17 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारत-दक्षिण अफ्रीका रणनीतिक साझेदारी: कीर्ति वर्धन सिंह ने उप विदेश मंत्री अन्ना मोराका से की द्विपक्षीय वार्ता

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारत-दक्षिण अफ्रीका रणनीतिक साझेदारी: कीर्ति वर्धन सिंह ने उप विदेश मंत्री अन्ना मोराका से की द्विपक्षीय वार्ता

सारांश

दक्षिण अफ्रीका के उप राष्ट्रपति पॉल माशाटिले की अगुवाई में आया उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भारत-दक्षिण अफ्रीका संबंधों को नई धार देने आया है। 2019 के बाद पहली इस स्तर की यात्रा में व्यापार, विज्ञान, स्वास्थ्य और डिजिटल तकनीक — सभी मोर्चों पर साझेदारी का एजेंडा है।

मुख्य बातें

विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने 1 जून 2026 को दक्षिण अफ्रीका की उप विदेश मंत्री अन्ना मोराका से द्विपक्षीय वार्ता की।
दक्षिण अफ्रीका के उप राष्ट्रपति पॉल माशाटिले उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत दौरे पर हैं — यह दूसरे दक्षिण अफ्रीकी उप राष्ट्रपति की भारत यात्रा है।
2 जून को माशाटिले विदेश मंत्री एस.
जयशंकर , राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति सी.
राधाकृष्णन से मिलेंगे।
प्रतिनिधिमंडल में स्वास्थ्य, लघु व्यवसाय, विज्ञान-नवाचार और डिजिटल तकनीक मंत्री शामिल; हैदराबाद दौरा भी कार्यक्रम में।
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्राध्यक्ष की पिछली आधिकारिक भारत यात्रा 2019 में राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा की थी।

विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने 1 जून 2026 को नई दिल्ली में दक्षिण अफ्रीका की उप विदेश मंत्री अन्ना मोराका के साथ द्विपक्षीय बैठक की, जिसमें दोनों देशों के बीच चल रही रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के उपायों पर विस्तृत चर्चा हुई। यह बैठक दक्षिण अफ्रीका के उप राष्ट्रपति पॉल माशाटिले की उच्चस्तरीय भारत यात्रा के दौरान हुई, जो व्यापार, निवेश और रणनीतिक संबंधों को नई दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई है।

बैठक का विवरण और मंत्री की प्रतिक्रिया

बैठक के बाद कीर्ति वर्धन सिंह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि उन्हें अन्ना मोराका से मिलकर प्रसन्नता हुई। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बीच भारत-दक्षिण अफ्रीका की चल रही रणनीतिक साझेदारी और द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ करने के तरीकों पर सार्थक संवाद हुआ। मोराका दक्षिण अफ्रीकी उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में शुक्रवार को भारत पहुँची थीं।

उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की संरचना

उप राष्ट्रपति माशाटिले के साथ आए प्रतिनिधिमंडल में कई वरिष्ठ मंत्री शामिल हैं — स्वास्थ्य मंत्री आरोन मोत्सोआलेदी, लघु व्यवसाय विकास मंत्री स्टेला नदाबेनी, विज्ञान एवं नवाचार राज्य मंत्री नोमालुंगेलो गिना और संचार एवं डिजिटल तकनीक राज्य मंत्री मोंडली गुंगुबेले। प्रतिनिधिमंडल की व्यापकता इस यात्रा के बहुआयामी एजेंडे को रेखांकित करती है।

आगामी कार्यक्रम और उच्चस्तरीय बैठकें

उप राष्ट्रपति माशाटिले 2 जून को विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ वार्ता करेंगे। उसी दिन वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन से भी भेंट करेंगे। दिल्ली के कार्यक्रम पूरे होने के बाद प्रतिनिधिमंडल हैदराबाद का दौरा करेगा। दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, भारतीय व्यापार नेताओं और निवेशकों के साथ एक राउंडटेबल बैठक भी इस यात्रा का अहम हिस्सा है।

ऐतिहासिक संदर्भ और संबंधों की पृष्ठभूमि

विदेश मंत्रालय के अनुसार, दक्षिण अफ्रीका के किसी राष्ट्राध्यक्ष की पिछली आधिकारिक भारत यात्रा 2019 में हुई थी, जब राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बने थे। माशाटिले दक्षिण अफ्रीका के दूसरे उप राष्ट्रपति हैं जो भारत की आधिकारिक यात्रा पर आए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देश वैश्विक दक्षिण के एजेंडे पर साझा रुख अपनाते हुए गुटनिरपेक्षता और दक्षिण-दक्षिण सहयोग को नई ऊर्जा देने में जुटे हैं।

द्विपक्षीय संबंधों का आधार

दक्षिण अफ्रीका के बयान के अनुसार, दोनों देशों के संबंध साझा इतिहास, सांस्कृतिक जुड़ाव और विकासशील विश्व के प्रति समान दृष्टिकोण पर आधारित हैं। गौरतलब है कि भारत और दक्षिण अफ्रीका दोनों ब्रिक्स (BRICS) के सदस्य हैं और बहुपक्षीय मंचों पर अक्सर समन्वित रुख अपनाते हैं। इस यात्रा को दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को ठोस आकार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इसका समय महत्वपूर्ण है जब ग्लोबल साउथ की आवाज़ बहुपक्षीय मंचों पर तेज़ हो रही है। दोनों देश BRICS के सदस्य हैं, फिर भी द्विपक्षीय व्यापार अपनी क्षमता से काफी नीचे बना हुआ है। राउंडटेबल बैठक और हैदराबाद दौरे से संकेत मिलता है कि इस बार एजेंडा घोषणाओं से आगे ठोस निवेश सौदों तक पहुँचने का है — लेकिन असली कसौटी यह होगी कि बैठकों के बाद कितने प्रतिबद्धताएँ ज़मीन पर उतरती हैं।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कीर्ति वर्धन सिंह और अन्ना मोराका की बैठक में क्या हुआ?
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने 1 जून 2026 को नई दिल्ली में दक्षिण अफ्रीका की उप विदेश मंत्री अन्ना मोराका से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच चल रही रणनीतिक साझेदारी व द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करने के उपायों पर चर्चा की।
दक्षिण अफ्रीका के उप राष्ट्रपति पॉल माशाटिले की भारत यात्रा का उद्देश्य क्या है?
दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत के साथ व्यापार और निवेश संबंधों को मज़बूत करना है। इसके लिए भारतीय व्यापार नेताओं और निवेशकों के साथ एक राउंडटेबल बैठक भी आयोजित की जाएगी।
उप राष्ट्रपति माशाटिले भारत में किन नेताओं से मिलेंगे?
2 जून को माशाटिले विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन से मुलाकात करेंगे। दिल्ली के बाद वे हैदराबाद भी जाएंगे।
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच पिछली उच्चस्तरीय यात्रा कब हुई थी?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दक्षिण अफ्रीका के किसी राष्ट्राध्यक्ष की पिछली आधिकारिक भारत यात्रा 2019 में हुई थी, जब राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बने थे।
दक्षिण अफ्रीकी प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन से मंत्री शामिल हैं?
प्रतिनिधिमंडल में उप विदेश मंत्री अन्ना मोराका के अलावा स्वास्थ्य मंत्री आरोन मोत्सोआलेदी, लघु व्यवसाय विकास मंत्री स्टेला नदाबेनी, विज्ञान एवं नवाचार राज्य मंत्री नोमालुंगेलो गिना और संचार एवं डिजिटल तकनीक राज्य मंत्री मोंडली गुंगुबेले शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 12 महीने पहले