लेबनान संकट: यूएनआईएफआईएल की विदाई के बाद भी यूएन वर्दीधारी मौजूदगी जरूरी — गुटेरेस
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने 11 जून 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मध्य पूर्व पर हुई खुली बहस में स्पष्ट किया कि यूनाइटेड नेशंस इंटेरिम फोर्स इन लेबनान (यूएनआईएफआईएल) के जाने के बाद भी संयुक्त राष्ट्र की वर्दीधारी मौजूदगी बनाए रखना अनिवार्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि मध्य पूर्व लगातार गंभीर संकट की ओर बढ़ रहा है और इसके परिणाम केवल इस क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेंगे।
मुख्य घटनाक्रम
सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2790 के अनुसार, यूएनआईएफआईएल का कामकाज 31 दिसंबर 2026 को समाप्त होगा और उसके सभी कर्मियों की वापसी उसी दिन से एक वर्ष के भीतर पूरी की जाएगी। इसी पृष्ठभूमि में गुटेरेस ने परिषद को लिखे अपने पत्र में यह प्रस्ताव दिया था कि यूएनआईएफआईएल की विदाई के बाद भी संयुक्त राष्ट्र की वर्दीधारी उपस्थिति लेबनान में बनी रहे।
गुटेरेस ने कहा, 'मुझे बहुत चिंता है कि यह स्थिति फिर से बड़े युद्ध में बदल सकती है।' उन्होंने यह भी बताया कि मार्च 2026 के बाद से लेबनान में हालात और बिगड़े हैं।
ज़मीनी हालात और मानवीय संकट
गुटेरेस के अनुसार, इज़राइल ने लेबनान के भीतर अपने सैन्य अभियान तेज किए हैं, जबकि हिज़्बुल्लाह ने भी इज़राइल के गहरे इलाकों तक हमले किए हैं। इस संघर्ष में 10 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं और दक्षिणी लेबनान में घरों तथा नागरिक ढाँचे को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा, 'नागरिकों की मौत हुई है। पूरे-पूरे समुदाय अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं।' इसके अलावा, अब तक सात यूएन शांति सैनिक मारे जा चुके हैं, जिनमें एक की मौत पिछले सप्ताह हुई।
वैश्विक प्रभाव की चेतावनी
गुटेरेस ने रेखांकित किया कि मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव सीमाओं से बाहर भी असर डाल रहा है और दुनिया के सबसे कमज़ोर देशों व समुदायों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर मानवीय संकट पहले से ही गहरा रहे हैं।
राजनीतिक समाधान की अपील
महासचिव ने सभी पक्षों से आग्रह किया कि वे एक राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान की दिशा में काम करें, जो लेबनान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और राजनीतिक स्वतंत्रता का पूर्ण सम्मान करे। उन्होंने सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 को इस प्रक्रिया का आधार बताया।
आगे की राह
गुटेरेस का यह बयान ऐसे समय में आया है जब यूएनआईएफआईएल के भविष्य को लेकर सदस्य देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं। वर्दीधारी मौजूदगी बनाए रखने का उनका प्रस्ताव सुरक्षा परिषद में अब बहस का केंद्र बनेगा और आने वाले महीनों में इस पर सहमति की तस्वीर साफ होगी।