12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: बीजिंग से लीमा तक भारतीय मिशनों ने जोड़े विविध समुदाय
सारांश
मुख्य बातें
22 जून 2025 को 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर दुनिया भर में फैले भारतीय कूटनीतिक मिशनों ने विविध समुदायों को एकजुट करते हुए भव्य आयोजन किए, जिनमें योग की सार्वभौमिक अपील और वैश्विक स्वास्थ्य एवं कल्याण में इसकी भूमिका को रेखांकित किया गया। इस वर्ष का थीम 'स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग' था, जो पीढ़ियों तक सक्रिय, स्वस्थ और खुशहाल जीवन में योग के योगदान पर केंद्रित रहा।
बीजिंग और ल्हात्से में विशेष आयोजन
बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने इस अवसर पर एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, "योग में जागरूकता, संतुलन और प्रकृति के साथ तालमेल जैसे हमेशा रहने वाले मूल्य शामिल हैं। ये मूल्य भारत और चीन दोनों देशों के लोगों के साथ गहराई से जुड़े हुए हैं।" उल्लेखनीय है कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के पहले बैच के तीर्थयात्रियों ने तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के ल्हात्से में योग दिवस मनाया, जो इस आयोजन को एक आध्यात्मिक आयाम देता है।
लीमा की टिटिकाका झील पर अनूठा योग सत्र
लीमा स्थित भारतीय दूतावास ने पेरू में दुनिया की सबसे ऊँची नौगम्य झील टिटिकाका पर एक विशेष योग सत्र का आयोजन किया। दूतावास ने एक्स पर लिखा, "लगभग 3 डिग्री सेल्सियस तापमान और पेरू के एंडीज की शानदार सुंदरता के बीच, प्रतिभागियों ने एक यादगार माहौल में सूरज की पहली किरणों का स्वागत किया, शांति, तालमेल और नेचर के साथ गहरा जुड़ाव महसूस किया।" यह सत्र समुद्र तल से हज़ारों मीटर की ऊँचाई पर आयोजित होने के कारण विशेष रूप से चर्चा में रहा।
अल्जीरिया में 400 से अधिक प्रतिभागी एकत्र
अल्जीरिया की राजधानी अल्जीयर्स के ऐतिहासिक जार्डिन डी'एसाई डू हम्मा में विभिन्न पृष्ठभूमियों के 400 से अधिक प्रतिभागी एकत्र हुए। वहाँ तैनात भारतीय राजदूत स्वाति वी. कुलकर्णी ने उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें प्रतिदिन योग अभ्यास अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। इस आयोजन ने भारत के सांस्कृतिक कूटनीति के एक प्रभावी उदाहरण के रूप में अपनी पहचान बनाई।
गिनी-बिसाऊ और बेरूत में उच्च-स्तरीय भागीदारी
गिनी-बिसाऊ में आयोजित समारोह में सभी आयु वर्गों के लोगों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में गिनी-बिसाऊ के युवा, संस्कृति और खेल मंत्री जुएल्मा क्यूबाला; वाणिज्य और उद्योग मंत्री जैमेंटिनो को; यूरोपीय संघ के राजदूत फेडेरिको बियानसी तथा कूटनीतिक समुदाय के अन्य वरिष्ठ सदस्य शामिल हुए। बेरूत में भारतीय दूतावास के कार्यक्रम में लेबनान के पर्यटन मंत्री लौरा लाहौद और सांसद एवं विदेश मामलों पर संसदीय समिति के अध्यक्ष डॉ. फादी अलामेह ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत भारत और लेबनान के राष्ट्रगान तथा 'वंदे मातरम' के गायन से हुई, इसके बाद सात प्रशिक्षकों के नेतृत्व में योग सत्र आयोजित किया गया।
वैश्विक मंच पर भारत की सांस्कृतिक कूटनीति
यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी 'सॉफ्ट पावर' को वैश्विक कूटनीति के एक प्रमुख उपकरण के रूप में स्थापित करने में जुटा है। गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित किया था, जो भारत की पहल पर 2015 से मनाया जा रहा है। इस वर्ष का आयोजन और भी व्यापक रहा, जिसमें एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और मध्य पूर्व तक के देशों में भारतीय मिशनों ने सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की। आने वाले वर्षों में यह आयोजन और अधिक देशों तक विस्तारित होने की संभावना है।