इबोला प्रकोप: मॉरीशस ने कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान से आने वाले विदेशियों की एंट्री पर लगाई रोक
सारांश
मुख्य बातें
मॉरीशस सरकार ने इबोला वायरस के बढ़ते प्रकोप के मद्देनज़र 6 जून 2026 को एक अहम स्वास्थ्य-सुरक्षा निर्णय लिया है। सरकार ने उन विदेशी नागरिकों के प्रवेश पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है, जिन्होंने पिछले 21 दिनों के दौरान डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ द कांगो, युगांडा या दक्षिण सूडान की यात्रा की है, वहाँ से होकर गुज़रे हैं या वहाँ ठहरे हैं। यह कदम ऐसे समय में आया है जब विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) इस प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर चुका है।
किन्हें मिलेगी प्रवेश की अनुमति
मॉरीशस के नागरिकों और वैध वर्क परमिट, रेज़िडेंस परमिट, बिज़नेस परमिट या स्टूडेंट परमिट रखने वाले विदेशी निवासियों को देश में प्रवेश की अनुमति रहेगी। हालाँकि, यदि उन्होंने पिछले 21 दिनों में इन तीनों प्रभावित देशों का दौरा किया है, तो उन्हें अनिवार्य रूप से 21 दिन के क्वारंटीन से गुज़रना होगा। यह व्यवस्था इबोला की ऊष्मायन अवधि को ध्यान में रखकर तय की गई है।
हवाई अड्डों पर विशेष स्वास्थ्य जाँच
मॉरीशस सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित देशों से आने वाले सभी यात्रियों की एयरपोर्ट और अन्य प्रवेश बिंदुओं पर विशेष स्वास्थ्य जाँच और जोखिम मूल्यांकन किया जाएगा। यदि किसी यात्री में इबोला के लक्षण पाए जाते हैं, तो उसे तत्काल आइसोलेट कर चिकित्सकीय परीक्षण किया जाएगा। गौरतलब है कि सरकार ने जुलाई में मॉरीशस में आयोजित होने वाले 18वें यूएस-अफ्रीका बिज़नेस समिट को भी फ़िलहाल स्थगित करने का अनुरोध किया है।
इबोला प्रकोप की पृष्ठभूमि
15 मई 2026 को कांगो और युगांडा में इबोला प्रकोप की आधिकारिक घोषणा की गई थी, जिसके बाद WHO ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया। अफ्रीकन यूनियन के अनुसार, कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान में फैला यह संक्रमण क्षेत्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है।
अब तक 34 स्वास्थ्यकर्मी इबोला वायरस से संक्रमित हो चुके हैं — इनमें से 7 की मृत्यु हो गई है, जबकि 6 स्वस्थ हो चुके हैं। यह आँकड़े अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (Africa CDC) और WHO ने जारी किए हैं।
वैश्विक प्रतिक्रिया और वित्तीय लक्ष्य
शुक्रवार को Africa CDC और WHO ने पूरे अफ्रीका के लिए संयुक्त इबोला तैयारी एवं प्रतिक्रिया योजना शुरू की। इस योजना के तहत जून से नवंबर 2026 तक 51.8 करोड़ अमेरिकी डॉलर जुटाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि अफ्रीकी देशों को संक्रमण की पहचान, रोकथाम और त्वरित प्रतिक्रिया में सहायता मिल सके।
विशेषज्ञों की चेतावनी
विशेषज्ञों ने इस प्रकोप से निपटने में कई गंभीर चुनौतियों की ओर ध्यान दिलाया है। इनमें बुनदिबुग्यो इबोला स्ट्रेन के लिए प्रभावी चिकित्सा संसाधनों की कमी, कमज़ोर स्वास्थ्य ढाँचा, सीमित संसाधन, लोगों की अधिक आवाजाही, असुरक्षा, विस्थापन, स्वास्थ्यकर्मियों का संक्रमित होना और गलत सूचनाओं का फैलना शामिल हैं। इन्हीं कारणों से Africa CDC और WHO ने महाद्वीप स्तर पर समन्वित कार्रवाई तेज़ करने का निर्णय लिया है। आने वाले हफ्तों में यह देखना अहम होगा कि अन्य देश भी इसी तरह के यात्रा प्रतिबंध लागू करते हैं या नहीं।