फ्रांस में शिक्षा सुधार की माँग पर राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन, लेंस में 15 वर्षीय छात्र का हाथ धमाके में उड़ा
सारांश
मुख्य बातें
फ्रांस में हाई स्कूल शिक्षा व्यवस्था की बदहाली के खिलाफ उठी छात्र आवाज़ 6 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन में तब्दील हो गई, जब देशभर में हजारों छात्रों, शिक्षकों, ट्रेड यूनियनों और अभिभावक संगठनों ने एक साथ सड़कों पर उतरना शुरू किया। इसी बीच उत्तरी शहर लेंस में एक 15 वर्षीय छात्र के विस्फोट में हाथ गंवाने की घटना ने पुलिस कार्रवाई को लेकर सियासी और सामाजिक बहस को और तीखा कर दिया है।
मुख्य घटनाक्रम
सोमवार को लेंस के एक हाई स्कूल के बाहर चल रहे प्रदर्शन के दौरान यह दर्दनाक घटना सामने आई। पास-दे-कलै के प्रीफेक्ट फ्रांस्वा-जेवियर लॉश ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की जाँच शुरू कर दी गई है। हालाँकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि छात्र ठीक किस परिस्थिति में घायल हुआ अथवा इसमें पुलिस के स्टन ग्रेनेड का इस्तेमाल शामिल था या नहीं।
स्थानीय समाचार पत्र 'ला वोआ दु नोर' की रिपोर्ट के अनुसार, छात्र ने पुलिस द्वारा फेंके गए स्टन ग्रेनेड को उठाया था, जिसके बाद हुए विस्फोट में उसका हाथ उड़ गया। अन्य मीडिया रिपोर्टों ने भी इस दावे का उल्लेख किया, यह स्पष्ट करते हुए कि प्रीफेक्ट ने स्वयं इसकी पुष्टि नहीं की थी। प्रीफेक्ट के अनुसार, घटना के समय करीब 150 से 200 प्रदर्शनकारी पुलिस पर विभिन्न वस्तुएं फेंक रहे थे, जिसके बाद दंगा-रोधी पुलिस ने हस्तक्षेप किया।
आंदोलन की पृष्ठभूमि
यह आंदोलन फ्रांस की शिक्षा व्यवस्था में कथित अपर्याप्त निवेश, शिक्षकों की कमी, भीड़भाड़ वाली कक्षाओं और जर्जर स्कूल भवनों को लेकर शुरू हुआ था। पिछले सप्ताह विरोध प्रदर्शनों ने तेज़ी पकड़ी और कई जगहों पर छात्रों तथा पुलिस के बीच झड़पें दर्ज की गईं।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब फ्रांस में शिक्षा के मुद्दे पर बड़े पैमाने पर सड़क प्रदर्शन हुए हों। छात्र संगठनों का कहना है कि वर्षों से शिक्षा व्यवस्था में पर्याप्त निवेश नहीं हुआ और मांगों पर सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई का इंतजार बना हुआ है।
सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया
शिक्षा मंत्री एडुआर जफ्रे के अनुसार, सोमवार को देश के करीब 3,700 हाई स्कूलों में से 400 से 500 स्कूल पूरी तरह या आंशिक रूप से बंद रहने की संभावना थी। सरकार ने पहले ही बताया था कि 24 स्कूलों में आगजनी या तोड़फोड़ हुई है और 78 शिक्षा कर्मचारी घायल हुए हैं।
फ्रांसीसी अधिकारियों ने हिंसा और संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वाली घटनाओं की निंदा करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान किया जाएगा, लेकिन तोड़फोड़ और हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आम जनता और विश्वविद्यालयों पर असर
प्रदर्शन अब केवल हाई स्कूलों तक सीमित नहीं रहा। सोमवार को फ्रांस के करीब 40 विश्वविद्यालय परिसरों में भी छात्रों ने विरोध के समर्थन में गतिविधियाँ कीं। उच्च शिक्षा मंत्री फिलिप बैप्टिस्ट ने संकेत दिया कि मंगलवार के राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालयों में भी व्यवधान बढ़ सकता है।
मंगलवार के प्रदर्शन से पहले राजधानी पेरिस समेत कई शहरों में सुरक्षा बढ़ा दी गई। बड़ी संख्या में छात्रों के सड़कों पर उतरने से तनाव बढ़ने की आशंका अधिकारियों को बनी हुई थी।
क्या होगा आगे
15 वर्षीय छात्र के घायल होने की घटना ने पुलिस बल प्रयोग को लेकर राजनीतिक दबाव बढ़ा दिया है। जाँच का नतीजा इस आंदोलन की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। छात्र संगठनों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक शिक्षा व्यवस्था में ठोस सुधार नहीं होते और सरकार उनकी माँगों पर कार्रवाई नहीं करती, आंदोलन जारी रहेगा।