पूर्वी अफ्रीका में इबोला प्रकोप: EAC ने 1-2 जून को आपातकालीन स्वास्थ्य मंत्री बैठक बुलाई
सारांश
मुख्य बातें
ईस्ट अफ्रीकन कम्युनिटी (EAC) ने 1 और 2 जून को सदस्य देशों के स्वास्थ्य मंत्रियों की एक आपातकालीन वर्चुअल बैठक बुलाई है, जिसका उद्देश्य पूर्वी अफ्रीका में तेज़ी से फैल रहे इबोला प्रकोप पर समन्वित क्षेत्रीय रणनीति तैयार करना है। यह प्रकोप दुर्लभ 'बुंडिबुग्यो स्ट्रेन' के कारण फैल रहा है, जिसके लिए अभी तक कोई मान्यता-प्राप्त वैक्सीन या विशेष उपचार उपलब्ध नहीं है।
प्रकोप का केंद्र और खतरे की आशंका
यह प्रकोप मुख्य रूप से पूर्वी डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ द कांगो (DRC) के इतुरी प्रांत में सक्रिय है। यह क्षेत्र अत्यधिक आवाजाही वाला है, जिससे संक्रमण के पड़ोसी देशों में फैलने की आशंका बनी हुई है। गौरतलब है कि बुंडिबुग्यो स्ट्रेन की पहचान पहली बार 2007 में युगांडा में हुई थी और यह इबोला के सबसे कम-अध्ययन किए गए वेरिएंट में से एक है।
EAC के प्रमुख कदम
EAC महासचिव स्टीफन बुंडी ने कहा कि संगठन निगरानी, प्रयोगशाला परीक्षण, संक्रमण रोकथाम और सामुदायिक जागरूकता में सहयोग बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा, 'हम सदस्य देशों, अफ्रीका सीडीसी और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि सीमाओं के पार संक्रमण को रोका जा सके और लोगों की सेहत की रक्षा की जा सके।'
ठोस उपायों के तहत रणनीतिक सीमा चौकियों पर 9 मोबाइल प्रयोगशालाएँ तैनात की गई हैं, 180 से अधिक त्वरित प्रतिक्रिया विशेषज्ञों को सक्रिय किया गया है और स्वास्थ्यकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
संसाधन और ढाँचागत तैयारी
EAC प्रभावित क्षेत्रों में व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) की आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा है। इसके साथ ही इबोला वैक्सीन और डायग्नोस्टिक परीक्षणों की मंजूरी प्रक्रिया को तेज़ करने के लिए एक क्षेत्रीय नियामक ढाँचा बनाने पर भी काम जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्वास्थ्य समुदाय पहले से ही कई संक्रामक रोगों के प्रबंधन में संसाधनों की कमी से जूझ रहा है।
सदस्य देशों से अपील
EAC ने अपने सभी आठ सदस्य देशों — बुरुंडी, DRC, केन्या, रवांडा, सोमालिया, दक्षिण सूडान, तंजानिया और युगांडा — से निगरानी तंत्र मजबूत करने, जन-जागरूकता अभियान चलाने और आपातकालीन स्वास्थ्य तैयारी को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है। आने वाले दिनों में इस बैठक के नतीजे क्षेत्रीय प्रतिक्रिया की दिशा तय करेंगे।