अमेरिकी जनगणना सर्वे 2025: भारतीय मूल के अमेरिकियों की संख्या 54.1 लाख के पार, सबसे बड़ा एशियाई समूह बना
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी जनगणना ब्यूरो द्वारा जारी अमेरिकन कम्युनिटी सर्वे (ACS) के नवीनतम 1-वर्षीय अनुमानों के अनुसार, वर्ष 2025 में संयुक्त राज्य अमेरिका में केवल भारतीय अमेरिकी पहचान वाले लोगों की संख्या बढ़कर 54.1 लाख (5.41 मिलियन) हो गई है — जो एक वर्ष पूर्व 50.9 लाख (5.09 मिलियन) थी। यह एकल वर्ष में 3,15,000 से अधिक की वृद्धि को दर्शाता है और इस आँकड़े में लगभग 77,000 का मार्जिन ऑफ एरर भी शामिल है।
सबसे बड़े एशियाई समूह का दर्जा
ACS की एशियाई समूहों से संबंधित विस्तृत तालिका के अनुसार, यदि उन लोगों को भी शामिल किया जाए जिन्होंने स्वयं को एशियाई भारतीय बताया — चाहे केवल भारतीय हों या किसी अन्य नस्लीय समूह से भी जुड़े हों — तो यह संयुक्त संख्या 59.1 लाख (5.91 मिलियन) तक पहुँचती है, जो 2024 में 55.6 लाख (5.56 मिलियन) थी।
इस आधार पर एशियाई भारतीय अमेरिका का सबसे बड़ा एकल एशियाई समूह बन गए हैं। तुलना में, चीनी मूल के लोगों (ताइवानी को छोड़कर) की संख्या 46.5 लाख (4.65 मिलियन) है, हालाँकि अन्य समूहों के साथ मिलाकर यह संख्या 59.7 लाख (5.97 मिलियन) हो जाती है — जो एशियाई भारतीयों के लगभग बराबर है। सर्वे के अनुसार, 2025 में अमेरिका की कुल जनसंख्या 34.18 करोड़ (341.8 मिलियन) थी।
प्रवासियों में भारत दूसरे स्थान पर
सर्वे के आँकड़े बताते हैं कि अमेरिका में रहने वाले विदेश में जन्मे लोगों के मामले में, मेक्सिको के बाद भारत दूसरे स्थान पर है। 2025 में अमेरिका में रहने वाले लगभग 34 लाख (3.40 मिलियन) लोग भारत में जन्मे थे, जबकि 2024 में यह संख्या 31.6 लाख (3.16 मिलियन) थी। तुलना के लिए, मेक्सिको में जन्मे लोगों की संख्या 1.06 करोड़ (10.61 मिलियन) है। भारत के बाद चीन (हांगकांग व ताइवान को छोड़कर) से 24 लाख (2.40 मिलियन) और फिलीपींस से 22.4 लाख (2.24 मिलियन) लोग अमेरिका में रहते हैं। अमेरिका में कुल विदेशी मूल की आबादी 5.04 करोड़ (50.41 मिलियन) दर्ज की गई।
राज्यवार वितरण: कैलिफोर्निया शीर्ष पर
भारतीय मूल के लोगों की सर्वाधिक आबादी कैलिफोर्निया में है, जहाँ यह संख्या लगभग 10.2 लाख है। इसके बाद टेक्सास (लगभग 7.08 लाख), न्यू जर्सी (लगभग 4.71 लाख), न्यूयॉर्क (लगभग 4.2 लाख), इलिनोइस (लगभग 2.88 लाख) और फ्लोरिडा (लगभग 2.39 लाख) का स्थान है।
परिवारों की आय में वृद्धि और नए आँकड़े
ACS के आँकड़ों से परिवारों की आय में भी सुधार का पता चलता है। 2025 में राष्ट्रीय मीडियन पारिवारिक आय $84,780 रही, जो 2024 में $81,604 थी।
इस बार के सर्वे में पहली बार इलेक्ट्रिक वाहन (EV) स्वामित्व से जुड़े आँकड़े भी जुटाए गए। राष्ट्रीय स्तर पर लगभग 12.23 करोड़ परिवारों के पास कम से कम एक वाहन है, जिनमें से 73 लाख परिवारों के पास कम से कम एक पूर्णतः इलेक्ट्रिक या प्लग-इन हाइब्रिड वाहन है। राष्ट्रीय औसत 5.5 प्रतिशत है, जबकि कैलिफोर्निया में यह आँकड़ा 14 प्रतिशत तक पहुँचता है।
जनगणना ब्यूरो की सर्वेक्षण सांख्यिकीविद् ट्रिशिया होली ने कहा, 'इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में पश्चिमी राज्यों ने सबसे आगे बढ़कर काम किया है। कैलिफोर्निया में प्रति परिवार इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने की दर सबसे ज़्यादा रही, जिसके बाद वाशिंगटन, हवाई और नेवादा का स्थान आता है।' उन्होंने यह भी बताया कि सांता क्लारा काउंटी (जहाँ सिलिकॉन वैली का अधिकांश तकनीकी उद्योग स्थित है) देशभर में सर्वोच्च स्थान पर है, जहाँ लगभग 24 प्रतिशत परिवारों के पास EV है। वर्जीनिया की लाउडन काउंटी (13.9 प्रतिशत) और वाशिंगटन की किंग काउंटी (13.4 प्रतिशत) भी इस सूची में शामिल हैं।
सर्वे में पहली बार सीवर सिस्टम से जुड़े आँकड़े भी संकलित किए गए, जिनके अनुसार लगभग 80 प्रतिशत घर सार्वजनिक सीवर नेटवर्क से जुड़े हैं, जबकि 19.2 प्रतिशत में सेप्टिक टैंक की व्यवस्था है। जनगणना ब्यूरो ने बताया है कि 2025 के शेष ACS उत्पादों के जारी होने की तिथियों की घोषणा आने वाले महीनों में की जाएगी, क्योंकि अभी आवश्यक पद्धतिगत बदलाव किए जा रहे हैं।
यह सर्वे ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में आव्रजन नीति पर बहस तेज़ हो रही है और भारतीय-अमेरिकी समुदाय नीति-निर्माण, तकनीक और राजनीतिक परिदृश्य में अपनी उपस्थिति और अधिक सशक्त रूप में दर्ज करा रहा है।