ईरान को अजेय सैन्य शक्ति बनाएंगे: राष्ट्रपति पेजेश्कियन का मिसाइल तकनीक पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट किया कि उनका देश उन्नत तकनीकी क्षमताओं — विशेष रूप से मिसाइल निर्माण — में इस हद तक सक्षम होना चाहता है कि कोई भी शत्रु ईरान पर हमला करने का साहस न कर सके। अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, पेजेश्कियन तेहरान के निकट इस्लामशहर में स्थानीय शैक्षणिक संस्थानों के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्य घोषणा और संदर्भ
राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने कहा, 'हम इससे कहीं बेहतर कर सकते हैं, ताकि ईरान ऐसी स्थिति में पहुंच जाए, जहां कोई दुश्मन उस पर हमला करने की हिम्मत न करे।' उन्होंने मिसाइल निर्माण सहित अन्य उन्नत तकनीकों में ईरान की हालिया उपलब्धियों को देश के मानव संसाधन और वैज्ञानिक क्षमताओं का प्रमाण बताया। यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्रीय तनाव के बीच ईरान की रक्षा नीति अंतरराष्ट्रीय ध्यान का केंद्र बनी हुई है।
शिक्षा और भावी पीढ़ी पर जोर
इस अवसर पर प्रांतीय गवर्नरों, अधिकारियों, इमामों और शिक्षा जगत की著名 शख्सियतों को संबोधित करते हुए पेजेश्कियन ने कहा, 'ईरान के भविष्य का सम्मान या अपमान इन्हीं बच्चों पर निर्भर करता है।' उन्होंने एक ऐसी पीढ़ी तैयार करने का आह्वान किया जो 'संवेदनशील, नैतिक, रचनात्मक और सक्षम हो, तथा केवल नारों से नहीं, बल्कि अपने कार्यों से देश की समस्याओं का समाधान करे।' राष्ट्रपति ने शिक्षा को राष्ट्रीय रक्षा क्षमता की बुनियाद बताया।
'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' की चेतावनी
इस बीच, ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने देश की समाचार एजेंसी आईएसएनए द्वारा जारी एक बयान में आगाह किया कि 'दुश्मन के खतरों को कम करके आंकना नहीं चाहिए।' असेंबली ने सरकार से अपील की कि मौजूदा कमियों से इनकार न करें, उम्मीद को कम न होने दें, और जैसी स्थिति है उसी में संतुष्ट होकर न बैठ जाएं। यह बयान राष्ट्रपति के संबोधन के साथ मिलकर ईरानी नेतृत्व की एकजुट सुरक्षा-चेतना को रेखांकित करता है।
राष्ट्रीय एकजुटता और सुशासन का आह्वान
असेंबली ने यह भी कहा कि शासन व्यवस्था को अधिक कुशल, न्यायपूर्ण, जवाबदेह और जन-केंद्रित बनाने का प्रयास होना चाहिए। गौरतलब है कि ईरान के भीतर आर्थिक दबाव और बाहरी सुरक्षा चुनौतियों के बीच यह 'राष्ट्रीय एकजुटता' का आह्वान महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश देता है। पेजेश्कियन ने यह भी स्वीकार किया कि 'ईरान ने तकनीकी विकास के क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल की हैं, लेकिन देश को मौजूदा स्थिति से कहीं बेहतर प्रदर्शन करने की जरूरत है।'
क्या होगा आगे
विश्लेषकों के अनुसार, पेजेश्कियन का यह बयान ईरान की दीर्घकालिक रक्षा रणनीति की पुनः पुष्टि है, जिसमें तकनीकी आत्मनिर्भरता और शैक्षणिक उत्कृष्टता को समानांतर प्राथमिकताएं दी जा रही हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेष रूप से पश्चिमी देश, ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को लेकर पहले से सतर्क हैं और यह वक्तव्य कूटनीतिक स्तर पर नई प्रतिक्रियाएं उत्पन्न कर सकता है।