ट्रंप का 'मिलिट्री मदर्स डे' पर ईरान को कड़ा संदेश: परमाणु हथियार मिला तो 'पूरी तरह खत्म' कर देंगे
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 6 मई 2026 को व्हाइट हाउस में आयोजित 'मिलिट्री मदर्स डे' कार्यक्रम के दौरान ईरान को लेकर अत्यंत कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरान को किसी भी स्थिति में परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। व्हाइट हाउस के अनुसार, ट्रंप ने कहा, "हम उन्हें पूरी तरह से खत्म कर देंगे" — यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत जारी है।
ट्रंप का ईरान पर सख्त रुख
व्हाइट हाउस के अनुसार, ट्रंप ने कार्यक्रम में कहा, "हम ऐसे लोगों से निपट रहे हैं, जो समझौता करने के लिए बहुत ज़्यादा उत्सुक हैं। हम देखेंगे कि क्या वे ऐसा कोई समझौता कर पाते हैं जो हमारे लिए संतोषजनक हो।" ट्रंप ने यह भी कहा कि यदि ईरान अभी सहमत नहीं होता, तो "कुछ ही समय बाद" वह सहमत हो जाएगा — जिसे राजनयिक हलकों में दबाव की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
नौसेना की नाकाबंदी को 'स्टील की दीवार' बताया
ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना की कार्यवाही की जमकर तारीफ की और कहा, "नाकाबंदी अविश्वसनीय है। नौसेना ने जबरदस्त काम किया है। उन्होंने जो काम किया है, वह किसी स्टील की दीवार जैसा है — कोई भी उसे पार नहीं कर सकता।" उन्होंने आगे कहा कि ईरानियों को किसी भी तरह से कुछ भी हासिल नहीं हो पा रहा, जिससे उनका "काम-धंधा पूरी तरह ठप" हो गया है। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान की अर्थव्यवस्था पर अमेरिकी प्रतिबंधों का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप का संबोधन
फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सैन्य माताओं के योगदान को सराहा। उन्होंने कहा, "हर आलिंगन में, सोने से पहले सुनाई गई हर कहानी में, और बिना किसी शिकायत के किए गए हर बलिदान में, माताएं हमारे परिवारों की नैतिक नींव रखती हैं। ऐसा करके, अमेरिका की माताएं हमारे राष्ट्र की आत्मा के निर्माण में सहायता करती हैं।"
सैन्य माताओं के बलिदान को किया नमन
राष्ट्रपति ट्रंप ने सेना में शामिल माताओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा, "आपने छुट्टियां, जन्मदिन की पार्टियां, ग्रेजुएशन समारोह या यहां तक कि अपने बच्चे के पहले शब्द भी मिस किए हैं। कुछ लोगों को तो इतनी बार घर बदलना पड़ा है कि कोई गिन भी नहीं सकता, लेकिन आप यह सब इसलिए करती हैं, क्योंकि आप अमेरिका से प्यार करती हैं।" इस कार्यक्रम में यूएस एयरफोर्स में सक्रिय सेवा दे रहीं एक माँ ने भी अपनी बात रखते हुए कहा, "मुझे एक अमेरिकी होने पर गर्व है और दुनिया की सबसे बेहतरीन वायु सेना में राष्ट्र की सेवा करने पर गर्व है।"
आगे क्या होगा
ट्रंप के इस बयान के बाद अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता की दिशा पर नज़रें टिकी हैं। विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी नाकाबंदी और कूटनीतिक दबाव के बीच ईरान के लिए समझौते की शर्तें तय करना निर्णायक दौर में पहुँच गया है। ट्रंप प्रशासन का रुख स्पष्ट है — परमाणु हथियार पर किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी।