लाओस में महंगाई दर 9% पर, सरकार ने वियेंटियान बैठक में कीमतें नियंत्रित करने की रणनीति बनाई
सारांश
मुख्य बातें
लाओस सरकार ने 27 मई 2026 को राजधानी वियेंटियान में मासिक सरकारी बैठक आयोजित की, जिसमें बढ़ती महंगाई और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच आम जनता पर पड़ रहे आर्थिक बोझ को कम करने के उपायों पर विस्तृत मंथन किया गया। लाओस स्टैटिस्टिक्स ब्यूरो के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, मई में देश की महंगाई दर 9 प्रतिशत रही, जो अप्रैल के 10.2 प्रतिशत से कुछ कम है।
बैठक में क्या हुआ
वियेंटियान में आयोजित इस मासिक (मई) सरकारी बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों ने देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति की समीक्षा की और अगले महीने के लिए प्राथमिकताएं निर्धारित कीं। प्रधानमंत्री सोनेक्से सिफंडोन ने अधिकारियों से आग्रह किया कि ऐसे सुझाव प्रस्तुत किए जाएं जो केवल कागज़ों तक सीमित न रहें, बल्कि ज़मीनी स्तर पर लागू होकर आम लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला सकें।
बैठक में अर्थव्यवस्था के साथ-साथ देश की सुरक्षा व्यवस्था, शिक्षा क्षेत्र में सुधार और आगामी बड़े सरकारी कार्यक्रमों की तैयारियों पर भी चर्चा की गई।
महंगाई के आंकड़े और प्रमुख श्रेणियां
लाओस स्टैटिस्टिक्स ब्यूरो द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, मई में महंगाई दर 9 प्रतिशत रही। यह गिरावट मुख्य रूप से घरेलू ईंधन की कम कीमतों और स्थिर विनिमय दर के कारण संभव हुई। हालांकि, रोज़मर्रा की ज़रूरतों, घरेलू खर्च और परिवहन से जुड़ी वस्तुओं की कीमतें अभी भी ऊंची बनी हुई हैं।
श्रेणीवार आंकड़ों पर नज़र डालें तो सबसे अधिक वृद्धि वस्तु एवं सेवा श्रेणी में दर्ज की गई, जो 28 प्रतिशत रही। इसके बाद आवास, पानी, बिजली और गैस श्रेणी 20.4 प्रतिशत पर रही, जबकि संचार और परिवहन श्रेणी में 15.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई।
वित्त मंत्रालय की पहल
19 मई को लाओस वित्त मंत्रालय ने सार्वजनिक वित्त प्रबंधन को सुदृढ़ करने, ऋण प्रबंधन में सुधार लाने और सतत आर्थिक विकास को प्राथमिकता देने की बात कही थी। मंत्रालय सरकारी व्यय को अधिक प्रभावी बनाने, कर प्रणाली को मज़बूत करने और कर्ज़ पर नियंत्रण रखने की दिशा में लगातार प्रयासरत है।
वैश्विक कारकों का असर
सरकार के अनुसार, वैश्विक बाज़ार में जारी अनिश्चितता और परिवहन व वस्तुओं की बढ़ती लागत का सीधा असर लाओस की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब कई दक्षिण-पूर्व एशियाई देश भी इसी तरह की आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे हैं। गौरतलब है कि लाओस की अर्थव्यवस्था पहले से ही उच्च विदेशी ऋण और मुद्रा अवमूल्यन के दबाव में है।
आगे की राह
सरकार का लक्ष्य है कि राहत उपायों को तेज़ी से लागू कर आम जनता पर महंगाई का बोझ कम किया जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में स्थिरता नहीं आती और घरेलू राजकोषीय अनुशासन मज़बूत नहीं होता, तब तक महंगाई पर दीर्घकालिक नियंत्रण चुनौतीपूर्ण बना रहेगा।