19 जुलाई 2026
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जयशंकर से मिले दक्षिण अफ्रीकी उपराष्ट्रपति मशातिले, व्यापार-निवेश और MSME सहयोग पर बनी सहमति

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जयशंकर से मिले दक्षिण अफ्रीकी उपराष्ट्रपति मशातिले, व्यापार-निवेश और MSME सहयोग पर बनी सहमति

सारांश

विदेश मंत्री जयशंकर और दक्षिण अफ्रीकी उपराष्ट्रपति मशातिले की नई दिल्ली में मुलाकात महज़ शिष्टाचार नहीं — यह BRICS साझेदारों के बीच आर्थिक रिश्तों को व्यापार, MSME, डिजिटल और अवसंरचना क्षेत्रों में ठोस आकार देने की कोशिश है।

मुख्य बातें

जयशंकर ने 2 जून 2026 को नई दिल्ली में दक्षिण अफ्रीकी उपराष्ट्रपति शिपोकोसा पॉल मशातिले से मुलाकात की।
उपराष्ट्रपति मशातिले 29 मई से 3 जून तक छह दिवसीय भारत यात्रा पर हैं।
दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश, MSME, डिजिटल और अवसंरचना क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
MSME मंत्री जीतन राम मांझी और दक्षिण अफ्रीका की लघु व्यवसाय विकास मंत्री स्टेला तेम्बिसा दाबेनी के नेतृत्व में अलग MSME बैठक भी हुई।
दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मिलकर काम करने और BRICS के तहत समन्वय बढ़ाने पर ज़ोर दिया।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार, 2 जून 2026 को नई दिल्ली में दक्षिण अफ्रीका के उपराष्ट्रपति शिपोकोसा पॉल मशातिले से मुलाकात की। 29 मई से शुरू हुई छह दिवसीय भारत यात्रा के दौरान हुई इस बैठक में दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश, डिजिटल नवाचार, अवसंरचना और एमएसएमई क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को नई ऊँचाई देने पर सहमति जताई। यह यात्रा 3 जून को समाप्त होगी।

बैठक में क्या हुआ

बैठक के बाद एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए जयशंकर ने लिखा, 'नई दिल्ली में दक्षिण अफ्रीका गणराज्य के उपराष्ट्रपति शिपोकोसा पॉल माशातिले और उनके प्रतिनिधिमंडल से मिलकर प्रसन्नता हुई। मैं दीर्घकालिक साझेदारी संबंधों को और गहरा करने की उनकी प्रतिबद्धता की सराहना करता हूं। व्यापार, निवेश, एमएसएमई, डिजिटल और अवसंरचना क्षेत्रों में अवसरों पर चर्चा हुई।' उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देश अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मिलकर काम करने पर सहमत हुए हैं।

उपराष्ट्रपति मशातिले ने भी सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा, 'भारत के विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर के साथ हमने सहमति व्यक्त की कि दक्षिण अफ्रीका और भारत को अपने संबंधों का विस्तार अन्य क्षेत्रों में भी करना चाहिए, विशेष रूप से आर्थिक संबंधों में।' एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच रिश्ते 'गरीबी, बेरोजगारी और असमानता जैसी चुनौतियों से निपटने की कुंजी हैं।'

MSME क्षेत्र में सहयोग की रूपरेखा

यात्रा के दौरान सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री जीतन राम मांझी के नेतृत्व में एक अलग बैठक भी आयोजित हुई, जिसमें दक्षिण अफ्रीका के लघु व्यवसाय विकास मंत्री स्टेला तेम्बिसा दाबेनी के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल शामिल था। आधिकारिक बयान के अनुसार दोनों पक्षों ने वित्त तक पहुँच बढ़ाने, एंटरप्राइज फॉर्मेलाइजेशन, डिजिटलीकरण में तेज़ी, उद्यमिता को प्रोत्साहन और कौशल प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों में ठोस सहयोग की संभावनाएँ तलाशीं।

दोनों देशों ने आर्थिक विकास, रोज़गार सृजन और समावेशी विकास में MSME की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार किया। यह बैठक उस साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है जिसके तहत दोनों देश MSME क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता के लिए अनुकूल वातावरण विकसित करना चाहते हैं।

साझा रणनीतिक आधार

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच यह बढ़ती नज़दीकी दोनों देशों के साझा इतिहास, ब्रिक्स (BRICS) सदस्यता और ग्लोबल साउथ की प्रभावशाली आवाज़ों के रूप में उनकी भूमिका पर टिकी है। गौरतलब है कि दोनों देश बहुपक्षीय संस्थानों में पहले से समन्वय करते रहे हैं, और यह यात्रा उस सहयोग को आर्थिक धरातल पर और मज़बूत करने की कोशिश है।

यह ऐसे समय में आया है जब ग्लोबल साउथ के देश बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए आपसी गठजोड़ को प्राथमिकता दे रहे हैं।

आगे की राह

उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल में कई मंत्री शामिल हैं, जो संकेत देता है कि यह यात्रा केवल कूटनीतिक शिष्टाचार तक सीमित नहीं, बल्कि ठोस क्षेत्रीय साझेदारियों की नींव रखने का प्रयास है। व्यापार, डिजिटल नवाचार और कौशल विकास के क्षेत्रों में आगे की कार्ययोजना पर दोनों पक्षों की बातचीत जारी रहने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार की वास्तविक वृद्धि अब तक घोषणाओं की तुलना में धीमी रही है। असली कसौटी यह होगी कि MSME और डिजिटल सहयोग की ये रूपरेखाएँ ठोस समझौतों और मापनीय परिणामों में कब तब्दील होती हैं। ग्लोबल साउथ की साझा आवाज़ तब तक प्रभावशाली नहीं बनती जब तक उसे आर्थिक पारस्परिकता का समर्थन न मिले।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विदेश मंत्री जयशंकर और दक्षिण अफ्रीकी उपराष्ट्रपति मशातिले की मुलाकात किस उद्देश्य से हुई?
यह मुलाकात 2 जून 2026 को नई दिल्ली में हुई, जिसमें व्यापार, निवेश, MSME, डिजिटल नवाचार और अवसंरचना क्षेत्रों में भारत-दक्षिण अफ्रीका द्विपक्षीय सहयोग को मज़बूत करने पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई।
दक्षिण अफ्रीका के उपराष्ट्रपति मशातिले की भारत यात्रा कब से कब तक है?
उपराष्ट्रपति शिपोकोसा पॉल मशातिले 29 मई को नई दिल्ली पहुँचे और उनकी छह दिवसीय यात्रा 3 जून 2026 को समाप्त होगी। उनके साथ कई मंत्रियों सहित एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है।
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच MSME सहयोग पर क्या निर्णय हुए?
MSME मंत्री जीतन राम मांझी और दक्षिण अफ्रीका की लघु व्यवसाय विकास मंत्री स्टेला तेम्बिसा दाबेनी की अगुवाई में हुई बैठक में वित्त तक पहुँच, डिजिटलीकरण, उद्यमिता और कौशल प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों में सहयोग की रूपरेखा तय की गई। दोनों देशों ने MSME को आर्थिक विकास और रोज़गार सृजन का मुख्य आधार माना।
भारत-दक्षिण अफ्रीका संबंधों का रणनीतिक आधार क्या है?
दोनों देश BRICS के सदस्य हैं और ग्लोबल साउथ की प्रभावशाली आवाज़ों के रूप में पहचाने जाते हैं। इसके अलावा दोनों का साझा ऐतिहासिक अनुभव और बहुपक्षीय संस्थानों में समन्वय की परंपरा इस साझेदारी को मज़बूत बनाती है।
जयशंकर ने इस मुलाकात पर क्या कहा?
जयशंकर ने एक्स पर लिखा कि उन्होंने व्यापार, निवेश, MSME, डिजिटल और अवसंरचना क्षेत्रों में अवसरों पर चर्चा की और दोनों देश अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मिलकर काम करने पर सहमत हुए। उन्होंने मशातिले की 'दीर्घकालिक साझेदारी को और गहरा करने की प्रतिबद्धता' की सराहना की।
राष्ट्र प्रेस
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