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डीआरसी सरकार और एम23 के बीच शांति वार्ता रोडमैप पर सहमति, 24 अगस्त को पहला संघर्ष-विराम सत्यापन मिशन

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डीआरसी सरकार और एम23 के बीच शांति वार्ता रोडमैप पर सहमति, 24 अगस्त को पहला संघर्ष-विराम सत्यापन मिशन

सारांश

डीआरसी सरकार और एम23 ने स्विट्जरलैंड में पाँच दिनों की बातचीत के बाद शांति वार्ता का रोडमैप तय किया है। 24 अगस्त को साउथ किवु के मिनेंब्वे में पहला संघर्ष-विराम सत्यापन मिशन होगा — जो जनवरी 2025 से जारी हिंसा के बीच एक अहम परीक्षा है।

मुख्य बातें

डीआरसी सरकार और एम23 ने 17–21 अगस्त को स्विट्जरलैंड में हुई बैठकों के बाद शांति वार्ता रोडमैप पर सहमति जताई।
रोडमैप में आगे की बातचीत का क्रम और समय-सीमा दोनों निर्धारित की गई हैं।
पहला संघर्ष-विराम सत्यापन मिशन 24 अगस्त को साउथ किवु प्रांत के मिनेंब्वे में होगा।
दोनों पक्ष दोहा फ्रेमवर्क के तहत दायित्वों की समीक्षा के लिए एक स्थायी तंत्र बनाने पर सहमत हुए।
अप्रैल की बैठकों में 10 दिनों के भीतर कैदी रिहाई और निर्बाध मानवीय सहायता पहुँचाने के वादे किए गए थे।
जनवरी 2025 से एम23 ने उत्तरी किवु और दक्षिणी किवु में हमले तेज कर कई शहरों पर कब्जा किया है।

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) की सरकार और विद्रोही गुट 'मार्च 23 मूवमेंट' (एम23) ने शांति वार्ता के लिए एक औपचारिक रोडमैप पर सहमति जता दी है, जिसमें आगे की बातचीत का क्रम और समय-सीमा दोनों निर्धारित की गई हैं। एक संयुक्त बयान के अनुसार, यह सहमति स्विट्जरलैंड में 17 से 21 अगस्त के बीच हुई बैठकों के बाद बनी।

बातचीत में क्या हुआ

दोनों पक्षों ने स्विट्जरलैंड में हुई इन बैठकों के दौरान दोहा शांति प्रक्रिया में अब तक हुई प्रगति और सामने आई चुनौतियों का विस्तृत आकलन किया। इसके बाद उन्होंने मौजूदा वादों को लागू करने और दोहा फ्रेमवर्क समझौते के तहत बातचीत को आगे बढ़ाने के ठोस तरीकों पर विचार-विमर्श किया। दोनों पक्ष फ्रेमवर्क समझौते के तहत दायित्वों की पूर्ति में हुई प्रगति की नियमित समीक्षा और चुनौतियों के समाधान के लिए एक स्थायी तंत्र स्थापित करने पर भी सहमत हुए।

संघर्ष-विराम सत्यापन की दिशा में कदम

दोनों पक्षों ने संघर्ष-विराम सत्यापन तंत्र को सक्रिय करने में हुई प्रगति का स्वागत किया। बयान के अनुसार, इस तंत्र का पहला सत्यापन मिशन 24 अगस्त को पूर्वी डीआरसी के साउथ किवु प्रांत के मिनेंब्वे में निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही, संघर्ष-विराम के कथित उल्लंघनों की रिपोर्टिंग के लिए एक मानक प्रक्रिया अपनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

मानवीय सहायता और कैदियों की रिहाई

इससे पहले अप्रैल में स्विट्जरलैंड के मोंट्रोक्स में 13 से 17 अप्रैल तक हुई बैठकों में दोनों पक्षों ने मानवीय सहायता की पहुँच और न्यायिक सुरक्षा पर एक प्रोटोकॉल को अंतिम रूप देने की दिशा में 'काफी प्रगति' की थी। उन्होंने नागरिकों के जीवित रहने के लिए आवश्यक संपत्ति को नष्ट करने या उस पर कब्जा करने से बचने का वचन दिया था। पूर्वी डीआरसी के संघर्ष-प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित, सुरक्षित और निर्बाध मानवीय सहायता पहुँचाने तथा राहत काफिलों की आवाजाही को सुगम बनाने का वादा भी किया गया था। आपसी विश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से दोनों पक्ष पूर्व-निर्धारित व्यवस्थाओं के तहत 10 दिनों के भीतर कैदियों को रिहा करने पर भी राजी हुए थे।

संघर्ष की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि जनवरी 2025 से एम23 ने पूर्वी डीआरसी के उत्तरी किवु और दक्षिणी किवु प्रांतों में अपने हमले तेज कर दिए हैं और कई प्रमुख शहरों पर कब्जा कर लिया है। यह संघर्ष क्षेत्र में लाखों नागरिकों को विस्थापित कर चुका है और मानवीय संकट को गहरा बनाता जा रहा है।

आगे क्या होगा

दोनों पक्षों ने व्यापक शांति और संघर्ष समाधान की दिशा में बातचीत जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। 24 अगस्त को मिनेंब्वे में होने वाला पहला संघर्ष-विराम सत्यापन मिशन इस पूरी प्रक्रिया की व्यावहारिक परीक्षा होगी — और यह तय करेगा कि रोडमैप कागज़ से ज़मीन पर उतर पाता है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह कागज़ी प्रगति ज़मीन पर दिखेगी — जबकि एम23 जनवरी 2025 से लगातार क्षेत्र पर कब्जा करता आ रहा है। अप्रैल की बैठकों में भी 'काफी प्रगति' का दावा किया गया था, लेकिन हिंसा थमी नहीं। 24 अगस्त का संघर्ष-विराम सत्यापन मिशन इस पूरी प्रक्रिया की पहली व्यावहारिक परीक्षा होगी — और यह बताएगा कि दोनों पक्षों की प्रतिबद्धता केवल बयानबाज़ी है या वास्तविक इरादा।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीआरसी सरकार और एम23 के बीच शांति रोडमैप क्या है?
यह एक संयुक्त सहमति-दस्तावेज़ है जिसमें दोनों पक्षों ने आगे की शांति वार्ता का क्रम और समय-सीमा तय की है। यह रोडमैप स्विट्जरलैंड में 17 से 21 अगस्त तक हुई बैठकों के बाद तैयार किया गया और दोहा फ्रेमवर्क समझौते पर आधारित है।
24 अगस्त का संघर्ष-विराम सत्यापन मिशन क्या है?
यह पूर्वी डीआरसी के साउथ किवु प्रांत के मिनेंब्वे में होने वाला पहला आधिकारिक संघर्ष-विराम सत्यापन मिशन है। इसका उद्देश्य यह जाँचना है कि ज़मीन पर संघर्ष-विराम का पालन हो रहा है या नहीं।
एम23 विद्रोही गुट कौन है और वे क्यों लड़ रहे हैं?
'मार्च 23 मूवमेंट' (एम23) पूर्वी डीआरसी में सक्रिय एक सशस्त्र विद्रोही गुट है। जनवरी 2025 से इस गुट ने उत्तरी किवु और दक्षिणी किवु प्रांतों में हमले तेज कर कई प्रमुख शहरों पर कब्जा कर लिया है, जिससे व्यापक मानवीय संकट पैदा हुआ है।
अप्रैल की बैठकों में क्या तय हुआ था?
मोंट्रोक्स, स्विट्जरलैंड में 13 से 17 अप्रैल तक हुई बैठकों में दोनों पक्षों ने मानवीय सहायता की पहुँच और न्यायिक सुरक्षा पर प्रोटोकॉल को अंतिम रूप देने की दिशा में 'काफी प्रगति' की थी। इसके अलावा 10 दिनों के भीतर कैदी रिहाई और निर्बाध मानवीय सहायता पहुँचाने पर भी सहमति बनी थी।
इस शांति प्रक्रिया से पूर्वी कांगो की आम जनता पर क्या असर पड़ेगा?
यदि रोडमैप प्रभावी रहा, तो संघर्ष-प्रभावित क्षेत्रों में मानवीय सहायता की पहुँच बेहतर होगी और विस्थापित नागरिकों को राहत मिल सकती है। हालाँकि, जनवरी 2025 से जारी हिंसा को देखते हुए, ज़मीनी स्थिति में सुधार इस बात पर निर्भर करेगा कि दोनों पक्ष अपने वादों पर कितना अमल करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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