विदेश मंत्री जयशंकर से मिले थ्यूरिंगिया के मिनिस्टर-प्रेसिडेंट मारियो वोग्ट, व्यापार-तकनीक साझेदारी पर चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार, 2 जून 2026 को नई दिल्ली में जर्मनी के थ्यूरिंगिया राज्य के मिनिस्टर-प्रेसिडेंट मारियो वोग्ट और उनके प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। दोनों पक्षों के बीच भारत-जर्मनी व्यापार एवं प्रौद्योगिकी साझेदारी को और मज़बूत करने पर सार्थक बातचीत हुई।
मुख्य बैठक और चर्चा के विषय
जयशंकर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इस मुलाकात की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा, 'थ्यूरिंगिया के मिनिस्टर-प्रेसिडेंट मारियो वोग्ट और उनके प्रतिनिधिमंडल से मिलकर खुशी हुई।' उन्होंने भारत-जर्मनी और भारत-यूरोपीय संघ संबंधों के विस्तार के प्रति वोग्ट के सहयोग को स्वागतयोग्य बताया।
बैठक में व्यापार, डिजिटल प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा देने पर विशेष ज़ोर दिया गया। आपूर्ति श्रृंखला सहयोग और उन्नत तकनीक में निवेश के नए अवसरों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
दिल्ली की मुख्यमंत्री से भी हुई बैठक
इसी दौरान मारियो वोग्ट और उनके प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से भी मुलाकात की। इस बैठक में स्मार्ट शहरी विकास, टिकाऊ बुनियादी ढाँचा, डिजिटल प्रशासन, नवाचार, कौशल विकास और प्रतिभा आदान-प्रदान जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में परिवहन, जल प्रबंधन, पर्यावरणीय तकनीकों, शिक्षा और कार्यबल विकास के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएँ भी तलाशी गईं। मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत-जर्मनी संबंध निरंतर प्रगाढ़ हो रहे हैं और दिल्ली इस साझेदारी को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाने को प्रतिबद्ध है।
थ्यूरिंगिया: जर्मनी का तकनीकी केंद्र
थ्यूरिंगिया जर्मनी का एक प्रमुख औद्योगिक एवं तकनीकी राज्य है, जो उच्च तकनीक विनिर्माण, अनुसंधान और नवाचार के लिए विख्यात है। मारियो वोग्ट वहाँ के मिनिस्टर-प्रेसिडेंट हैं — यह पद भारत में किसी राज्य के मुख्यमंत्री के समतुल्य होता है।
भारत-जर्मनी संबंधों की पृष्ठभूमि
भारत और जर्मनी दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदार रहे हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, हरित ऊर्जा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में व्यापक सहयोग जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब बदलते वैश्विक परिदृश्य में दोनों पक्ष आपूर्ति श्रृंखला विविधीकरण और हरित विकास में नई संभावनाएँ तलाश रहे हैं।
आगे की राह
इस उच्चस्तरीय बैठक से भारत-जर्मनी संबंधों में राज्य-स्तरीय कूटनीति को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है। गौरतलब है कि यह मुलाकात ऐसे समय हुई जब भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत जारी है, जिसमें जर्मनी की भूमिका निर्णायक मानी जाती है।