27 सितंबर 2026
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जयशंकर ने जीसीसी महासचिव से की मुलाकात, भारत-खाड़ी FTA वार्ता को नई गति

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जयशंकर ने जीसीसी महासचिव से की मुलाकात, भारत-खाड़ी FTA वार्ता को नई गति

सारांश

विदेश मंत्री जयशंकर की न्यूयॉर्क में GCC महासचिव से मुलाकात ने भारत-खाड़ी FTA वार्ता को नई ऊर्जा दी है। $178 अरब के मौजूदा द्विपक्षीय व्यापार को और विस्तार देने की यह कूटनीतिक पहल कृषि, फार्मा और सेवा क्षेत्र के लिए नए दरवाज़े खोल सकती है।

मुख्य बातें

जयशंकर ने न्यूयॉर्क में UNGA के इतर GCC महासचिव जासेम मोहम्मद अलबुदैवी और सऊदी विदेश राज्य मंत्री आदेल अल-जुबैर से मुलाकात की।
भारत-GCC द्विपक्षीय व्यापार वित्त वर्ष 2025-26 में $178 अरब से अधिक रहा।
खाड़ी क्षेत्र में लगभग 1 करोड़ भारतीय प्रवासी निवास करते हैं।
भारत के पास पहले से ओमान और यूएई के साथ CEPA है; GCC-स्तरीय FTA इसे व्यापक बनाएगा।
FTA से कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, चिकित्सा उपकरण और सेवा क्षेत्र को सर्वाधिक लाभ की संभावना।
UAE भारत का तीसरा और सऊदी अरब पाँचवाँ सबसे बड़ा वैश्विक व्यापारिक साझेदार है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 27 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के इतर खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव जासेम मोहम्मद अलबुदैवी और सऊदी अरब के विदेश मामलों के राज्य मंत्री आदेल अल-जुबैर से मुलाकात की। बातचीत का केंद्र भारत-GCC मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की संभावनाओं को मूर्त रूप देना रहा, जो दोनों पक्षों के बीच व्यापारिक संबंधों को ऐतिहासिक रूप से नई ऊँचाई पर ले जा सकता है।

बैठक की मुख्य बातें

GCC सचिवालय ने बैठक के बाद जारी बयान में कहा, 'GCC और भारत के बीच मुक्त व्यापार समझौते की वार्ता शुरू होना आर्थिक और निवेश के दायरे को व्यापक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।' अलबुदैवी ने ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, नवाचार और डिजिटल परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने की ज़रूरत पर भी बल दिया।

गौरतलब है कि यह बैठक UNGA सत्र के इतर हुई, जो इस तरह की कूटनीतिक पहलों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बनता जा रहा है।

व्यापारिक आँकड़े और महत्व

अरब न्यूज़ में प्रकाशित एक विश्लेषण के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में GCC-भारत द्विपक्षीय व्यापार $178 अरब (लगभग ₹14.8 लाख करोड़) से अधिक रहा। खाड़ी क्षेत्र में लगभग 1 करोड़ भारतीय प्रवासी निवास करते हैं, जो भारत के प्रेषण (remittance) की एक प्रमुख धुरी हैं।

व्यक्तिगत देश स्तर पर देखें तो यूएई भारत का तीसरा और सऊदी अरब पाँचवाँ सबसे बड़ा वैश्विक व्यापारिक साझेदार है। यह संख्याएँ GCC को भारत के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक समूहों में रखती हैं।

भारत को क्या मिलेगा

भारत पहले से ही GCC के दो सदस्य देशों — ओमान और यूएई — के साथ व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) कर चुका है। GCC-स्तरीय FTA से भारतीय निर्यातकों को बेहतर बाज़ार पहुँच, आपूर्ति शृंखलाओं में गहरा एकीकरण और भारतीय सेवाओं एवं कुशल पेशेवरों के लिए व्यापक अवसर मिलने की उम्मीद है।

पारंपरिक रूप से मशीनरी, कपड़ा, रत्न और आभूषण उद्योगों को FTA से लाभ होता रहा है। खाड़ी क्षेत्र के संदर्भ में कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य, फार्मास्यूटिकल्स, चिकित्सा उपकरण और सेवा क्षेत्र को अतिरिक्त बढ़त मिलने की संभावना जताई जा रही है।

पृष्ठभूमि और व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक आपूर्ति शृंखला में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहा है और खाड़ी देश अपनी तेल-निर्भर अर्थव्यवस्थाओं में विविधता लाने के लिए 'विज़न 2030' जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर जोर दे रहे हैं। दोनों पक्षों की यह पारस्परिक ज़रूरत FTA वार्ताओं को व्यावहारिक बल देती है।

आगे क्या होगा

FTA वार्ता अभी प्रारंभिक चरण में है और औपचारिक दौर शुरू होने की समय-सीमा अभी घोषित नहीं की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, कृषि टैरिफ, श्रम गतिशीलता और बौद्धिक संपदा अधिकार जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सहमति बनाना वार्ता की सबसे बड़ी चुनौती होगी। दोनों पक्षों की राजनीतिक इच्छाशक्ति मजबूत दिखती है, जो आने वाले महीनों में ठोस प्रगति का संकेत देती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-GCC मुक्त व्यापार समझौता (FTA) क्या है?
भारत-GCC FTA एक प्रस्तावित व्यापार समझौता है जो भारत और खाड़ी सहयोग परिषद के छह सदस्य देशों — सऊदी अरब, यूएई, कुवैत, कतर, ओमान और बहरीन — के बीच टैरिफ कम करने, बाज़ार पहुँच बढ़ाने और सेवा क्षेत्र में सहयोग को संस्थागत रूप देने का प्रयास है। वर्तमान में यह वार्ता के प्रारंभिक चरण में है।
जयशंकर की GCC अधिकारियों से यह बैठक कहाँ हुई?
यह बैठक न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) सत्र के इतर हुई। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने GCC महासचिव जासेम मोहम्मद अलबुदैवी और सऊदी अरब के विदेश राज्य मंत्री आदेल अल-जुबैर से मुलाकात की।
भारत और GCC के बीच मौजूदा व्यापार कितना है?
अरब न्यूज़ में प्रकाशित आँकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में GCC-भारत द्विपक्षीय व्यापार $178 अरब से अधिक रहा। व्यक्तिगत देश स्तर पर UAE भारत का तीसरा और सऊदी अरब पाँचवाँ सबसे बड़ा वैश्विक व्यापारिक साझेदार है।
FTA से भारत के किन क्षेत्रों को सबसे ज़्यादा फ़ायदा होगा?
कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य, फार्मास्यूटिकल्स, चिकित्सा उपकरण और सेवा क्षेत्र को सर्वाधिक लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा परंपरागत रूप से मशीनरी, कपड़ा और रत्न-आभूषण उद्योग भी FTA से लाभान्वित होते रहे हैं।
क्या भारत का GCC देशों के साथ पहले से कोई व्यापार समझौता है?
हाँ, भारत के पास GCC के दो सदस्यों — UAE और ओमान — के साथ पहले से व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) है। प्रस्तावित GCC-स्तरीय FTA इस ढाँचे को सभी छह सदस्य देशों तक विस्तारित करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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