फ्लोरिडा में टिकटॉक देखती रही मां, छह महीने के शिशु की मौत; तातियाना नॉर्मन गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका के फ्लोरिडा में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें 26 वर्षीय महिला तातियाना नॉर्मन पर आरोप है कि वह घंटों टिकटॉक वीडियो देखती रही और इस दौरान उसके छह महीने के शिशु की तड़प-तड़पकर मौत हो गई। यह मामला 29 जून का है, जिसके सामने आने के बाद महिला को गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों का मानना है कि समय पर चिकित्सा सहायता मिलती तो बच्चे की जान बचाई जा सकती थी।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, तातियाना नॉर्मन ने उस दौरान अपने मोबाइल पर टिकटॉक वीडियो देखे, अश्लील वेबसाइटें खोलीं और बच्चे के लक्षणों के बारे में इंटरनेट पर खोजबीन भी की — लेकिन शिशु की बिगड़ती हालत के बावजूद उसे अस्पताल नहीं ले जाया गया। बच्चे को समय पर इमरजेंसी सेवा भी उपलब्ध नहीं कराई गई।
जांच में सामने आया कि एक दिन पहले टीवी का रिमोट ढूंढते समय कथित तौर पर बच्चा महिला के हाथ से छिटककर गिर गया था। इसके बाद गुस्से में महिला ने कथित तौर पर शिशु को प्लेपेन में जोर से फेंका, जिससे उसके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं।
पूछताछ में बदलती कहानियाँ
पुलिस पूछताछ के दौरान तातियाना नॉर्मन ने कई अलग-अलग बयान दिए — कभी कहा कि बच्चा बिस्तर से गिरा, तो कभी दूसरी वजह बताई। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में मिले साक्ष्य उसके बयानों से मेल नहीं खाए। बाद में महिला ने स्वीकार किया कि वह दो बच्चों की परवरिश करते हुए थकान और तनाव में थी।
महिला ने यह भी दावा किया कि वह अवसाद और मानसिक तनाव से जूझ रही थी। अधिकारियों का कहना है कि इन दावों की जांच अलग से की जा रही है।
कानूनी स्थिति
फिलहाल तातियाना नॉर्मन पर 'अत्यधिक बाल उत्पीड़न' (Aggravated Child Abuse) का मामला दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, पोस्टमार्टम और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे और भी गंभीर धाराएं जोड़ी जा सकती हैं। इस अपराध में दोषी पाए जाने पर महिला को 30 साल तक की सजा हो सकती है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब बच्चों की देखभाल में स्मार्टफोन के अत्यधिक उपयोग को लेकर विशेषज्ञ पहले से चिंता जता रहे हैं। बाल मनोविज्ञान विशेषज्ञों के अनुसार, शिशु की देखभाल के दौरान स्क्रीन पर अत्यधिक निर्भरता न केवल बच्चे की सुरक्षा के लिए खतरनाक है, बल्कि यह माता-पिता और बच्चे के भावनात्मक जुड़ाव को भी कमज़ोर करती है।
आगे क्या होगा
जांच एजेंसियाँ पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले की समीक्षा कर रही हैं और यह तय किया जाएगा कि आरोपी पर हत्या से संबंधित धाराएं भी लगाई जाएं या नहीं। कानूनी प्रक्रिया जारी है और अदालत में सुनवाई की तारीख अभी तय होनी बाकी है।