डॉ. काली चौधरी का सपना: लॉस एंजेलिस के केपीसी स्क्वायर पर लहराएगा भारत का तिरंगा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय-अमेरिकी चिकित्सक और उद्यमी डॉ. काली पी. चौधरी ने 24 जुलाई को डाउनटाउन लॉस एंजेलिस में एक विशेष बातचीत में कहा कि ओशनवाइड प्लाजा के पुनर्विकास की उनकी मुहिम महज़ एक व्यावसायिक निवेश नहीं, बल्कि अमेरिका के सबसे बड़े शहरों में से एक के केंद्र में भारत की स्थायी पहचान स्थापित करने का संकल्प है। पाँच वर्षों से अधिक की कानूनी लड़ाई और 90 मुकदमों में जीत के बाद चौधरी ने यह प्रोजेक्ट हासिल किया है।
मुख्य घटनाक्रम
चौधरी के अनुसार, यह परियोजना उन्हें "पाँच साल, दो महीने और 14 दिन" की अथक मेहनत और कोर्ट में 90 मुकदमे जीतने के बाद मिली है। उन्होंने कहा, "यह मेरी जीत नहीं, सभी भारतीयों की जीत है।" प्रस्तावित परियोजना का नाम केपीसी स्क्वायर रखा जाएगा और यह डाउनटाउन लॉस एंजेलिस के एंटरटेनमेंट व कन्वेंशन डिस्ट्रिक्ट के निकट एक पूरे सिटी ब्लॉक में फैला होगा।
ओशनवाइड प्लाजा साइट कई वर्षों से निर्माण ठप होने के बाद से अधूरी पड़ी है और डाउनटाउन लॉस एंजेलिस के सबसे चर्चित अटके हुए विकास प्रोजेक्टों में से एक मानी जाती है। 2028 ओलंपिक खेलों से पहले मध्य लॉस एंजेलिस के पुनर्विकास की दृष्टि से इसका रणनीतिक महत्व और भी बढ़ गया है।
विज़न: तिरंगे से टाइम्स स्क्वायर तक
चौधरी ने परियोजना के लिए अपना विज़न साझा करते हुए कहा कि केपीसी स्क्वायर में एक लैंडमार्क स्पायर, दुनिया के सबसे बड़े रैपराउंड एलईडी डिस्प्ले में से एक, और न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर जैसा नव वर्ष पर 'बॉल ड्रॉप' आकर्षण शामिल होगा। उनके शब्दों में, "एक बार जब यह तैयार हो जाएगा, तो यह हमारे देश को दिखाएगा।"
भारत के प्रति अपनी भावनाएँ व्यक्त करते हुए चौधरी ने कहा, "मुझे भारत का झंडा लगाना है। आप वहाँ 300 साल तक रहेंगे। इसे केपीसी स्क्वायर कहते हैं और मैं भारत का झंडा लगाऊँगा।" उन्होंने इस परियोजना को अमेरिका में मिले अवसरों और अपनी भारतीय जड़ों, दोनों को श्रद्धांजलि बताया।
पीएम मोदी को श्रेय और भारत का भविष्य
वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती साख की चर्चा करते हुए चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रवासी भारतीयों को प्रेरित करने का श्रेय दिया। उन्होंने कहा, "उन्होंने हमें गर्व महसूस कराया। उनके कार्यकाल में भारत बहुत ऊंचाई पर पहुँचा है और यह हम जैसे छोटे आदमी के लिए प्रेरणा है।" चौधरी ने यह भी उम्मीद जताई कि मोदी एक दिन इस पूरी हुई परियोजना का उद्घाटन करेंगे।
भारत की आर्थिक संभावनाओं पर भरोसा जताते हुए उन्होंने कहा, "भारत अगले 30 साल में अर्थव्यवस्था में नंबर दो पर होगा और 30 साल बाद नंबर एक पर। लेकिन हम सभी को मिलकर काम करना होगा।"
दोहरी पहचान, एकजुट संकल्प
ऑर्थोपेडिक सर्जन के रूप में प्रशिक्षण लेकर स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवसाय की दुनिया में आए चौधरी ने अपनी दोहरी पहचान को लेकर कहा, "मुझे अमेरिकी होने पर बहुत गर्व है और मेरी पहली वफ़ादारी अमेरिका के प्रति है। लेकिन मैं भारत को नहीं भूल सकता। आखिर में, भारत और अमेरिका को एक हो जाना चाहिए।"
गौरतलब है कि भारतीय-अमेरिकी समुदाय अमेरिका के सबसे सफल प्रवासी समुदायों में शुमार है, जिसकी चिकित्सा, प्रौद्योगिकी, वित्त और उद्यमिता में उपस्थिति लगातार बढ़ रही है। केपीसी स्क्वायर यदि अपने प्रस्तावित स्वरूप में साकार हुआ, तो यह इस समुदाय की सामूहिक महत्वाकांक्षा का एक दृश्य प्रतीक बन सकता है।
यह परियोजना अब 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक की तैयारियों के साथ-साथ आगे बढ़ेगी — एक ऐसा वैश्विक मंच जो इस लैंडमार्क को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने पेश करने का अवसर दे सकता है।