स्वतंत्रता दिवस 2026 से पहले सुरक्षा अलर्ट: पाक-बांग्लादेश सीमाओं पर BSF का 'ऑपरेशन अलर्ट' शुरू
सारांश
मुख्य बातें
खुफिया एजेंसियों की चेतावनियों के बाद भारतीय सुरक्षा तंत्र ने 15 अगस्त 2026 से पहले पाकिस्तान और बांग्लादेश की सीमाओं पर निगरानी तेज कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (ISI) समर्थित तत्व स्वतंत्रता दिवस के आसपास किसी बड़ी कार्रवाई का प्रयास कर सकते हैं। सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने पश्चिमी सीमा पर 10 अगस्त से 'ऑपरेशन अलर्ट' शुरू किया है, जो 17 अगस्त तक जारी रहेगा।
खुफिया चेतावनियाँ और खतरे का स्वरूप
कई खुफिया रिपोर्टों में संकेत मिले हैं कि ISI न केवल सीमावर्ती क्षेत्रों में, बल्कि देश के भीतर भी हमले की कोशिश कर सकती है। इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के एक अधिकारी के अनुसार, ISI यह मानती है कि 15 अगस्त के समारोहों के दौरान सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान मुख्यतः दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में केंद्रित रहेगा — और वह इसी अवसर का फायदा उठाने की फिराक में है।
अधिकारी ने कहा, 'ISI इसी स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश कर रही है और स्वतंत्रता दिवस के दिन या उससे पहले किसी बड़ी कार्रवाई का प्रयास कर सकती है।'
घुसपैठ के संभावित रास्ते
अधिकारियों के अनुसार, सबसे पहले जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों की घुसपैठ कराने का प्रयास हो सकता है। इसके साथ ही बांग्लादेश सीमा के रास्ते भी आतंकवादियों को भारत में भेजने की कोशिश की जा सकती है। विशेष रूप से टियर-2 शहरों — जहाँ महानगरों की तुलना में सुरक्षा व्यवस्था अपेक्षाकृत कम कड़ी होती है — को भी ISI की निगाह में बताया जा रहा है।
ISI पर आंतरिक दबाव का असर
सीमा पार से प्राप्त कुछ इंटरसेप्ट के अनुसार, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और बलूचिस्तान में जारी आंतरिक उथल-पुथल के कारण ISI इस समय भारी दबाव में है। अधिकारियों का मानना है कि पाकिस्तान किसी बड़े मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की कार्रवाई कर सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान की आंतरिक राजनीतिक और आर्थिक स्थिति पहले से ही अस्थिर बनी हुई है।
सुरक्षा एजेंसियों की तैयारी
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियाँ पंजाब, जम्मू-कश्मीर और दिल्ली पर विशेष नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन क्षेत्रों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के चलते ISI के लिए किसी हमले को अंजाम देना आसान नहीं होगा। BSF का 'ऑपरेशन अलर्ट' 10 से 17 अगस्त तक चलेगा, जिसमें सभी वरिष्ठ अधिकारी सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।
एक अन्य अधिकारी ने आगाह किया कि ISI एजेंसियों का ध्यान भटकाने के लिए झूठी चेतावनियाँ भी फैला सकती है। उनके अनुसार, कई इंटरसेप्ट में दिल्ली या कश्मीर में बड़े हमले के संकेत मिले हैं, लेकिन ऐसी खुफिया जानकारियाँ अक्सर ध्यान भटकाने की रणनीति का हिस्सा होती हैं, जबकि वास्तविक हमला किसी अन्य स्थान पर किया जा सकता है।
आगे की चुनौती
अधिकारियों के मुताबिक, पाकिस्तान और बांग्लादेश — दोनों सीमाओं पर एक साथ निगरानी बनाए रखना सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। स्वतंत्रता दिवस के बाद भी सतर्कता का स्तर बनाए रखा जाएगा, क्योंकि खतरे का आकलन लगातार जारी है।