भारत-GCC मंत्रिस्तरीय बैठक: जयशंकर ने समुद्री सुरक्षा और ₹178 अरब डॉलर व्यापार साझेदारी पर जताई प्रतिबद्धता
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 26 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क में भारत-गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) ट्रोइका मंत्रिस्तरीय बैठक की संयुक्त अध्यक्षता की, जिसमें दोनों पक्षों ने समुद्री रास्तों पर बिना रुकावट आवाजाही की स्वतंत्रता और वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई। क्षेत्रीय तनाव के कारण इन समुद्री गलियारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, ऐसे में यह बैठक कूटनीतिक दृष्टि से विशेष महत्व रखती है।
बैठक में कौन शामिल हुए
इस उच्चस्तरीय बैठक में GCC के महासचिव जासेम अल-बुदैवी, बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुल लतीफ अल-जयानी और कतर के विदेश मामलों के राज्य मंत्री सुल्तान बिन साद अल मुरैखी समेत कई वरिष्ठ प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक का आयोजन संयुक्त राष्ट्र महासभा के हाशिये पर किया गया था।
समुद्री सुरक्षा पर साझा रुख
बैठक के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'हमने समुद्री आवाजाही की आजादी और नाविकों तथा कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा को लेकर अपनी मजबूत प्रतिबद्धता दोहराई।' यह ऐसे समय में आया है जब हिंद महासागर और लाल सागर क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों पर हमलों की घटनाएँ भारतीय और खाड़ी देशों के आर्थिक हितों को सीधे प्रभावित कर रही हैं।
भारत-GCC संयुक्त कार्य योजना की समीक्षा
जयशंकर ने बताया कि बैठक में भारत-GCC संयुक्त कार्य योजना 2024-28 के तहत अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की गई। यह योजना 2024 में रियाद में हुई पहली भारत-GCC विदेश मंत्रियों की बैठक में अपनाई गई थी। इसके तहत स्वास्थ्य, व्यापार, कृषि, खाद्य सुरक्षा, परिवहन, ऊर्जा सुरक्षा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में सहयोग शामिल है।
गौरतलब है कि GCC फिलहाल भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 178 अरब डॉलर रहा, जो इस साझेदारी की रणनीतिक गहराई को रेखांकित करता है।
मुक्त व्यापार समझौते पर आगे बढ़ती बातचीत
बैठक में भारत-GCC मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लिए बातचीत फिर से शुरू होने का भी स्वागत किया गया। यह वार्ता फरवरी 2026 में दोबारा शुरू हुई थी। बैठक की तैयारी के तहत पिछले महीने रियाद में सऊदी अरब में भारत के राजदूत विपुल और GCC महासचिव अल-बुदैवी के बीच भी बातचीत हुई थी।
जयशंकर ने एक्स पर यह भी लिखा, 'हम व्यापार, निवेश, ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, नई टेक्नोलॉजी, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में संबंधों को और मजबूत करने की उम्मीद करते हैं।'
प्रवासी भारतीय समुदाय और आगे की राह
खाड़ी क्षेत्र में 90 लाख से अधिक भारतीय निवास करते हैं — यह भारतीय प्रवासियों की विश्व में सबसे बड़ी एकल-क्षेत्र सांद्रता है। जयशंकर ने इस समुदाय को दिए जा रहे सहयोग के लिए GCC देशों के नेतृत्व को धन्यवाद दिया। आने वाले समय में FTA वार्ता की प्रगति और समुद्री सुरक्षा पर द्विपक्षीय तालमेल इस साझेदारी की दिशा तय करेगा।