बाकू में भारत के 44 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों की स्थायी प्रदर्शनी, 18 जुलाई को उद्घाटन
सारांश
मुख्य बातें
अजरबैजान की राजधानी बाकू स्थित भारतीय दूतावास 18 जुलाई 2026 को शाम 6 बजे भारत के यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों पर एक स्थायी प्रदर्शनी का उद्घाटन करने जा रहा है। इस अवसर पर भारतीय स्ट्रीट फूड फेस्टिवल, फैशन शो और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएँगे। यह आयोजन बाकू में भारतीय सांस्कृतिक कूटनीति की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम है।
प्रदर्शनी का स्वरूप और आयोजन
दूतावास ने इस कार्यक्रम का निमंत्रण एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किया, जिसके साथ अजरबैजान में भारत के राजदूत अभय कुमार का एक वीडियो संदेश भी पोस्ट किया गया। दूतावास ने लिखा, '18 जुलाई शाम 6 बजे भारतीय दूतावास, बाकू में होने वाली भारत के यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों की स्थायी प्रदर्शनी के उद्घाटन और भारतीय स्ट्रीट फूड फेस्टिवल में आपका स्वागत है।'
राजदूत अभय कुमार ने अपने वीडियो संदेश में कहा, 'हमें बहुत खुशी है कि इस शनिवार शाम हम बाकू में भारत के यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों की एक स्थायी प्रदर्शनी पेश कर रहे हैं। इस प्रदर्शनी में भारत के शानदार स्मारकों और विश्व धरोहर स्थलों को दिखाया जाएगा।'
सांस्कृतिक रंग — खान-पान से फैशन तक
राजदूत कुमार ने बताया कि कार्यक्रम में चाय, समोसा और उत्तर व दक्षिण भारत की विभिन्न प्रकार की चाट परोसी जाएगी। इसके अलावा एक फैशन शो भी होगा, जिसमें अजरबैजान के स्थानीय प्रतिभागी भारतीय परिधान पहनेंगे। रंगारंग संगीत और नृत्य प्रस्तुतियाँ भी इस शाम का हिस्सा होंगी।
भारत की विश्व धरोहर विरासत — एक नज़र
यूनेस्को के आँकड़ों के अनुसार, भारत के कुल 44 स्थल विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं — जिनमें 36 सांस्कृतिक, 7 प्राकृतिक और 1 मिश्रित (सांस्कृतिक व प्राकृतिक दोनों) स्थल हैं। गौरतलब है कि भारत में सबसे पहले 1983 में आगरा किला इस सूची में शामिल किया गया था, और उसी वर्ष ताजमहल, एलोरा की गुफाएँ तथा अजंता की गुफाएँ भी इसमें जोड़े गए थे।
विश्व धरोहर स्थल वे स्थान होते हैं जिन्हें यूनेस्को उनके सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, वैज्ञानिक या अन्य विशेष महत्व के कारण अंतरराष्ट्रीय संरक्षण प्रदान करता है — इन्हें समूची मानवता की साझी अनमोल विरासत माना जाता है।
कूटनीतिक महत्व
यह आयोजन ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी सांस्कृतिक कूटनीति को मध्य एशिया और काकेशस क्षेत्र में सक्रिय रूप से विस्तार दे रहा है। बाकू में स्थायी प्रदर्शनी का अर्थ है कि यह झलक केवल एक आयोजन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि दूतावास परिसर में दीर्घकालिक रूप से भारत की विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा। यह पहल भारत-अजरबैजान द्विपक्षीय संबंधों को जन-से-जन स्तर पर मज़बूत करने की दिशा में एक ठोस प्रयास है।