26 जुलाई 2026
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लेबनान संकट: यूएनआईएफआईएल की विदाई के बाद भी यूएन वर्दीधारी मौजूदगी जरूरी — गुटेरेस

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लेबनान संकट: यूएनआईएफआईएल की विदाई के बाद भी यूएन वर्दीधारी मौजूदगी जरूरी — गुटेरेस

सारांश

यूएनआईएफआईएल का जनादेश 31 दिसंबर को समाप्त होने वाला है — लेकिन गुटेरेस चाहते हैं कि संयुक्त राष्ट्र की वर्दीधारी उपस्थिति बनी रहे। 10 लाख विस्थापित, 7 शांति सैनिकों की मौत और बड़े युद्ध की आशंका के बीच लेबनान संकट अब सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, वैश्विक चिंता बन चुका है।

मुख्य बातें

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने 11 जून 2026 को सुरक्षा परिषद में यूएनआईएफआईएल के बाद भी लेबनान में वर्दीधारी मौजूदगी बनाए रखने की अपील की।
सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2790 के तहत यूएनआईएफआईएल का जनादेश 31 दिसंबर 2026 को समाप्त होगा।
10 लाख से अधिक लोग विस्थापित; दक्षिणी लेबनान में नागरिक ढाँचे को भारी नुकसान।
अब तक 7 यूएन शांति सैनिक मारे जा चुके हैं, जिनमें एक की मौत पिछले सप्ताह हुई।
गुटेरेस ने सभी पक्षों से प्रस्ताव 1701 के अनुरूप राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान की दिशा में काम करने का आग्रह किया।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने 11 जून 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मध्य पूर्व पर हुई खुली बहस में स्पष्ट किया कि यूनाइटेड नेशंस इंटेरिम फोर्स इन लेबनान (यूएनआईएफआईएल) के जाने के बाद भी संयुक्त राष्ट्र की वर्दीधारी मौजूदगी बनाए रखना अनिवार्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि मध्य पूर्व लगातार गंभीर संकट की ओर बढ़ रहा है और इसके परिणाम केवल इस क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेंगे।

मुख्य घटनाक्रम

सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2790 के अनुसार, यूएनआईएफआईएल का कामकाज 31 दिसंबर 2026 को समाप्त होगा और उसके सभी कर्मियों की वापसी उसी दिन से एक वर्ष के भीतर पूरी की जाएगी। इसी पृष्ठभूमि में गुटेरेस ने परिषद को लिखे अपने पत्र में यह प्रस्ताव दिया था कि यूएनआईएफआईएल की विदाई के बाद भी संयुक्त राष्ट्र की वर्दीधारी उपस्थिति लेबनान में बनी रहे।

गुटेरेस ने कहा, 'मुझे बहुत चिंता है कि यह स्थिति फिर से बड़े युद्ध में बदल सकती है।' उन्होंने यह भी बताया कि मार्च 2026 के बाद से लेबनान में हालात और बिगड़े हैं।

ज़मीनी हालात और मानवीय संकट

गुटेरेस के अनुसार, इज़राइल ने लेबनान के भीतर अपने सैन्य अभियान तेज किए हैं, जबकि हिज़्बुल्लाह ने भी इज़राइल के गहरे इलाकों तक हमले किए हैं। इस संघर्ष में 10 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं और दक्षिणी लेबनान में घरों तथा नागरिक ढाँचे को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है।

उन्होंने कहा, 'नागरिकों की मौत हुई है। पूरे-पूरे समुदाय अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं।' इसके अलावा, अब तक सात यूएन शांति सैनिक मारे जा चुके हैं, जिनमें एक की मौत पिछले सप्ताह हुई।

वैश्विक प्रभाव की चेतावनी

गुटेरेस ने रेखांकित किया कि मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव सीमाओं से बाहर भी असर डाल रहा है और दुनिया के सबसे कमज़ोर देशों व समुदायों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर मानवीय संकट पहले से ही गहरा रहे हैं।

राजनीतिक समाधान की अपील

महासचिव ने सभी पक्षों से आग्रह किया कि वे एक राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान की दिशा में काम करें, जो लेबनान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और राजनीतिक स्वतंत्रता का पूर्ण सम्मान करे। उन्होंने सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 को इस प्रक्रिया का आधार बताया।

आगे की राह

गुटेरेस का यह बयान ऐसे समय में आया है जब यूएनआईएफआईएल के भविष्य को लेकर सदस्य देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं। वर्दीधारी मौजूदगी बनाए रखने का उनका प्रस्ताव सुरक्षा परिषद में अब बहस का केंद्र बनेगा और आने वाले महीनों में इस पर सहमति की तस्वीर साफ होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीन पर इज़राइल और हिज़्बुल्लाह दोनों ने इसकी सीमाओं को बार-बार चुनौती दी है। सात शांति सैनिकों की मौत और 10 लाख विस्थापितों के बावजूद सुरक्षा परिषद में सहमति की कमी यह बताती है कि वर्दीधारी मौजूदगी का प्रस्ताव महत्वाकांक्षी तो है, पर राजनीतिक इच्छाशक्ति के बिना यह भी एक और अनसुनी चेतावनी बनकर रह सकता है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूएनआईएफआईएल क्या है और यह कब समाप्त हो रहा है?
यूएनआईएफआईएल यानी यूनाइटेड नेशंस इंटेरिम फोर्स इन लेबनान एक संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन है जो दक्षिणी लेबनान में तैनात है। सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2790 के अनुसार इसका जनादेश 31 दिसंबर 2026 को समाप्त होगा और एक वर्ष के भीतर सभी कर्मियों की वापसी पूरी होगी।
गुटेरेस ने वर्दीधारी मौजूदगी बनाए रखने की अपील क्यों की?
गुटेरेस को आशंका है कि यूएनआईएफआईएल की विदाई के बाद लेबनान में शांति का कोई विकल्प नहीं बचेगा और स्थिति बड़े युद्ध में बदल सकती है। उन्होंने पिछले सप्ताह सुरक्षा परिषद को लिखे पत्र में यह प्रस्ताव दिया था।
लेबनान में मानवीय संकट कितना गंभीर है?
मार्च 2026 के बाद से हालात और बिगड़े हैं। 10 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं, दक्षिणी लेबनान में घरों और नागरिक ढाँचे को व्यापक नुकसान हुआ है और 7 यूएन शांति सैनिक मारे जा चुके हैं।
संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव 1701 क्या है और इसका क्या महत्व है?
प्रस्ताव 1701 सुरक्षा परिषद का वह प्रस्ताव है जो 2006 के लेबनान युद्ध के बाद पारित हुआ था और जिसमें दक्षिणी लेबनान में सशस्त्र गुटों की अनुपस्थिति तथा लेबनानी सेना की तैनाती का प्रावधान है। गुटेरेस ने इसी प्रस्ताव के अनुरूप राजनीतिक समाधान की अपील की है।
लेबनान संकट का वैश्विक असर क्यों पड़ रहा है?
गुटेरेस के अनुसार मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव सीमाओं से परे दुनिया के सबसे कमज़ोर देशों और समुदायों को भी प्रभावित कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि इसके नतीजे केवल इस क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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