ईरान ने भारत और चार अन्य मित्र देशों को होर्मुज जलमार्ग से यात्रा की अनुमति दी

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ईरान ने भारत और चार अन्य मित्र देशों को होर्मुज जलमार्ग से यात्रा की अनुमति दी

सारांश

ईरान ने भारत, रूस, चीन, पाकिस्तान और इराक के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति देने की घोषणा की है। यह कदम क्षेत्र में बढ़ते टकराव के बीच सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास है।

Key Takeaways

  • भारत, रूस, चीन, पाकिस्तान और इराक के जहाजों को होर्मुज जलमार्ग से गुजरने की अनुमति।
  • अन्य देशों के लिए पहुँच सीमित है।
  • ईरान ने क्षेत्र में अपनी स्थिति को मजबूत किया है।
  • शत्रु देशों के जहाजों को अनुमति नहीं दी जाएगी।
  • जलमार्ग पर नियंत्रण बनाए रखने का ईरान का प्रयास।

तेहरान, २६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया में जारी टकराव के बीच, ईरान ने यह घोषणा की है कि वह भारत समेत पांच मित्र देशों के जहाजों पर कोई भी प्रतिबंध नहीं लगाएगा। इससे उन्हें रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की स्वतंत्रता प्राप्त होगी, जबकि अन्य देशों के लिए इस जलमार्ग की पहुँच सीमित रहेगी।

इस संघर्ष के बीच, भारत, रूस, चीन, पाकिस्तान और ईराक के जहाजों को इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से सुरक्षित यात्रा की अनुमति दी गई है।

विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ईरानी सरकारी टेलीविजन पर कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से बंद नहीं किया गया है और कुछ मित्र देशों को प्रतिबंधों से छूट दी गई है।

ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी के अनुसार, अराघची ने कहा, "हमने कुछ ऐसे देशों को गुजरने की अनुमति दी है, जिन्हें हम मित्र मानते हैं। इन देशों में चीन, रूस, भारत, ईराक और पाकिस्तान शामिल हैं।"

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन देशों को शत्रु माना जाता है, उनके जहाजों को जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। संयुक्त राज्य अमेरिका, इजरायल और कुछ खाड़ी देशों के जहाज, जो वर्तमान संकट में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, उन्हें इस जलमार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं मिलेगी।

अराघची ने जलमार्ग पर ईरान के नियंत्रण के प्रति संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि देश ने दशकों बाद इस क्षेत्र में अपना अधिकार साबित किया है।

उन्होंने कहा कि जब ईरान ने पहले होर्मुज जलडमरूमध्य की आंशिक नाकाबंदी की घोषणा की थी, तब कई पर्यवेक्षकों ने इसे एक दिखावा मान लिया था। हालाँकि, उन्होंने कहा कि घटनाक्रमों ने ईरान की स्थिति को लागू करने की क्षमता को स्पष्ट किया है, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा पारगमन मार्गों में से एक पर नियंत्रण स्थापित करने में सक्षम है।

Point of View

ईरान ने अपनी स्थिति को मजबूत किया है। यह निर्णय क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित कर सकता है, खासकर तब जब अन्य देशों के जहाजों को इस जलमार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं है।
NationPress
26/03/2026

Frequently Asked Questions

ईरान ने किन देशों के जहाजों को होर्मुज जलमार्ग से गुजरने की अनुमति दी है?
ईरान ने भारत, रूस, चीन, पाकिस्तान और इराक के जहाजों को होर्मुज जलमार्ग से गुजरने की अनुमति दी है।
क्या अन्य देशों के जहाजों को होर्मुज जलमार्ग से गुजरने की अनुमति है?
नहीं, अन्य देशों के जहाजों को इस जलमार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं है।
अराघची ने क्या कहा?
अराघची ने कहा कि जिन देशों को शत्रु माना जाता है, उनके जहाजों को जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति नहीं होगी।
क्या होर्मुज जलमार्ग पूरी तरह से बंद है?
नहीं, होर्मुज जलमार्ग को पूरी तरह से बंद नहीं किया गया है।
ईरान ने अपनी स्थिति को कैसे मजबूत किया है?
ईरान ने दशकों बाद इस क्षेत्र में अपना अधिकार प्रदर्शित किया है और महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर नियंत्रण स्थापित किया है।
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