48वीं विश्व कौशल प्रतियोगिता: चीनी PM ली छ्यांग ने विश्व कौशल संगठन प्रमुख से की महत्वपूर्ण मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने शांगहाई में आयोजित 48वीं विश्व कौशल प्रतियोगिता के अवसर पर विश्व कौशल संगठन के अध्यक्ष फ्रांसिस होरंट और मुख्य कार्यकारी अधिकारी डेविड होए से मुलाकात की। यह बैठक वैश्विक कौशल सहयोग को नई दिशा देने के लिहाज़ से अहम मानी जा रही है।
चीन और विश्व कौशल संगठन के बीच सहयोग
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने कहा कि चीन और विश्व कौशल संगठन के बीच लंबे समय से मज़बूत और सार्थक सहयोग संबंध कायम हैं। उन्होंने बताया कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने स्वयं 48वीं विश्व कौशल प्रतियोगिता के आयोजन को प्रोत्साहित किया है, जो कुशल प्रतिभाओं के विकास को लेकर चीन की गहरी प्रतिबद्धता और वैश्विक कौशल सहयोग के प्रति उसके दृढ़ समर्थन को दर्शाता है।
ली छ्यांग ने यह भी कहा कि प्रतियोगिता की तैयारी के दौरान चीन ने विश्व कौशल संगठन के साथ पूरी ईमानदारी और समर्पण से काम किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह एक शानदार और यादगार आयोजन साबित होगा।
वैश्विक कौशल विकास पर चीन का दृष्टिकोण
प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने स्पष्ट किया कि चीन का लक्ष्य विश्व कौशल संगठन के साथ सहयोग को और मज़बूत बनाकर वैश्विक कौशल कार्य का विस्तार करना है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल विश्व अर्थव्यवस्था की सतत वृद्धि सुनिश्चित होगी, बल्कि सभी देशों के नागरिकों की भलाई में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर कौशल अंतर (स्किल गैप) को पाटना एक प्रमुख आर्थिक चुनौती बनती जा रही है।
विश्व कौशल संगठन की प्रतिक्रिया
संगठन के अध्यक्ष फ्रांसिस होरंट और सीईओ डेविड होए ने चीन में कौशल विकास की तीव्र प्रगति और अन्य देशों को दी गई सहायता की सराहना की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि चीन के साथ मिलकर संगठन की वर्ष 2035 विजन योजना को आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे विश्व शांति, स्थिरता, समृद्धि और समावेशी विकास में साझा योगदान संभव हो सके।
48वीं विश्व कौशल प्रतियोगिता का महत्व
शांगहाई में आयोजित यह प्रतियोगिता वैश्विक स्तर पर व्यावसायिक कौशल और तकनीकी प्रतिभा को पहचान देने का सबसे बड़ा मंच मानी जाती है। चीन का इस प्रतियोगिता की मेज़बानी करना वैश्विक कौशल विकास एजेंडे में उसकी बढ़ती भूमिका को रेखांकित करता है। गौरतलब है कि विश्व कौशल संगठन की 2035 विजन योजना का उद्देश्य दुनिया भर में व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण के स्तर को एक समान और उन्नत बनाना है। आने वाले समय में चीन-विश्व कौशल संगठन साझेदारी की दिशा और गहराई पर सभी की नज़र रहेगी।