20 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

यमन के शबवा में हूती मिसाइल हमला: अल-अलम बेस पर 53 सैनिकों की मौत, 200 से अधिक घायल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
यमन के शबवा में हूती मिसाइल हमला: अल-अलम बेस पर 53 सैनिकों की मौत, 200 से अधिक घायल

सारांश

यमन के शबवा प्रांत में हूती बैलिस्टिक मिसाइलों ने अल-अलम ट्रेनिंग सेंटर को तबाह किया — 53 जवान मारे गए, 200 से अधिक घायल। नए भर्ती सैनिक प्रशिक्षण के दौरान निशाना बनाए गए। यह हमला बताता है कि एक दशक पुराना यमन संघर्ष अभी भी कितना खतरनाक है।

मुख्य बातें

हूती विद्रोहियों ने 19 अक्टूबर 2026 को यमन के शबवा प्रांत के अल-अलम सैन्य अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।
हमले में 53 जवानों की मौत हो गई और 200 से अधिक घायल हुए; आँकड़े अभी प्रारंभिक हैं।
निशाना बने अहमद अल-सुलेमानी ट्रेनिंग सेंटर में उस समय आंतरिक सुरक्षा बलों के नए जवान प्रशिक्षण ले रहे थे।
हूती -समर्थित अल-मसीरा टीवी ने दावा किया कि लक्ष्य सऊदी -समर्थित बलों का जमावड़ा था।
शबवा प्रशासन ने सऊदी गठबंधन से एयर डिफेंस और अर्ली वार्निंग सिस्टम की माँग की।
यमन में यह संघर्ष 2014 से जारी है; 2015 में सऊदी गठबंधन सरकारी बलों के समर्थन में उतरा था।

यमन के दक्षिण-पूर्वी तेल-समृद्ध प्रांत शबवा में स्थित अल-अलम सैन्य अड्डे पर हूती विद्रोहियों द्वारा दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों ने 19 अक्टूबर 2026 को भारी तबाही मचाई, जिसमें अब तक 53 जवानों की मौत हो चुकी है और 200 से अधिक घायल हुए हैं। शबवा की स्थानीय सरकार ने आधिकारिक बयान में इन आँकड़ों की पुष्टि करते हुए कहा कि यह प्रारंभिक संख्या है और मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।

हमले का घटनाक्रम

हूती विद्रोहियों ने जर्दान ज़िले के अल-अलम बेस पर स्थित अहमद अल-सुलेमानी ट्रेनिंग सेंटर पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह अड्डा प्रांतीय राजधानी अताक के निकट स्थित है, जहाँ उस समय आंतरिक सुरक्षा बलों के नए भर्ती जवान प्रशिक्षण ले रहे थे।

प्रारंभिक रिपोर्टों में तीन मिसाइलें गिरने से कम से कम 25 जवानों की मौत और 30 से अधिक घायल होने का संकेत था, लेकिन अधिकारियों के अनुसार बाद में अद्यतन आँकड़ों ने इस संख्या को कहीं पार कर दिया। राहत टीमें घटनास्थल पर घायलों को निकालने में जुटी हैं।

घायलों का उपचार और चिकित्सा प्रबंध

घायलों का इलाज शबवा के सरकारी और निजी अस्पतालों में जारी है। अधिकारियों के अनुसार, गंभीर रूप से घायल मरीजों को आवश्यकतानुसार विशेष चिकित्सा सुविधाओं में भेजा जाएगा। अस्पतालों में आपातकालीन तैयारियाँ तेज़ कर दी गई हैं।

हूती समूह का दावा और प्रतिक्रिया

हूती-समर्थित चैनल अल-मसीरा टीवी ने अपने सैन्य सूत्र के हवाले से दावा किया कि उनके लड़ाकों ने अल-अलम बेस पर कथित तौर पर सऊदी अरब-समर्थित बलों के जमावड़े को निशाना बनाया। हूती समूह ने एक बार पुनः सभी यमनियों को उन सैन्य शिविरों को खाली करने की चेतावनी दी है, जहाँ सऊदी अरब कथित तौर पर अपनी सेना तैनात कर रहा है।

दूसरी ओर, शबवा प्रशासन ने यमन सरकार और सऊदी गठबंधन से प्रांत की सुरक्षा के लिए एयर डिफेंस सिस्टम, निगरानी तंत्र और अर्ली वार्निंग सिस्टम मुहैया कराने की माँग की है।

यमन संघर्ष की पृष्ठभूमि

यमन में यह गृहयुद्ध 2014 के अंत में तब शुरू हुआ था, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना सहित देश के बड़े उत्तरी हिस्से पर कब्जा कर लिया। इसके बाद 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में एक सैन्य गठबंधन संघर्ष में उतरा। यह ऐसे समय में हुआ है जब कई मोर्चों पर हूती विद्रोहियों और सऊदी गठबंधन-समर्थित सरकारी बलों के बीच झड़पें तेज़ हो गई हैं।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि अल-अलम बेस एक बड़ा और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण सैन्य अड्डा है, जो यमन की मान्यता प्राप्त सरकार के नियंत्रण में है। अधिकारियों के अनुसार मृतकों और घायलों की संख्या में और बदलाव संभव है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया पर नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो ट्रेनिंग में हों, हूती मिसाइल कार्यक्रम के लिए सॉफ्ट टारगेट बन रहे हैं। यमन में अर्ली वार्निंग और एयर डिफेंस की अनुपस्थिति एक दशक पुरानी कमज़ोरी है जिसे सऊदी गठबंधन अब तक दूर नहीं कर पाया। एक ट्रेनिंग बेस पर 53 जवानों की मौत बताती है कि युद्ध-विराम की कोशिशों के बावजूद ज़मीनी हकीकत बदली नहीं है। जब तक एयर डिफेंस की वास्तविक तैनाती नहीं होती, दक्षिण यमन के सुरक्षा बल इस तरह के घातक हमलों के सामने असुरक्षित रहेंगे।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यमन के शबवा में हूती हमले में कितने लोग मारे गए?
शबवा की स्थानीय सरकार के अनुसार 19 अक्टूबर 2026 को हुए इस हमले में अब तक 53 जवानों की मौत हो चुकी है और 200 से अधिक घायल हैं। अधिकारियों ने कहा है कि ये आँकड़े अभी प्रारंभिक हैं।
हूतियों ने यमन में किस बेस पर हमला किया?
हूती विद्रोहियों ने जर्दान ज़िले स्थित अल-अलम सैन्य अड्डे के अहमद अल-सुलेमानी ट्रेनिंग सेंटर पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह अड्डा प्रांतीय राजधानी अताक के निकट है और यमन की मान्यता प्राप्त सरकार के नियंत्रण में है।
हूतियों ने इस हमले को क्यों अंजाम दिया?
हूती-समर्थित अल-मसीरा टीवी ने अपने सैन्य सूत्र के हवाले से दावा किया कि उनके लड़ाकों ने बेस पर कथित तौर पर सऊदी अरब -समर्थित बलों के जमावड़े को निशाना बनाया। हूतियों ने सभी यमनियों को ऐसे सैन्य शिविरों से दूर रहने की चेतावनी भी दी है।
यमन का गृहयुद्ध कब से चल रहा है?
यमन में संघर्ष 2014 के अंत में शुरू हुआ जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना सहित उत्तरी यमन पर कब्जा किया। 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाला गठबंधन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में युद्ध में उतरा।
शबवा प्रशासन ने हमले के बाद क्या माँग की?
शबवा प्रशासन ने यमन सरकार और सऊदी गठबंधन से प्रांत की सुरक्षा के लिए एयर डिफेंस सिस्टम , निगरानी तंत्र और अर्ली वार्निंग सिस्टम तत्काल उपलब्ध कराने की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 2 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 4 सप्ताह पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 2 महीने पहले