8 अगस्त 2026
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जयशंकर ने पारामारिबो में लगाया 'एक पेड़ मां के नाम' पौधा, बोले- साझेदारी से ही मिलेगी वैश्विक प्रगति

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जयशंकर ने पारामारिबो में लगाया 'एक पेड़ मां के नाम' पौधा, बोले- साझेदारी से ही मिलेगी वैश्विक प्रगति

सारांश

जयशंकर की सूरीनाम यात्रा महज़ कूटनीतिक औपचारिकता नहीं थी — यह भारत की 'वसुधैव कुटुंबकम' नीति को ज़मीन पर उतारने की कोशिश थी। फल-प्रसंस्करण केंद्र की सौंपाई से लेकर 'एक पेड़ मां के नाम' पहल तक, भारत ने ग्लोबल साउथ में अपनी साझेदारी को ठोस रूप देने का संदेश दिया।

मुख्य बातें

जयशंकर ने 8 मई 2026 को पारामारिबो में 'एक पेड़ मां के नाम' पहल के तहत इंडिया हाउस में पौधा लगाया।
जयशंकर ने 'प्रगति के लिए साझेदारी' विषय पर संबोधन में भारत की वैश्विक भूमिका, विकास साझेदारियों और 'फर्स्ट रिस्पॉन्डर' रिकॉर्ड को रेखांकित किया।
सूरीनाम के विदेश मंत्री मेल्विन बाउवा ने कार्यक्रम में उपस्थिति दी और आयोजन में सहयोग किया।
गुरुवार को जयशंकर ने भारत की आर्थिक सहायता से स्थापित फल-प्रसंस्करण केंद्र सूरीनाम को सौंपा, जिसके लिए 10 लाख अमेरिकी डॉलर का SME अनुदान दिया गया था।
जयशंकर ने कहा कि भारत 'वसुधैव कुटुंबकम' की प्रतिबद्धता को ठोस परियोजनाओं के ज़रिए साबित करता है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 8 मई 2026 को सूरीनाम की राजधानी पारामारिबो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल 'एक पेड़ मां के नाम' के तहत इंडिया हाउस में एक पौधा लगाया और 'प्रगति के लिए साझेदारी' विषय पर एक महत्वपूर्ण संबोधन दिया। इस यात्रा के दौरान उन्होंने भारत को एक भरोसेमंद वैश्विक साझेदार के रूप में प्रस्तुत करते हुए भारत-सूरीनाम संबंधों को नई दिशा देने का संकल्प जताया।

पौधारोपण और 'एक पेड़ मां के नाम' पहल

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पारामारिबो स्थित इंडिया हाउस में पौधा लगाने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा,

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन संदेश बड़ा है — भारत 'फर्स्ट रिस्पॉन्डर' की भूमिका में खुद को स्थापित करना चाहता है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि कैरेबियाई और लैटिन अमेरिकी देशों में भारत की विकास साझेदारियाँ चीन की तुलना में अभी भी आकार और निरंतरता में पीछे हैं। 'एक पेड़ मां के नाम' जैसी पहल की अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति भारत की सॉफ्ट पावर को मज़बूत करती है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि ये साझेदारियाँ दीर्घकालिक आर्थिक परिणामों में कितनी तब्दील होती हैं।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'एक पेड़ मां के नाम' पहल क्या है?
'एक पेड़ मां के नाम' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक पर्यावरण पहल है जिसके तहत लोगों को अपनी माँ के नाम पर पौधा लगाने के लिए प्रेरित किया जाता है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 8 मई 2026 को सूरीनाम के पारामारिबो स्थित इंडिया हाउस में इस पहल के तहत पौधा लगाया।
जयशंकर ने सूरीनाम में 'प्रगति के लिए साझेदारी' कार्यक्रम में क्या कहा?
जयशंकर ने कहा कि एक मुश्किल दुनिया में प्रगति साझेदारी के ज़रिए सबसे अच्छे तरीके से हासिल की जा सकती है। उन्होंने भारत की विकास साझेदारियों, वैश्विक कार्यबल और 'फर्स्ट रिस्पॉन्डर' के रूप में भारत के रिकॉर्ड को रेखांकित किया।
भारत ने सूरीनाम को फल-प्रसंस्करण केंद्र कैसे दिया?
भारत ने 10 लाख अमेरिकी डॉलर के 'लघु और मध्यम उद्यम' (SME) अनुदान से फल-प्रसंस्करण मशीनें सूरीनाम को दीं, जिसकी घोषणा विदेश मंत्री जयशंकर ने 2025 में की थी। यह केंद्र गुरुवार को जयशंकर ने सूरीनाम को औपचारिक रूप से सौंपा।
सूरीनाम के विदेश मंत्री कौन हैं और उन्होंने इस कार्यक्रम में क्या भूमिका निभाई?
सूरीनाम के विदेश मंत्री मेल्विन बाउवा हैं। उन्होंने 'प्रगति के लिए साझेदारी' कार्यक्रम में उपस्थिति दी और इसके आयोजन में सूरीनाम के विदेश मंत्रालय ने सहयोग किया, जिसके लिए जयशंकर ने उन्हें धन्यवाद दिया।
भारत-सूरीनाम संबंधों का महत्व क्या है?
भारत सूरीनाम को ग्लोबल साउथ के एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में देखता है। जयशंकर ने कहा कि भारत सूरीनाम की विकास यात्रा में साझेदार बनेगा और मिलकर भारत-सूरीनाम संबंधों का अगला अध्याय लिखेगा, जो 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना पर आधारित है।
राष्ट्र प्रेस
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