कराची में स्ट्रीट क्राइम का कहर: जनवरी-अप्रैल में 611 कारें, 13,346 मोटरसाइकिलें लूटी गईं, 176 हत्याएं
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में इस साल जनवरी से अप्रैल के बीच स्ट्रीट क्राइम के मामलों में चिंताजनक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सिटीजन्स-पुलिस लायजन कमेटी (CPLC) के आंकड़ों के अनुसार, इन चार महीनों में 611 कारें और 13,346 मोटरसाइकिलें छीनी या चोरी की गईं, जबकि हत्या और उगाही के मामलों में भी इजाफा हुआ है। यह आंकड़े शहर में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की गंभीर तस्वीर पेश करते हैं।
वाहन चोरी और लूट के आंकड़े
CPLC के जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से अप्रैल 2026 के दौरान कराची में 611 कारें और 13,346 मोटरसाइकिलें या तो छीनी गईं या चोरी हुईं, जिनकी कुल कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। इसी अवधि में स्ट्रीट क्राइम की घटनाओं में 5,567 मोबाइल फोन भी लोगों से जबरन छीने गए।
केवल अप्रैल महीने के आंकड़े भी कम चौंकाने वाले नहीं हैं। इस एक महीने में 22 कारें छीनी गईं और 111 कारें चोरी हुईं। इसी तरह 469 मोटरसाइकिलें छीनी गईं और 2,723 मोटरसाइकिलें चोरी हुईं। अप्रैल के 30 दिनों में अकेले 1,624 मोबाइल फोन लोगों से छीने गए।
हत्या और उगाही के मामलों में बढ़ोतरी
हिंसा से जुड़े आंकड़े भी गंभीर चिंता का विषय हैं। जनवरी से अप्रैल के बीच हत्या की अलग-अलग घटनाओं में 176 लोगों की जान गई। वहीं, इसी दौरान उगाही के 61 मामले भी सामने आए। केवल अप्रैल में ही विभिन्न घटनाओं में 42 लोगों की मौत हुई।
गौरतलब है कि कराची पाकिस्तान का आर्थिक केंद्र है और यहाँ बिगड़ती सुरक्षा स्थिति का असर न केवल आम नागरिकों पर, बल्कि व्यापार और निवेश पर भी पड़ रहा है।
घरेलू हिंसा और उत्पीड़न के मामले
पुलिस की महिला और बाल संरक्षण सेल ने बताया कि जनवरी से अप्रैल के बीच कराची में कम से कम 388 वयस्क और 10 नाबालिग घरेलू हिंसा, उत्पीड़न और दुर्व्यवहार जैसी घटनाओं का शिकार हुए।
इस दौरान अधिकारियों को घरेलू हिंसा की 297 शिकायतें मिलीं। इनमें से 190 मामलों का निपटारा किया जा चुका है, जबकि करीब 100 मामले अभी भी लंबित हैं। पुलिस ने घरेलू हिंसा के मामलों में 3 औपचारिक केस दर्ज किए।
संरक्षण सेल को धमकी और उत्पीड़न से जुड़ी 83 शिकायतें मिलीं, जिनमें से 42 मामलों का समाधान हो चुका है और 41 मामलों पर कार्रवाई जारी है। इसके अलावा, यौन उत्पीड़न और डराने-धमकाने से जुड़े 19 मामले भी सामने आए, जिनमें से 9 का निपटारा हो गया और 10 मामले जांच के दायरे में हैं।
आम जनता पर असर
कराची के निवासियों के लिए ये आंकड़े रोज़मर्रा की असुरक्षा की कड़वी हकीकत हैं। वाहन और मोबाइल फोन छिनने की घटनाएं शहर के हर इलाके में हो रही हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल है। घरेलू हिंसा के सैकड़ों लंबित मामले यह भी दर्शाते हैं कि पीड़ितों को समय पर न्याय मिलने में बाधाएं आ रही हैं।
आगे क्या होगा
कराची में बढ़ते अपराध के मद्देनज़र CPLC और स्थानीय पुलिस प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा है कि वे प्रभावी कदम उठाएं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक शहर में पुलिस बल को पर्याप्त संसाधन और जवाबदेही तंत्र नहीं मिलता, स्ट्रीट क्राइम पर लगाम लगाना मुश्किल बना रहेगा। आने वाले महीनों में इन आंकड़ों की दिशा यह तय करेगी कि प्रशासन की कोशिशें कितनी कारगर साबित होती हैं।