मेजर अभिलाषा बराक को 'यूएन जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर 2025' सम्मान, तीसरी भारतीय बनीं
सारांश
मुख्य बातें
लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा मिशन में तैनात भारतीय शांतिदूत मेजर अभिलाषा बराक को प्रतिष्ठित 'यूएन मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवार्ड 2025' के लिए चुना गया है। 23 मई 2025 को इस सम्मान की घोषणा के बाद बेरूत स्थित भारतीय दूतावास ने उन्हें हार्दिक बधाई दी। यह पुरस्कार पाने वाली वे तीसरी भारतीय अधिकारी बन गई हैं।
मेजर बराक की भूमिका और उपलब्धि
मेजर अभिलाषा बराक वर्तमान में लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (UNIFIL) के अंतर्गत भारतीय बटालियन INDBATT-XXVI की फीमेल एंगेजमेंट टीम (FET) की कमांडर के रूप में कार्यरत हैं। इस दायित्व में उन्होंने स्थानीय महिलाओं और समुदायों के साथ संपर्क स्थापित कर लैंगिक समानता को शांतिरक्षा अभियानों के केंद्र में रखा।
उल्लेखनीय है कि मेजर बराक भारतीय सेना की पहली महिला लड़ाकू हेलीकॉप्टर पायलट भी हैं — एक ऐसी उपलब्धि जो उन्हें सशस्त्र बलों में महिलाओं की भागीदारी के प्रतीक के रूप में स्थापित करती है।
दूतावास की प्रतिक्रिया
लेबनान स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'दूतावास, संयुक्त राष्ट्र की ओर से प्रतिष्ठित यूएन जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवार्ड 2025 से सम्मानित होने पर मेजर अभिलाषा बराक को हार्दिक बधाई देता है। मेजर बराक ने INDBATT-XXVI की फीमेल एंगेजमेंट टीम (FET) कमांडर के रूप में महत्वपूर्ण सेवा प्रदान की।'
पूर्व भारतीय सम्मानित अधिकारी
मेजर अभिलाषा बराक से पहले दो भारतीय महिला अधिकारी यह सम्मान प्राप्त कर चुकी हैं। मेजर सुमन गवानी को 29 मई 2020 को यह पुरस्कार दिया गया था। उन्होंने नवंबर 2018 से दिसंबर 2019 तक दक्षिण सूडान में यूएनएमआईएसएस मिशन में सैन्य पर्यवेक्षक के रूप में सेवा दी थी और मिशन में महिलाओं से संबंधित मामलों के लिए संपर्क का प्रमुख केंद्र बिंदु रहीं। यह सम्मान उन्हें ब्राजील की नौसेना अधिकारी कमांडर कार्ला मोंटेइरो डी कास्त्रो अरुजो के साथ संयुक्त रूप से मिला था।
इसके बाद मेजर राधिका सेन को '2023 संयुक्त राष्ट्र मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर' पुरस्कार से नवाज़ा गया। सेन ने 2023 में कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में MONUSCO मिशन के अंतर्गत भारतीय रैपिड डिप्लॉयमेंट बटालियन के साथ एंगेजमेंट प्लाटून कमांडर के रूप में कार्य किया और अप्रैल 2024 में अपना कार्यकाल पूरा किया।
भारत की शांतिरक्षा में भूमिका और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब भारत संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा अभियानों में सबसे बड़े सैन्य योगदानकर्ता देशों में से एक है। लगातार तीन भारतीय महिला अधिकारियों का यह पुरस्कार जीतना भारतीय सेना में महिला नेतृत्व की बढ़ती भूमिका और वैश्विक मान्यता को रेखांकित करता है। मेजर बराक की यह उपलब्धि भविष्य में भारतीय महिला अधिकारियों के लिए अंतरराष्ट्रीय शांतिरक्षा मिशनों में और अधिक सक्रिय भागीदारी का मार्ग प्रशस्त करती है।