भारत-जापान संचार और एआई सहयोग: राजदूत मल्लिक ने टोक्यो में की अहम बैठक
सारांश
मुख्य बातें
भारत और जापान ने 29 सितंबर 2026 को टोक्यो में संचार, डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और प्रगाढ़ करने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। यह चर्चा जापान में भारत की राजदूत नगमा मल्लिक और जापान के आंतरिक मामलों और संचार मंत्रालय के अंतरराष्ट्रीय मामलों के महानिदेशक हिदेओ फुसेदा के बीच हुई।
बैठक का विवरण और मुख्य एजेंडा
जापान स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस बैठक की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि राजदूत मल्लिक ने महानिदेशक फुसेदा से मुलाकात की और 'संचार, डिजिटल एवं एआई के क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने की संभावनाओं पर विचारों का आदान-प्रदान किया।' यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब दोनों देश अपने राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं और तकनीकी सहयोग को नई ऊँचाइयाँ देने की कोशिश में हैं।
क्रिकेट मैत्री मैच और राजनयिक मेलजोल
इससे पहले 22 सितंबर को राजदूत मल्लिक और जापान के विदेश मामलों के संसदीय उप-मंत्री काजुहिरो फुजी ने सानो शहर में आयोजित भारत-जापान अंतरराष्ट्रीय मैत्री क्रिकेट मैच के अवसर पर मुलाकात की थी। दूतावास के अनुसार, राजदूत ने फुजी को उनकी नई नियुक्ति पर बधाई दी और दोनों पक्ष भारत-जापान राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के संदर्भ में आपसी सहयोग को और आगे बढ़ाने पर सहमत हुए।
20 सितंबर को राजदूत मल्लिक ने कहा था, 'यह भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय कैलेंडर का एक महत्वपूर्ण आयोजन है। 22 तारीख को होने वाला क्रिकेट मैच भारत और जापान के बीच राजनयिक संबंधों के 75 साल के जश्न का उद्घाटन कार्यक्रम होगा। यह पहला आयोजन है और हमारे दोनों प्रधानमंत्रियों ने कुछ महीने पहले इस पर सहमति जताई थी।'
भारत-जापान संबंधों की पृष्ठभूमि
भारत और जापान के बीच राजनयिक संबंध 1952 में स्थापित हुए थे और दोनों देश 2014 से 'विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी' साझा करते हैं। यह साझेदारी आध्यात्मिक समानता और गहरे सांस्कृतिक एवं सभ्यतागत संबंधों में निहित है। गौरतलब है कि यह 75वाँ वर्ष दोनों देशों के लिए कूटनीतिक और तकनीकी दोनों मोर्चों पर सक्रियता का वर्ष रहा है।
जापानी प्रधानमंत्री की भारत यात्रा और शिखर वार्ता
जुलाई 2026 में जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची भारत की आधिकारिक यात्रा पर आई थीं। इस दौरान उन्होंने 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, आर्थिक सुरक्षा, ऊर्जा, उभरती प्रौद्योगिकियों, रक्षा और लोगों के बीच आदान-प्रदान सहित द्विपक्षीय संबंधों के व्यापक दायरे पर चर्चा की।
वार्ता के बाद दोनों नेताओं ने आर्थिक सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों और अनुसंधान एवं विकास से जुड़े प्रमुख समझौता ज्ञापनों के आदान-प्रदान को देखा। इससे स्पष्ट है कि संचार और एआई क्षेत्र में आज हुई बातचीत उस शिखर-स्तरीय प्रतिबद्धता का ही अनुवर्ती कदम है।
आगे की राह
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-जापान डिजिटल एवं एआई सहयोग इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण क़दम साबित हो सकता है। 75वीं वर्षगांठ के उत्सव के तहत आने वाले महीनों में और भी उच्च-स्तरीय बैठकें और समझौते अपेक्षित हैं, जो दोनों देशों के बीच तकनीकी और सामरिक साझेदारी को नई परिभाषा दे सकते हैं।