ईरान के हमले में सऊदी एयरबेस पर अमेरिकी 'अवाक्स' और रिफ्यूलिंग विमान हुए तबाह
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नई दिल्ली, 29 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान ने रविवार को किए गए हमलों में अमेरिकी विमान 'ई-3 सेंट्री अवाक्स' को नुकसान पहुँचाने का दावा किया है। ईरान ने अमेरिकी विमानों को निशाना बनाते हुए सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर हमला किया।
ईरान के इस्लामी गणतंत्र ईरान प्रसारण (आईआरआईबी) के अनुसार, सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर खड़े एक ई-3 सेंट्री अवाक्स को ईरान के हमले के दौरान क्षति पहुँची है। इसके साथ ही कई रिफ्यूलिंग विमान (केसी-135) भी प्रभावित हुए हैं। यह विमान अमेरिका की क्षेत्रीय हवाई निगरानी और कमांड क्षमता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह युद्ध के मैदान में आंख और दिमाग की भूमिका निभाता है।
इससे पहले, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने एक अमेरिकी एफ-16 फाइटिंग फाल्कन और एक एमक्यू-9 रीपर ड्रोन को निशाना बनाने का दावा किया था। ईरान के दक्षिणी हवाई क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश कर रहे विमानों और ड्रोन को वायु रक्षा प्रणाली ने नष्ट कर दिया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने भी स्वीकार किया है कि उनका एफ-16 फाइटिंग फाल्कन निशाना बनाया गया था।
आईआरजीसी ने अपने आधिकारिक समाचार माध्यम सेपाह न्यूज पर जारी बयान में कहा कि अमेरिकी फाइटर जेट और ड्रोन को उनकी नौसेना और एयरोस्पेस डिवीजन द्वारा संयुक्त जवाबी मिसाइल और ड्रोन अभियानों में निशाना बनाया गया। ये अभियान अमेरिका और इजरायल से संबंधित भारी उद्योगों के खिलाफ चलाए गए थे।
ईरान ने अमेरिकी विश्वविद्यालयों पर हमले की कड़ी चेतावनी भी जारी की है। ईरानी सरकार ने आरोप लगाया है कि अमेरिका और इजरायल जानबूझकर ईरान के विश्वविद्यालयों और स्कूलों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में अब आईआरजीसी ने मध्य पूर्व में अमेरिकी विश्वविद्यालयों को निशाना बनाने की धमकी दी है।
आईआरजीसी ने कहा है कि अमेरिकी और इजरायली हमलों में ईरान की दो यूनिवर्सिटी नष्ट हो गई हैं। ईरानी मीडिया की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया, "अगर अमेरिकी सरकार चाहती है कि इस क्षेत्र में उसके विश्वविद्यालय बदले की कार्रवाई से बचे रहें, तो उसे 30 मार्च को तेहरान समय के अनुसार दोपहर 12 बजे तक आधिकारिक बयान में ईरानी यूनिवर्सिटी पर बमबारी की निंदा करनी चाहिए।"