'किआ ओरा मोदी' इवेंट: न्यूजीलैंड PM लक्सन बोले — भारतीय समुदाय GDP में देता है 9% योगदान
सारांश
मुख्य बातें
ऑकलैंड के स्पार्क एरिना में 11 जुलाई को आयोजित 'किआ ओरा मोदी' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने प्रवासी भारतीय समुदाय को संबोधित किया। 'मोदी-मोदी' के नारों से गूँजे इस विशाल आयोजन में लक्सन ने कहा कि भारतीय समुदाय न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था में 37 बिलियन डॉलर — यानी देश की जीडीपी का 9% — का योगदान देता है।
मंच पर दो प्रधानमंत्री, एक संदेश
राष्ट्रगान के बाद दोनों नेता दर्शक दीर्घा में पहुँचे, जहाँ स्क्रीन पर भारत-न्यूजीलैंड के द्विपक्षीय संबंधों को दर्शाती एक विशेष वीडियो क्लिप प्रदर्शित की गई। इस क्लिप में दोनों देशों के बीच '4C' के मंत्र को रेखांकित किया गया — संस्कृति (Culture), क्रिकेट, सामुदायिक संबंध (Community) और वाणिज्य (Commerce)।
लक्सन ने प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए कहा, 'आप बेहद मेहनती लोग हैं। इसी हफ्ते जारी एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय समुदाय हमारी अर्थव्यवस्था में 37 बिलियन डॉलर का योगदान दे रहा है, जो हमारी जीडीपी का नौ फीसदी है।'
4C की जड़ें: गुरुद्वारे से गली क्रिकेट तक
यह पहली बार नहीं है जब दोनों नेताओं ने इस मित्रता को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया हो। 17 मार्च 2025 को भारत दौरे के दौरान प्रधानमंत्री लक्सन, नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब में मोदी के साथ गए थे। दोनों नेताओं ने पीले स्कार्फ पहनकर गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेका था और सिख समुदाय की सेवा-भावना की सराहना की थी।
क्रिकेट के मोर्चे पर भी संबंधों की गर्माहट साफ दिखती है। उसी भारत दौरे के दौरान लक्सन ने नई दिल्ली में बच्चों और दिग्गज क्रिकेटरों के साथ गली क्रिकेट खेला था — एक ऐसी तस्वीर जो दोनों देशों के बीच खेल-आधारित सांस्कृतिक जुड़ाव को बखूबी बयाँ करती है।
18 फैसले, 10 MOU: व्यापार दोगुना करने का संकल्प
भावनात्मक जुड़ाव के साथ-साथ कारोबारी रिश्ते भी मजबूत हुए। ऑकलैंड में हुई द्विपक्षीय बैठक में दोनों देशों के बीच 18 बड़े फैसले लिए गए और 10 समझौता ज्ञापनों (MOU) पर हस्ताक्षर हुए। दोनों नेताओं ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का साझा लक्ष्य निर्धारित किया।
गौरतलब है कि यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब भारत प्रशांत क्षेत्र में अपनी कूटनीतिक उपस्थिति को और सुदृढ़ करने की दिशा में काम कर रहा है। न्यूजीलैंड के साथ यह जुड़ाव उस व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
आगे क्या
हस्ताक्षरित MOU और व्यापार लक्ष्यों को लेकर दोनों देशों के बीच आगामी महीनों में कार्यान्वयन-स्तरीय बैठकें अपेक्षित हैं। 'किआ ओरा मोदी' जैसे आयोजन प्रवासी भारतीय समुदाय को दोनों देशों के बीच एक जीवंत सेतु के रूप में स्थापित करते हैं — और यह भूमिका आने वाले वर्षों में और महत्वपूर्ण होती जाएगी।