फान च्येनवेई को मेंडेलीफ अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार, पुरस्कार पाने वाले पहले चीनी वैज्ञानिक
सारांश
मुख्य बातें
क्वांटम विज्ञान के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए चीन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (USTC) के प्रोफेसर फान च्येनवेई को 18 जुलाई को पेरिस स्थित यूनेस्को मुख्यालय में आयोजित तीसरे यूनेस्को-रूस मेंडेलीफ अंतर्राष्ट्रीय बुनियादी विज्ञान पुरस्कार समारोह में यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया। वे यह पुरस्कार प्राप्त करने वाले पहले चीनी वैज्ञानिक बन गए हैं — जो वैश्विक क्वांटम अनुसंधान में चीन की बढ़ती साख का प्रमाण है।
किस उपलब्धि के लिए मिला पुरस्कार
यूनेस्को के अनुसार, फान च्येनवेई क्वांटम ऑप्टिक्स, क्वांटम संचार और क्वांटम कंप्यूटिंग के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के अग्रणी वैज्ञानिक हैं। उन्हें विशेष रूप से बड़े पैमाने पर सुरक्षित क्वांटम संचार और स्केलेबल क्वांटम कंप्यूटिंग में उनके अग्रणी योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
उनकी शोध टीम ने 'मोज़ी' क्वांटम विज्ञान प्रयोगात्मक उपग्रह का सफलतापूर्वक विकास किया, जिसने हजारों किलोमीटर की दूरी तक क्वांटम कुंजी वितरण और क्वांटम टेलीपोर्टेशन को व्यावहारिक रूप से संभव बनाया। इन सफलताओं ने वैश्विक क्वांटम नेटवर्क की अवधारणा को वास्तविकता के करीब ला दिया है।
क्वांटम कंप्यूटिंग में भी मील का पत्थर
क्वांटम संचार के साथ-साथ फान च्येनवेई की टीम ने क्वांटम कंप्यूटिंग के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन शोधों ने सुरक्षित और कुशल क्वांटम सूचना बुनियादी ढाँचे की नींव रखी है, जो भविष्य के डिजिटल संचार को पूरी तरह बदल सकती है।
वैज्ञानिक का स्वीकृति भाषण
पुरस्कार स्वीकार करते हुए फान च्येनवेई ने कहा कि यह सम्मान केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों का नहीं, बल्कि उनकी पूरी शोध टीम और चीनी सरकार के दीर्घकालिक समर्थन का सामूहिक परिणाम है। उन्होंने यह भी कहा कि वे खुले सहयोग की भावना के साथ वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय के साथ मिलकर क्वांटम सूचना प्रौद्योगिकी के विकास को आगे बढ़ाते रहेंगे।
दूसरे विजेता और पुरस्कार की पृष्ठभूमि
इस वर्ष पुरस्कार के दूसरे विजेता यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ कैरोलिना एट चैपल हिल के प्रोफेसर सर्गेई एस. शेइको हैं, जिन्हें बुनियादी बहुलक भौतिकी और सामग्री विज्ञान में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
गौरतलब है कि यूनेस्को ने 2019 में रूसी वैज्ञानिक दिमित्री मेंडेलीफ द्वारा आवर्त सारणी के प्रस्ताव की 150वीं वर्षगाँठ के अवसर पर इस पुरस्कार की स्थापना की थी। इसका उद्देश्य वैज्ञानिक प्रगति, विज्ञान के लोकप्रियकरण और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को प्रोत्साहित करना है। यह तीसरा संस्करण था, और पहली बार किसी चीनी वैज्ञानिक को इस मंच पर शीर्ष सम्मान मिला।
क्वांटम प्रौद्योगिकी में वैश्विक प्रतिस्पर्धा तेज़ होने के साथ, फान च्येनवेई की यह उपलब्धि इस बात का संकेत है कि आने वाले वर्षों में क्वांटम नेटवर्किंग की दौड़ और भी निर्णायक मोड़ ले सकती है।