होर्मुज स्ट्रेट से 11,000 नाविकों की निकासी शुरू: आईएमओ ने ईरान-अमेरिका समझौते के बाद योजना लागू की
सारांश
मुख्य बातें
इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) ने 23 जून 2026 को होर्मुज स्ट्रेट में फंसे 11,000 से अधिक नाविकों की सुरक्षित निकासी के लिए औपचारिक अभियान की घोषणा की। यह कदम ईरान और अमेरिका के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (MOU) के बाद उठाया गया है, जिसने क्षेत्र में महीनों से जारी समुद्री संकट को कम करने की उम्मीद जगाई है।
निकासी अभियान की रूपरेखा
IMO के महासचिव आर्सेनियो डोमिंग्वेज ने बताया कि संगठन ने इस बचाव अभियान के लिए आवश्यक सुरक्षा मंजूरियाँ प्राप्त कर ली हैं और सुरक्षित समुद्री मार्गों की स्थिति की जाँच पूरी कर ली गई है। यह अभियान ईरान, ओमान और क्षेत्र के अन्य देशों तथा समुद्री उद्योग के सहयोग से पूरा किया जाएगा।
डोमिंग्वेज ने स्पष्ट किया कि 15 जून को उन्होंने चेतावनी दी थी कि निकासी योजना को लागू करने में समय लगेगा, क्योंकि सभी ज़रूरी सुरक्षा और बचाव इंतज़ामों को सुनिश्चित करना अनिवार्य था। अब आवश्यक तैयारियाँ पूरी होने के बाद अभियान शुरू किया जा रहा है।
संघर्ष का असर और मानवीय कीमत
IMO के आँकड़ों के अनुसार, फरवरी के अंत से 11 जून 2026 तक होर्मुज स्ट्रेट और आसपास के इलाकों में जहाज़ों से जुड़ी 46 घटनाएँ दर्ज की गईं, जिनमें 14 नाविकों की मौत हुई। डोमिंग्वेज ने इन नाविकों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वैश्विक व्यापार के लिए उनकी सेवा को कभी भुलाया नहीं जाएगा।
उन्होंने पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि लंबे समय तक अनिश्चित हालात में भी नाविकों का साहस और धैर्य सम्मान के योग्य है। गौरतलब है कि कई महीनों तक चले इस संघर्ष ने हज़ारों नाविकों को परेशानी में डाला और वैश्विक व्यापार पर भी गहरा असर पड़ा।
ईरान-अमेरिका समझौते का महत्व
डोमिंग्वेज ने ईरान और अमेरिका के बीच हुए शांति समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि यह समुद्री सुरक्षा को फिर से मज़बूत करने और व्यापारिक जहाज़ों पर हो रहे हमलों को रोकने की दिशा में एक बड़ा कदम है। IMO की प्राथमिकता नाविकों की सुरक्षा, समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता और वैश्विक व्यापार की निरंतर आवाजाही सुनिश्चित करना है।
होर्मुज स्ट्रेट अब खुला: ईरानी राजदूत
इस बीच, जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र (UN) कार्यालय में ईरान के राजदूत और स्थायी प्रतिनिधि अली बहरीनी ने मंगलवार को घोषणा की कि होर्मुज स्ट्रेट अब व्यापारिक जहाज़ों के लिए पूरी तरह खुला है और वहाँ किसी प्रकार का टोल नहीं लिया जाएगा।
बहरीनी ने कहा कि 60 दिनों के बाद स्थिति की दोबारा समीक्षा की जाएगी, जो ईरान और अमेरिका के बीच होने वाली आगामी बातचीत पर निर्भर करेगी। यह बयान वैश्विक शिपिंग उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के कुल तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुज़रता है।
आगे की राह
निकासी अभियान के सफल क्रियान्वयन के बाद होर्मुज क्षेत्र में समुद्री व्यापार की सामान्य बहाली की उम्मीद जताई जा रही है। IMO ने स्पष्ट किया है कि वह अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों की रक्षा और नाविकों की सुरक्षा के लिए क्षेत्रीय देशों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखेगा। 60 दिनों बाद होने वाली समीक्षा यह तय करेगी कि यह शांति व्यवस्था स्थायी रूप लेती है या नहीं।