इजरायल में ईरानी हमलों का कहर, इन्फ्लुएंसर रिवाइटल मोसेस ने जताई चिंता
सारांश
Key Takeaways
- ईरान ने इजरायल के परमाणु केंद्रों पर हमले किए।
- इजरायल में नागरिकों के बीच डर का माहौल है।
- रिवाइटल मोसेस ने स्थिति पर चिंता जताई।
- 100 से ज्यादा लोग ईरानी हमलों में घायल हुए।
- इजरायल का जवाब हमलों के खिलाफ मजबूत रहने का वादा है।
तेल अवीव, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। वर्तमान में मिडिल ईस्ट में तनाव का माहौल छाया हुआ है। ईरान ने इजरायल और पूरे पश्चिम एशिया में अमेरिकी ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं। स्थानीय समय के अनुसार, शनिवार को ईरान ने इजरायल के परमाणु केंद्र पर हमला किया। इस कठिन परिस्थिति पर भारतीय-इजरायली इन्फ्लुएंसर रिवाइटल मोसेस ने अपनी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि वहां लोग सायरन और डर के साए में अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
मोसेस ने कहा, "मैं 2020 में इजरायल आई थी, और अब मुझे यहां छह साल हो चुके हैं। वर्तमान में इजरायल के हालात भय और चिंता से भरे हैं। यहाँ के सामान्य नागरिकों के दिलों में बहुत डर है, क्योंकि इजरायल पर कभी भी हमला हो सकता है, और कोई भी लगातार इस तरह के डर में नहीं रहना चाहता।"
उन्होंने आगे कहा, "हम सायरन के बीच अपनी जिंदगी जीते रहते हैं। चाहे किराने का सामान खरीदना हो, वीडियो बनाना हो, काम करना हो या बच्चों की पढ़ाई करनी हो, सब कुछ सायरन बजते ही होता है। जब मिसाइलें गिरती हैं, तो लोग घर के अंदर या शेल्टर के पास रहने की कोशिश करते हैं और संभव हो तो शेल्टर में ही सो जाते हैं, क्योंकि हमले सुबह एक या तीन बजे भी हो सकते हैं।"
इजरायल में जारी हमलों के बीच एक शादी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई। इस बारे में रिवाइटल मोसेस ने कहा, "यह वास्तव में बहुत अद्भुत था। एक कपल, मेरे करीबी दोस्तों में से एक, ने कहा कि वे पारंपरिक शादी नहीं करना चाहते, बल्कि वे माइनस चार डिग्री में जाकर अपनी शादी का जश्न मनाएंगे।"
ईरान ने इजरायल के दक्षिणी शहरों में न्यूक्लियर सिटी डिमोना और अराद में बड़ा मिसाइल हमला किया है। शनिवार को इन शहरों में ईरानी हमलों में 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए। घायलों में से 11
हमलों के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और इजरायल डिफेंस फोर्स के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर ने इजरायल के दुश्मनों से सभी मोर्चों पर लड़ते रहने का वादा किया।
इजरायली मीडिया, टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, दक्षिणी हमलों में गंभीर रूप से घायल लोगों में डिमोना में हमले के कारण छर्रे लगने से घायल एक 12 साल5 साल
ईरान की सरकारी मीडिया ने कहा कि ये हमले इजरायल की न्यूक्लियर रिसर्च फैसिलिटी को लक्ष्य बना रहे थे, जो डिमोना से लगभग 10 किलोमीटर और अराद से 30 किलोमीटर की दूरी पर है। अमेरिका और इजरायल हमेशा से ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए सक्रिय रहे हैं। इस संदर्भ में, इजरायल के परमाणु केंद्रों पर ताजा मिसाइल हमले को ईरान की ओर से प्रतिशोध के रूप में देखा जा रहा है।