25 अगस्त 2026
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ईरान की चेतावनी: अमेरिकी 'आर्थिक दबाव अभियान' में शामिल हुए तो होर्मुज जलडमरूमध्य होगा बंद

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ईरान की चेतावनी: अमेरिकी 'आर्थिक दबाव अभियान' में शामिल हुए तो होर्मुज जलडमरूमध्य होगा बंद

सारांश

ईरान ने साफ कह दिया है — अमेरिका के साथ आए तो दुश्मन माने जाओगे। होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने की धमकी के साथ तेहरान ने वैश्विक ऊर्जा बाज़ार को हिला देने वाला दांव खेला है। यह केवल कूटनीतिक बयानबाज़ी नहीं, बल्कि जून 2026 के एमओयू के बाद उभरे नए टकराव की पहली सीधी चुनौती है।

मुख्य बातें

मोहसेन रेजाई ने 23 अगस्त 2026 को चेतावनी दी कि अमेरिकी 'आर्थिक दबाव अभियान' में शामिल देशों को ईरान 'दुश्मन' मानेगा।
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी से तेल निर्यात रोकने की धमकी दी।
राष्ट्रपति ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर ईरान को 'जीवन रेखा' देने वाले देशों के खिलाफ 'अब तक का सबसे कठोर आर्थिक अभियान' चलाने की घोषणा की।
विदेश मंत्री अरागची ने 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि अमेरिका का यह अभियान भी पिछले प्रतिबंधों की तरह विफल होगा।
उप विदेश मंत्री गरीबाबादी ने अमेरिकी दबाव को वाशिंगटन की 'पिछली विफलताओं को छिपाने की कोशिश' बताया।
होर्मुज जलडमरूमध्य से वैश्विक समुद्री तेल व्यापार का लगभग 20% गुज़रता है।

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसेन रेजाई ने 23 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि जो भी पड़ोसी या अन्य देश अमेरिका के 'आर्थिक दबाव अभियान' में तेहरान के विरुद्ध भागीदार बनेंगे, उन्हें ईरान 'दुश्मन' मानेगा और उनके हितों को सीधे निशाना बनाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 'जीवन रेखा' देने वाले देशों के खिलाफ 'अब तक का सबसे कठोर आर्थिक अभियान' चलाने की घोषणा की है।

रेजाई की दो-टूक चेतावनी

सरकारी टेलीविज़न चैनल आईआरआईबी को दिए साक्षात्कार में रेजाई ने कहा कि तेहरान पहले उन देशों से राजनयिक संवाद करेगा और अपील करेगा कि वे अमेरिका की 'आर्थिक जंग' में भागीदार न बनें। उन्होंने आगे कहा कि यदि वे देश अमेरिकी अभियान का समर्थन जारी रखते हैं, तो ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी से तेल निर्यात रोक देगा।

रेजाई ने यह भी स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य तब तक बंद रहेगा जब तक अमेरिका जून 2026 में तेहरान और वाशिंगटन के बीच हुए शांति समझौते (एमओयू) के तहत अपनी प्रतिबद्धताएँ पूरी नहीं करता।

ट्रंप की घोषणा और ईरान की प्रतिक्रिया

बुधवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, 'यह अभूतपूर्व स्तर पर आर्थिक युद्ध और अलगाव होगा।' इस घोषणा के तत्काल बाद ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर जवाब दिया।

अरागची ने लिखा, '14 साल पहले 'इतिहास के सबसे कठोर प्रतिबंध' विफल रहे, 8 साल पहले 'अधिकतम दबाव' विफल रहा, 5 महीने पहले 'बिना शर्त आत्मसमर्पण' विफल रहा, आज 'अब तक का सबसे कठोर आर्थिक अभियान' का विफल होना तय है।'

उप विदेश मंत्री का रुख

कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के लिए ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि अमेरिका 'आर्थिक युद्ध' के नाम पर ईरान पर अतिरिक्त दबाव डाल रहा है, जो उनके अनुसार वाशिंगटन की पिछली विफलताओं को छिपाने की कोशिश है। ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, गरीबाबादी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जहाँ अमेरिका दावा करता है कि ईरान 'पतन के कगार पर है', वहीं वह सहयोगियों से मदद माँग रहा है — जो स्वयं एक अंतर्विरोध है।

होर्मुज जलडमरूमध्य का वैश्विक महत्व

गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से विश्व के कुल समुद्री तेल व्यापार का लगभग 20% गुज़रता है। इस मार्ग को बंद करने की धमकी वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों के लिए अत्यंत संवेदनशील संकेत है। यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतें पहले से अस्थिर हैं और कई एशियाई देश ईरानी तेल के आयात पर निर्भर हैं।

आगे क्या

ईरान और अमेरिका के बीच जून 2026 में हुए एमओयू की शर्तों के पालन को लेकर तनाव बढ़ता दिख रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में क्षेत्रीय देशों पर दोनों पक्षों का कूटनीतिक दबाव और तेज होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह दोनों पक्षों की अस्थायी राजनीतिक ज़रूरत थी। ट्रंप का 'अभूतपूर्व आर्थिक युद्ध' और ईरान का 'होर्मुज कार्ड' एक साथ मेज़ पर आना दर्शाता है कि समझौते की स्याही अभी सूखी भी नहीं और तनाव पहले स्तर पर लौट आया है। भारत सहित एशियाई देशों के लिए यह स्थिति ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज़ से सीधी चुनौती है।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान ने किन देशों को चेतावनी दी है?
ईरान ने पड़ोसी और अन्य सभी देशों को चेतावनी दी है जो अमेरिका के 'आर्थिक दबाव अभियान' में तेहरान के विरुद्ध शामिल होते हैं। सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसेन रेजाई ने कहा कि ऐसे देशों को ईरान 'दुश्मन' मानेगा और उनके हितों को निशाना बनाएगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने की धमकी का क्या मतलब है?
होर्मुज जलडमरूमध्य से विश्व के कुल समुद्री तेल व्यापार का लगभग 20% गुज़रता है। इसे बंद करने का अर्थ होगा वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में भारी व्यवधान, जिससे तेल की कीमतें तेज़ी से बढ़ सकती हैं और एशियाई देश सबसे अधिक प्रभावित होंगे।
ट्रंप ने ईरान के खिलाफ क्या घोषणा की?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट कर कहा कि ईरान को 'जीवन रेखा' देने वाले किसी भी देश के खिलाफ 'अब तक का सबसे कठोर आर्थिक अभियान' चलाया जाएगा। उन्होंने इसे 'अभूतपूर्व स्तर पर आर्थिक युद्ध और अलगाव' बताया।
ईरान के विदेश मंत्री अरागची ने क्या कहा?
विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि अमेरिका का यह अभियान भी विफल होगा, जैसे पिछले 14 वर्षों में 'सबसे कठोर प्रतिबंध', 'अधिकतम दबाव' और 'बिना शर्त आत्मसमर्पण' की माँगें विफल हुई थीं।
जून 2026 का ईरान-अमेरिका एमओयू क्या था?
जून 2026 में तेहरान और वाशिंगटन के बीच एक शांति समझौता (एमओयू) हुआ था। रेजाई के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य तब तक बंद रह सकता है जब तक अमेरिका इस समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताएँ पूरी नहीं करता।
राष्ट्र प्रेस
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