भारत-वेनेजुएला ऊर्जा साझेदारी: क्रूड ऑयल संभावनाओं के लिए भारतीय तकनीकी टीम जाएगी काराकस
सारांश
मुख्य बातें
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 4 जून 2026 को वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज से मुलाकात की और घोषणा की कि भारत की तकनीकी टीम जल्द ही वेनेजुएला जाएगी — क्रूड ऑयल क्षेत्र में भविष्य की संभावनाओं का गहन विश्लेषण करने के लिए। वेनेजुएला अप्रैल और मई 2026 में भारत को कच्चे तेल के सबसे बड़े आपूर्तिकर्ताओं में से एक रहा है, जो इस द्विपक्षीय ऊर्जा संबंध की बढ़ती अहमियत को रेखांकित करता है।
बैठक में क्या हुआ
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल — जिसमें ऊर्जा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों के सीएमडी भी शामिल थे — ने कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज से विस्तृत चर्चा की। मंत्री पुरी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, 'भारत की वेनेजुएला के साथ 2008 से लंबे समय से ऊर्जा साझेदारी है और वह देश के साथ खास कॉम्प्लिमेंट्रीज साझा करता है।'
उन्होंने आगे स्पष्ट किया, 'वेनेजुएला के पास दुनिया में तेल का सबसे बड़ा रिजर्व है, जबकि भारत के पास न सिर्फ ऊर्जा की बहुत ज्यादा डिमांड है, बल्कि हमारे पास वेनेजुएला के क्रूड को हमारी रिफाइनरियों में रिफाइन करने के लिए तकनीकी विशेषज्ञता और मैनपावर भी है।'
भारत-वेनेजुएला ऊर्जा संबंध की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि भारत और वेनेजुएला के बीच ऊर्जा सहयोग 2008 से चला आ रहा है। वेनेजुएला के पास विश्व का सबसे बड़ा सिद्ध तेल भंडार है, और भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था की ऊर्जा माँग को देखते हुए यह साझेदारी दोनों देशों के लिए रणनीतिक महत्व रखती है। भारतीय रिफाइनरियाँ वेनेजुएला के भारी क्रूड को संसाधित करने में सक्षम हैं, जो इस सहयोग को तकनीकी दृष्टि से भी व्यावहारिक बनाता है।
पीएम मोदी की मुलाकात और व्यापक संदेश
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज से मुलाकात की। मोदी ने एक्स पर लिखा, 'वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज से मिलकर खुशी हुई। हमने ऊर्जा, जरूरी मिनरल्स, तकनीकी, कृषि, स्वास्थ्य और लोगों के बीच आपसी संपर्कों में अपने सहयोग को बढ़ाने पर काफी बातचीत की।' उन्होंने यह भी कहा कि लैटिन अमेरिका में एक अहम पार्टनर के तौर पर, वेनेजुएला के साथ भारत का करीबी सहयोग ग्लोबल साउथ के लिए बहुत जरूरी है।
सहयोग के अन्य क्षेत्र
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि बैठक में ऊर्जा सुरक्षा के अलावा व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य सेवाएँ और ऑटोमोबाइल उद्योग जैसे क्षेत्रों में नए अवसरों पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों ने आर्थिक और तकनीकी साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया, ताकि दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित किया जा सके।
आगे क्या होगा
भारत की तकनीकी टीम जल्द ही वेनेजुएला रवाना होगी और वहाँ क्रूड ऑयल आपूर्ति विस्तार की संभावनाओं का विस्तृत आकलन करेगी। यह यात्रा दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग को एक नई दिशा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।