25 अगस्त 2026
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ईरानी रियाल रिकॉर्ड निचले स्तर पर: $1 के मुकाबले 20.2 लाख रियाल, अमेरिकी प्रतिबंधों से पहले ही बाज़ार में हाहाकार

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ईरानी रियाल रिकॉर्ड निचले स्तर पर: $1 के मुकाबले 20.2 लाख रियाल, अमेरिकी प्रतिबंधों से पहले ही बाज़ार में हाहाकार

सारांश

ईरानी रियाल अब तक के सबसे निचले स्तर — 20.2 लाख प्रति डॉलर — पर पहुँच गया, और यह अमेरिकी प्रतिबंधों की घोषणा से पहले ही हुआ। डिजिटल एसेट्स, सोना, एविएशन और शिपिंग समेत पाँच क्षेत्रों पर नए प्रतिबंध ईरान की अर्थव्यवस्था के बचे-खुचे स्रोतों को भी निशाना बनाते हैं।

मुख्य बातें

ईरानी रियाल खुले बाज़ार में 25 अगस्त 2026 को 20.2 लाख प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुँचा।
केंद्रीय बैंक की आधिकारिक दर 15 लाख रियाल प्रति डॉलर — खुले बाज़ार से करीब 5 लाख की खाई।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरान के लिए 'आर्थिक डी-डे' की चेतावनी दी।
नए प्रतिबंध डिजिटल एसेट्स, टेक्नोलॉजी, सोना, एविएशन और शिपिंग को निशाना बनाते हैं।
राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने अमेरिका से नीति बदलने की अपील की; विदेश मंत्रालय ने होर्मुज़ स्ट्रेट पर अमेरिकी दावे खारिज किए।
28 फरवरी के संयुक्त अमेरिकी-इज़राइली हमलों के बाद से लगभग छह महीने से जारी संघर्ष ने आर्थिक संकट को और गहरा किया है।

ईरानी मुद्रा रियाल ने 25 अगस्त 2026 को खुले बाज़ार में अब तक का सबसे निचला स्तर छू लिया — एक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कीमत 20.2 लाख रियाल तक गिर गई। यह गिरावट अमेरिका की ओर से नए प्रतिबंधों की औपचारिक घोषणा से महज़ कुछ घंटे पहले दर्ज हुई, जो इस बात का संकेत है कि बाज़ार पहले ही आने वाले झटके को भाँप चुका था।

मुद्रा संकट की पूरी तस्वीर

सोमवार को बाज़ार खुलते ही रियाल की कीमत 2.02 मिलियन प्रति डॉलर पर आ गई, जबकि ईरान के केंद्रीय बैंक की आधिकारिक विनिमय दर लगभग 1.5 मिलियन रियाल प्रति डॉलर थी। खुले बाज़ार और आधिकारिक दर के बीच यह चौड़ी खाई ईरान की अर्थव्यवस्था पर बढ़ते दबाव को उजागर करती है।

गौरतलब है कि रियाल पर दबाव नया नहीं है। 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल की ओर से किए गए संयुक्त हमलों से पहले भी मुद्रा संकट में थी, और उसके बाद से लगभग छह महीने से जारी सैन्य संघर्ष ने अर्थव्यवस्था की कमर और तोड़ दी है।

अमेरिकी प्रतिबंधों का दायरा

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने सोमवार को ईरान के लिए 'आर्थिक डी-डे' की चेतावनी दी और इन कदमों को 'ईरान के खिलाफ आर्थिक हमला' करार दिया। ट्रेजरी डिपार्टमेंट के अनुसार, नए प्रतिबंध पाँच प्रमुख क्षेत्रों को निशाना बनाते हैं — डिजिटल एसेट्स, टेक्नोलॉजी, सोना, एविएशन और शिपिंग

यह ऐसे समय में आया है जब ईरान पहले से ही दशकों पुराने प्रतिबंधों के बोझ तले दबा है और नए क्षेत्रों को प्रतिबंध के दायरे में लाना उसकी विदेशी मुद्रा आय के बचे-खुचे स्रोतों को भी बंद करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

ईरान की सरकारी प्रतिक्रिया

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने तेहरान में कहा कि अमेरिका को ईरान के प्रति अपना रवैया और नीति बदलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 'अमेरिका का दबाव और धमकाने वाली रणनीति पर भरोसा केवल मामलों को और जटिल बनाएगा।' पेजेश्कियन ने यह भी उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच हुए शांति समझौता ज्ञापन (एमओयू) में तय लक्ष्यों को निरंतर सहयोग के ज़रिए हासिल किया जा सकेगा।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'हमने निश्चित रूप से युद्ध की शुरुआत नहीं की है, लेकिन हम यह भी नहीं होने देंगे कि युद्ध का अंत आक्रामक पक्षों की शर्तों पर हो।' बाघेई ने अमेरिका के उन दावों को भी खारिज किया जिनमें कहा गया था कि होर्मुज़ स्ट्रेट खुला हुआ है और वहाँ से रोज़ाना लाखों बैरल तेल गुज़र रहा है।

आम जनता और अर्थव्यवस्था पर असर

रियाल की यह ऐतिहासिक गिरावट ईरानी नागरिकों के लिए आयातित वस्तुओं — दवाइयों, खाद्य सामग्री और ईंधन — की कीमतों में तेज़ उछाल का कारण बन सकती है। आलोचकों का कहना है कि प्रतिबंधों की मार सबसे पहले आम जनता पर पड़ती है, न कि सरकारी तंत्र पर।

आगे क्या होगा

अमेरिकी प्रतिबंधों की औपचारिक घोषणा के बाद रियाल पर दबाव और बढ़ने की आशंका है। विश्लेषकों के अनुसार, होर्मुज़ स्ट्रेट की स्थिति और शांति एमओयू के क्रियान्वयन पर आने वाले हफ्तों में नज़र रखना ज़रूरी होगा, क्योंकि ये दोनों कारक वैश्विक तेल बाज़ार और क्षेत्रीय स्थिरता को सीधे प्रभावित करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

मुद्रा-आत्मसमर्पण की स्थिति है। खुले बाज़ार और आधिकारिक दर के बीच 5 लाख रियाल की खाई दर्शाती है कि केंद्रीय बैंक का नियंत्रण कागज़ी है। डिजिटल एसेट्स और शिपिंग को निशाना बनाकर अमेरिका उन्हीं 'बचाव रास्तों' को बंद कर रहा है जो ईरान ने पिछले प्रतिबंध दौरों में खोजे थे। राष्ट्रपति पेजेश्कियन की 'एमओयू पर उम्मीद' और विदेश मंत्रालय की 'झुकेंगे नहीं' की भाषा — दोनों एक साथ — यह संकेत देती हैं कि तेहरान के भीतर भी रणनीति पर एकमत नहीं है।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरानी रियाल अब तक के सबसे निचले स्तर पर क्यों पहुँचा?
25 अगस्त 2026 को खुले बाज़ार में रियाल 20.2 लाख प्रति डॉलर तक गिर गया — अमेरिकी प्रतिबंधों की औपचारिक घोषणा से पहले ही। 28 फरवरी के अमेरिकी-इज़राइली हमलों के बाद से छह महीने के संघर्ष और नए प्रतिबंधों की आशंका ने मिलकर यह दबाव बनाया।
अमेरिका ने ईरान पर कौन-से नए प्रतिबंध लगाए हैं?
ट्रेजरी डिपार्टमेंट के अनुसार नए प्रतिबंध पाँच क्षेत्रों — डिजिटल एसेट्स, टेक्नोलॉजी, सोना, एविएशन और शिपिंग — को निशाना बनाते हैं। वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने इन्हें ईरान के वित्तीय संबंधों पर 'आर्थिक हमला' बताया।
ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने अमेरिकी प्रतिबंधों पर क्या कहा?
राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने तेहरान में कहा कि अमेरिका की दबाव और धमकाने वाली रणनीति मामलों को और जटिल बनाएगी। उन्होंने अमेरिका से ईरान के वैध अधिकारों और अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुरूप अपनी ज़िम्मेदारियाँ निभाने की अपील की।
ईरान की केंद्रीय बैंक दर और खुले बाज़ार की दर में इतना फर्क क्यों है?
केंद्रीय बैंक की आधिकारिक दर लगभग 15 लाख रियाल प्रति डॉलर है, जबकि खुले बाज़ार में यह 20.2 लाख तक पहुँच गई। यह अंतर बताता है कि सरकारी नियंत्रण कमज़ोर हो रहा है और आम नागरिक व व्यापारी आधिकारिक दर पर डॉलर नहीं पा रहे।
होर्मुज़ स्ट्रेट पर ईरान और अमेरिका के बीच विवाद क्या है?
अमेरिका का दावा है कि होर्मुज़ स्ट्रेट खुला है और वहाँ से रोज़ाना लाखों बैरल तेल गुज़र रहा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने इस दावे को सोमवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीधे खारिज किया।
राष्ट्र प्रेस
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