोरिया ने इस योजना पर क्या कहा?
उत्तर कोरियाई विदेश मंत्रालय के प्रथम उपमंत्री जांग कुम-चोल ने कहा कि सोल का यह कदम परमाणु हथियार हासिल करने की दिशा में बढ़ता कदम है और अमेरिका-दक्षिण कोरिया पनडुब्बी सहयोग कोरियाई प्रायद्वीप की स्थिरता के लिए खतरा है।
क्या दक्षिण कोरिया की पनडुब्बियों में परमाणु हथियार होंगे?
नहीं। दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता पार्क डू-सून ने स्पष्ट किया है कि पनडुब्बियाँ केवल परमाणु ऊर्जा से चलेंगी, परमाणु हथियारों से लैस नहीं होंगी। सोल ने IAEA के साथ पारदर्शी परामर्श जारी रखने की भी बात कही है।
यह बयान क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
यह उत्तर कोरिया की ओर से इस मुद्दे पर पहला आधिकारिक बयान है, जो दर्शाता है कि प्योंगयांग इसे गंभीर खतरे के रूप में देख रहा है। दक्षिण कोरियाई अधिकारियों के अनुसार, इस बयान में रूस और चीन के सुरक्षा दृष्टिकोण के साथ उत्तर कोरिया की बढ़ती रणनीतिक समानता भी झलकती है।
दक्षिण कोरिया-अमेरिका-जापान सुरक्षा सहयोग को उत्तर कोरिया कैसे देखता है?
उत्तर कोरिया इस त्रिपक्षीय सहयोग को अपनी सुरक्षा के लिए सीधी चुनौती मानता है। प्योंगयांग एक साथ जापान की परमाणु नीति और दक्षिण कोरिया-अमेरिका-जापान के बढ़ते सैन्य समन्वय की आलोचना कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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