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डॉ. काली चौधरी का सपना: लॉस एंजेलिस के केपीसी स्क्वायर पर लहराएगा भारत का तिरंगा

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डॉ. काली चौधरी का सपना: लॉस एंजेलिस के केपीसी स्क्वायर पर लहराएगा भारत का तिरंगा

सारांश

पाँच साल से अधिक की कानूनी लड़ाई और 90 मुकदमों में जीत के बाद, भारतीय-अमेरिकी डॉ. काली पी. चौधरी ने लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में ओशनवाइड प्लाजा का अधिकार हासिल किया। उनका लक्ष्य: 'केपीसी स्क्वायर' के रूप में इसे भारत की वैश्विक पहचान का प्रतीक बनाना — तिरंगे से लेकर टाइम्स स्क्वायर जैसे बॉल ड्रॉप तक।

मुख्य बातें

चौधरी ने 90 मुकदमे जीतने और पाँच वर्षों से अधिक की कानूनी लड़ाई के बाद ओशनवाइड प्लाजा , लॉस एंजेलिस का अधिकार हासिल किया।
प्रस्तावित परियोजना का नाम केपीसी स्क्वायर होगा, जो डाउनटाउन लॉस एंजेलिस में एक पूरे सिटी ब्लॉक में फैलेगा।
परियोजना में लैंडमार्क स्पायर, विशाल रैपराउंड एलईडी डिस्प्ले और न्यू ईयर बॉल ड्रॉप आकर्षण शामिल होंगे।
चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रवासी भारतीयों की प्रेरणा बताया और उनसे परियोजना का उद्घाटन कराने की इच्छा जताई।
चौधरी के अनुसार, भारत 30 साल में वैश्विक अर्थव्यवस्था में दूसरे और उसके बाद पहले स्थान पर होगा।
यह परियोजना 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक से पहले मध्य लॉस एंजेलिस के पुनर्विकास के व्यापक प्रयासों के बीच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

भारतीय-अमेरिकी चिकित्सक और उद्यमी डॉ. काली पी. चौधरी ने 24 जुलाई को डाउनटाउन लॉस एंजेलिस में एक विशेष बातचीत में कहा कि ओशनवाइड प्लाजा के पुनर्विकास की उनकी मुहिम महज़ एक व्यावसायिक निवेश नहीं, बल्कि अमेरिका के सबसे बड़े शहरों में से एक के केंद्र में भारत की स्थायी पहचान स्थापित करने का संकल्प है। पाँच वर्षों से अधिक की कानूनी लड़ाई और 90 मुकदमों में जीत के बाद चौधरी ने यह प्रोजेक्ट हासिल किया है।

मुख्य घटनाक्रम

चौधरी के अनुसार, यह परियोजना उन्हें "पाँच साल, दो महीने और 14 दिन" की अथक मेहनत और कोर्ट में 90 मुकदमे जीतने के बाद मिली है। उन्होंने कहा, "यह मेरी जीत नहीं, सभी भारतीयों की जीत है।" प्रस्तावित परियोजना का नाम केपीसी स्क्वायर रखा जाएगा और यह डाउनटाउन लॉस एंजेलिस के एंटरटेनमेंट व कन्वेंशन डिस्ट्रिक्ट के निकट एक पूरे सिटी ब्लॉक में फैला होगा।

ओशनवाइड प्लाजा साइट कई वर्षों से निर्माण ठप होने के बाद से अधूरी पड़ी है और डाउनटाउन लॉस एंजेलिस के सबसे चर्चित अटके हुए विकास प्रोजेक्टों में से एक मानी जाती है। 2028 ओलंपिक खेलों से पहले मध्य लॉस एंजेलिस के पुनर्विकास की दृष्टि से इसका रणनीतिक महत्व और भी बढ़ गया है।

विज़न: तिरंगे से टाइम्स स्क्वायर तक

चौधरी ने परियोजना के लिए अपना विज़न साझा करते हुए कहा कि केपीसी स्क्वायर में एक लैंडमार्क स्पायर, दुनिया के सबसे बड़े रैपराउंड एलईडी डिस्प्ले में से एक, और न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर जैसा नव वर्ष पर 'बॉल ड्रॉप' आकर्षण शामिल होगा। उनके शब्दों में, "एक बार जब यह तैयार हो जाएगा, तो यह हमारे देश को दिखाएगा।"

भारत के प्रति अपनी भावनाएँ व्यक्त करते हुए चौधरी ने कहा, "मुझे भारत का झंडा लगाना है। आप वहाँ 300 साल तक रहेंगे। इसे केपीसी स्क्वायर कहते हैं और मैं भारत का झंडा लगाऊँगा।" उन्होंने इस परियोजना को अमेरिका में मिले अवसरों और अपनी भारतीय जड़ों, दोनों को श्रद्धांजलि बताया।

पीएम मोदी को श्रेय और भारत का भविष्य

वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती साख की चर्चा करते हुए चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रवासी भारतीयों को प्रेरित करने का श्रेय दिया। उन्होंने कहा, "उन्होंने हमें गर्व महसूस कराया। उनके कार्यकाल में भारत बहुत ऊंचाई पर पहुँचा है और यह हम जैसे छोटे आदमी के लिए प्रेरणा है।" चौधरी ने यह भी उम्मीद जताई कि मोदी एक दिन इस पूरी हुई परियोजना का उद्घाटन करेंगे।

भारत की आर्थिक संभावनाओं पर भरोसा जताते हुए उन्होंने कहा, "भारत अगले 30 साल में अर्थव्यवस्था में नंबर दो पर होगा और 30 साल बाद नंबर एक पर। लेकिन हम सभी को मिलकर काम करना होगा।"

दोहरी पहचान, एकजुट संकल्प

ऑर्थोपेडिक सर्जन के रूप में प्रशिक्षण लेकर स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवसाय की दुनिया में आए चौधरी ने अपनी दोहरी पहचान को लेकर कहा, "मुझे अमेरिकी होने पर बहुत गर्व है और मेरी पहली वफ़ादारी अमेरिका के प्रति है। लेकिन मैं भारत को नहीं भूल सकता। आखिर में, भारत और अमेरिका को एक हो जाना चाहिए।"

गौरतलब है कि भारतीय-अमेरिकी समुदाय अमेरिका के सबसे सफल प्रवासी समुदायों में शुमार है, जिसकी चिकित्सा, प्रौद्योगिकी, वित्त और उद्यमिता में उपस्थिति लगातार बढ़ रही है। केपीसी स्क्वायर यदि अपने प्रस्तावित स्वरूप में साकार हुआ, तो यह इस समुदाय की सामूहिक महत्वाकांक्षा का एक दृश्य प्रतीक बन सकता है।

यह परियोजना अब 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक की तैयारियों के साथ-साथ आगे बढ़ेगी — एक ऐसा वैश्विक मंच जो इस लैंडमार्क को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने पेश करने का अवसर दे सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों एक साथ लाती है। यदि केपीसी स्क्वायर साकार होता है, तो यह भारतीय डायस्पोरा की 'विज़िबिलिटी' की राजनीति में एक नया अध्याय होगा; यदि नहीं, तो यह उन वादों की सूची में जुड़ेगा जो सुर्खियों से आगे नहीं बढ़ पाए।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केपीसी स्क्वायर क्या है और यह कहाँ बनेगा?
केपीसी स्क्वायर डाउनटाउन लॉस एंजेलिस में ओशनवाइड प्लाजा साइट पर प्रस्तावित एक बड़ा मिश्रित-उपयोग विकास है। डॉ. काली पी. चौधरी इसे एक लैंडमार्क स्पायर, विशाल एलईडी डिस्प्ले और न्यू ईयर बॉल ड्रॉप आकर्षण के साथ भारत की वैश्विक पहचान के प्रतीक के रूप में विकसित करना चाहते हैं।
डॉ. काली चौधरी ने ओशनवाइड प्लाजा कैसे हासिल किया?
डॉ. चौधरी के अनुसार, उन्होंने पाँच साल, दो महीने और 14 दिनों की लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी और 90 मुकदमों में जीत हासिल की। दर्जनों संभावित खरीदारों से कड़े मुकाबले के बाद यह परियोजना उन्हें मिली।
इस परियोजना का भारत से क्या संबंध है?
डॉ. चौधरी ने स्पष्ट किया है कि वे केपीसी स्क्वायर पर भारत का तिरंगा लहराना चाहते हैं और इसे अमेरिका में भारतीय समुदाय की उपलब्धियों का प्रतीक बनाना चाहते हैं। उन्होंने इसे 'सभी भारतीयों की जीत' बताया और उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री मोदी इसका उद्घाटन करेंगे।
2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक से इस परियोजना का क्या संबंध है?
ओशनवाइड प्लाजा साइट लॉस एंजेलिस के एंटरटेनमेंट और कन्वेंशन डिस्ट्रिक्ट के निकट है, जो 2028 ओलंपिक खेलों की मेज़बानी के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र है। इस कारण परियोजना के भविष्य ने व्यापक ध्यान खींचा है, क्योंकि ओलंपिक से पहले मध्य लॉस एंजेलिस के पुनर्विकास की बड़ी योजनाएँ चल रही हैं।
डॉ. चौधरी भारत की आर्थिक संभावनाओं के बारे में क्या सोचते हैं?
डॉ. चौधरी ने भरोसा जताया कि भारत अगले 30 वर्षों में वैश्विक अर्थव्यवस्था में दूसरे स्थान पर और उसके बाद पहले स्थान पर पहुँचेगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी भारतीयों को एकजुट होकर काम करना होगा।
राष्ट्र प्रेस
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