आईएमईसी में साइप्रस की सीधी भागीदारी की माँग, भारत के साथ गहरे जुड़ाव का संकल्प : उच्चायुक्त व्रियोनाइड्स
सारांश
मुख्य बातें
भारत में साइप्रस के उच्चायुक्त इवागोरस व्रियोनाइड्स ने 15 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में एक विशेष बातचीत में कहा कि साइप्रस भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (आईएमईसी) में यूरोपीय संघ के सदस्य के रूप में भागीदारी के अलावा अधिक सीधा और स्वतंत्र जुड़ाव चाहता है। उन्होंने कहा कि इस आशय की बात भारतीय विदेश मंत्रालय के समकक्षों के सामने औपचारिक रूप से रखी जा चुकी है।
आईएमईसी में साइप्रस की रणनीतिक दावेदारी
उच्चायुक्त व्रियोनाइड्स ने कहा, 'अगर आप नक्शे को देखें, तो आपको एहसास होगा कि साइप्रस पश्चिम की ओर जाने वाला पहला यूरोपीय देश है। इसलिए, हम आईएमईसी से साइप्रस को बाहर नहीं कर सकते।' उन्होंने स्पष्ट किया कि साइप्रस 2004 से यूरोपीय संघ और 2008 से यूरोजोन का सदस्य है, और इस हैसियत से वह पहले से आईएमईसी से जुड़ा है, लेकिन एक स्वतंत्र भागीदार के रूप में अधिक प्रत्यक्ष भूमिका की अपेक्षा रखता है। यह ऐसे समय में आया है जब आईएमईसी की रूपरेखा को व्यावहारिक स्वरूप देने की कोशिशें तेज़ हो रही हैं।
भारत-साइप्रस द्विपक्षीय संबंधों का नया अध्याय
व्रियोनाइड्स ने भारत और साइप्रस के ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच की मित्रता 1950-60 के दशक में राष्ट्रपति माकारियोस और प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के काल से चली आ रही है, जब दोनों नेता गुटनिरपेक्ष आंदोलन के सह-संस्थापकों में से थे। उन्होंने जून 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की साइप्रस यात्रा को एक ऐतिहासिक पड़ाव बताया, जिसमें 2025 से 2029 तक के लिए एक संयुक्त कार्य योजना पर हस्ताक्षर हुए। गौरतलब है कि इसी वर्ष मई 2026 में साइप्रस के राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलाइड्स ने भी भारत का दौरा किया था।
साइप्रस संकट और तुर्किए से संवाद की संभावना
उच्चायुक्त ने साइप्रस में 52 वर्षों से जारी कब्जे का जिक्र करते हुए अपना निजी अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि जुलाई 1974 में तुर्किए के हमले से पहले उनकी नींद ग्रीस के सैन्य जुंटा द्वारा साइप्रस की सरकार को गिराने की कोशिश की आवाज़ों से टूटी थी। तुर्किए के साथ संवाद की संभावना पर उन्होंने कहा कि यदि तुर्किए बातचीत की मेज पर आता है, तो साइप्रस वार्ता के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि साइप्रस तुर्किए की यूरोपीय संघ में शामिल होने की महत्वाकांक्षा का समर्थन करता है, बशर्ते वह यूरोपीय संघ के सभी नियमों का पालन करे।
गाजा मानवीय सहायता और पूर्वी भूमध्यसागरीय सुरक्षा
व्रियोनाइड्स ने बताया कि साइप्रस, इजरायल से मात्र 300 किमी की दूरी पर स्थित होने के कारण, गाजा के लिए मानवीय सहायता की एक अहम कड़ी बन गया है। उन्होंने कहा, 'हम एकमात्र ऐसे देश थे जो मानवीय संपर्क स्थापित करने में सक्षम थे। आज तक, गाजा के लोगों को हजारों टन भोजन, पोषण और चिकित्सा आपूर्ति प्रदान की गई है।' पूर्वी भूमध्यसागर में जारी सुरक्षा तनाव पर उन्होंने गहरी चिंता जताई और शांतिपूर्ण समाधान की उम्मीद व्यक्त की।
ब्रिक्स और वैश्विक बहुध्रुवीयता पर साइप्रस का नज़रिया
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बारे में उच्चायुक्त ने कहा कि 'एक अवधारणा के रूप में ब्रिक्स किसी भी एकाधिकार, चाहे वह वित्तीय हो या राजनीतिक, को संतुलित करने के लिए एक बहुत ही अभिनव और दिलचस्प विचार है।' उन्होंने इसे एक सफल आयोजन बताया। भारत के साथ संबंधों में प्रमुख प्राथमिकताओं पर उन्होंने पर्यटन, शिक्षा और आईटी क्षेत्र का विशेष उल्लेख किया, कहा कि साइप्रस में भारतीय छात्रों की बड़ी संख्या है और हाल के वर्षों में आईटी पेशेवरों को भी साइप्रस में रोजगार मिल रहा है।
भविष्य की दिशा स्पष्ट करते हुए व्रियोनाइड्स ने संकेत दिया कि आने वाले समय में भारत-साइप्रस के बीच राजनयिक, आर्थिक और रणनीतिक सहयोग और गहरा होगा, विशेष रूप से आईएमईसी के संदर्भ में साइप्रस की भूमिका को लेकर नई संभावनाएँ खुल रही हैं।