मेजर अभिलाषा बराक का आह्वान: लेबनान संघर्ष खत्म करे कूटनीति, पुनर्निर्माण की राह खोले
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त राष्ट्र के मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर 2025 पुरस्कार से सम्मानित भारतीय सेना की मेजर अभिलाषा बराक ने 6 जून को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में लेबनान में जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए सक्रिय कूटनीति और संवाद का आह्वान किया। लेबनान में यूएनआईएफआईएल (संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल) के साथ तैनात बराक ने कहा कि युद्धविराम की निरंतरता ही पुनर्निर्माण की नींव बन सकती है।
मेजर बराक ने क्या कहा
संवाददाता सम्मेलन में बराक ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'यह संभव है कि बातचीत हो, कूटनीति सक्रिय हो और आशा है कि युद्धविराम जारी रहेगा।' लेबनान की मौजूदा स्थिति पर उन्होंने कहा, 'फिर हम समुदाय के पुनर्निर्माण की ओर बढ़ सकते हैं — न केवल सड़कों और क्षतिग्रस्त घरों को ठीक करके, बल्कि उनके द्वारा झेले जा रहे आघात के उपचार की ओर भी। हमें एक समुदाय और एक सरकार और शांति रक्षकों के रूप में इस पर काम करना होगा और लेबनान का पुनर्निर्माण करना होगा।'
संयुक्त राष्ट्र पुरस्कार और गुटेरेस की सराहना
इससे पहले महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने बराक को वर्ष 2025 का मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर पुरस्कार प्रदान किया। उन्हें आदर्श बताते हुए गुटेरेस ने कहा था, 'एक अग्रिम पंक्ति की कमांडर के रूप में उन्होंने व्यावसायिक प्रशिक्षण और शिक्षा एवं स्वास्थ्य कार्यक्रमों के माध्यम से हजारों महिलाओं और लड़कियों को जोड़ा है और सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी उनके जीवन को बदल रही हैं।'
बराक भारतीय सेना की पहली महिला लड़ाकू हेलीकॉप्टर पायलट हैं और वह एयर ट्रैफिक कंट्रोलर भी रह चुकी हैं — जो उनकी बहुआयामी सैन्य विशेषज्ञता को रेखांकित करता है।
लेबनान में यूएनआईएफआईएल की भूमिका और खतरे
बराक यूएनआईएफआईएल की भारतीय बटालियन में एंगेजमेंट टीम कमांडर और जेंडर फोकल प्वाइंट के रूप में तैनात हैं। यूएनआईएफआईएल उस क्षेत्र में सक्रिय है जहाँ ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से तेहरान समर्थित हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच झड़पें तेज हुई हैं। यह वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र का सबसे खतरनाक शांतिरक्षा अभियान माना जा रहा है — मार्च 2026 से अब तक सात शांति सैनिकों की जान जा चुकी है, जिनमें सबसे हालिया मौत बुधवार को हुई।
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कराए गए युद्धविराम का अक्सर उल्लंघन हुआ है और लेबनान के विशाल क्षेत्र तबाह हो चुके हैं।
समुदाय से जुड़ाव: महिलाओं और लड़कियों तक पहुँच
लेबनान में अपने कार्य के बारे में बराक ने बताया, 'एक एंगेजमेंट टीम कमांडर के रूप में मेरा उद्देश्य समुदाय के सभी सदस्यों, विशेष रूप से महिलाओं और किशोरियों के साथ संवाद और जुड़ाव स्थापित करना था, जो पुरुष शांति सैनिकों के साथ बातचीत करने में हिचकिचाती थीं।' उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता, शारीरिक फिटनेस और सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय समुदाय से जुड़ाव बनाया।
व्यापक भू-राजनीतिक संदर्भ
लेबनान में स्थायी शांति की संभावना ईरान युद्ध की समाप्ति और होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने से जुड़ी है। इस जलमार्ग के बंद होने से भारत की गैस और पेट्रोल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। तेहरान ने अमेरिका के साथ शत्रुता समाप्त करने की शर्त के रूप में लेबनान में युद्धविराम को अनिवार्य बताया है। यह ऐसे समय में आया है जब क्षेत्रीय तनाव भारत के ऊर्जा और सुरक्षा हितों को सीधे प्रभावित कर रहा है। मेजर बराक की आवाज़ इस जटिल परिदृश्य में भारत की शांतिरक्षा प्रतिबद्धता का मानवीय चेहरा प्रस्तुत करती है।