ईरान में भारतीय मेडिकल छात्रों की सुरक्षा पर विदेश मंत्रालय से महत्वपूर्ण बातचीत
सारांश
Key Takeaways
- विदेश मंत्रालय ने सुरक्षा उपायों को लागू किया है।
- छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।
- परिस्थितियों पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।
नई दिल्ली, 5 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद मोमिन ने ईरान में अध्ययन कर रहे भारतीय मेडिकल छात्रों की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है।
उन्होंने बताया कि दिल्ली में विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बातचीत हुई है। मंत्रालय ने छात्रों को सलाह दी है कि वे घर के अंदर रहें और अनावश्यक रूप से बाहर जाने से बचें।
तेहरान में भारतीय दूतावास ने पहले ही कई छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा है। अधिकांश छात्रों को तेहरान से क़ुम शहर में स्थानांतरित किया गया है, जो कि अधिक सुरक्षित माना जाता है। दूतावास छात्रों की सुरक्षा और कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। छात्रों को यह सलाह दी गई है कि वे जहां हैं, वहीं रहें और दूतावास के संपर्क में बने रहें। दूतावास उनकी ठहरने, भोजन और अन्य आवश्यकताओं में मदद कर रहा है।
डॉ. मोमिन ने कहा कि एआईएमएसए और छात्रों के माता-पिता ने विदेश मंत्रालय से निवेदन किया है कि छात्रों को शीघ्र सुरक्षित निकाला जाए। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण छात्र और उनके परिवार चिंतित हैं। एआईएमएसए ने सरकार से अपील की है कि स्थिति को ध्यान में रखते हुए तुरंत कदम उठाए जाएं ताकि छात्रों की जान को कोई खतरा न हो।
ईरान में अध्ययनरत अधिकांश भारतीय छात्र मेडिकल कोर्स कर रहे हैं और वे जम्मू-कश्मीर, केरल और अन्य राज्यों से हैं। दूतावास ने पहले ही एडवाइजरी जारी कर नागरिकों को सतर्क रहने और उपलब्ध साधनों से देश छोड़ने की सलाह दी थी। हालाँकि, कुछ छात्र परीक्षाओं के कारण रुक गए थे। अब एआईएमएसए और परिवारों की मांग है कि परीक्षाओं को स्थगित कर छात्रों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाए।
विदेश मंत्रालय और दूतावास स्थिति पर निरंतर नज़र रख रहे हैं और छात्रों के साथ संपर्क में हैं। एआईएमएसए ने छात्रों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और दूतावास के निर्देशों का पालन करें। आगे की स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर और कदम उठाए जाएंगे।