28 जून 2026
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सेशेल्स का सर्वोच्च सम्मान 'गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन' मिला PM मोदी को, जलवायु संघर्षरत देशों को किया समर्पित

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सेशेल्स का सर्वोच्च सम्मान 'गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन' मिला PM मोदी को, जलवायु संघर्षरत देशों को किया समर्पित

सारांश

सेशेल्स ने PM मोदी को अपना सर्वोच्च सम्मान 'गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन' दिया — और मोदी ने इसे अपने तक नहीं रखा। इसे उन्होंने उन सभी देशों को समर्पित किया जो जलवायु संकट की सबसे कड़ी मार झेल रहे हैं। यह 30 से अधिक अंतरराष्ट्रीय सम्मानों की श्रृंखला में नवीनतम पड़ाव है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी को 28 जून 2026 को सेशेल्स का सर्वोच्च सम्मान 'गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन' प्रदान किया गया।
सम्मान राष्ट्रपति डॉ.
पैट्रिक हर्मिनी ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास में नेतृत्व के लिए दिया।
मोदी ने यह सम्मान जलवायु परिवर्तन की चुनौती से जूझ रहे सभी देशों को समर्पित किया।
भारत ने मिशन लाइफ , इंटरनेशनल सोलर अलायंस और CDRI के माध्यम से वैश्विक जलवायु प्रतिबद्धता दोहराई।
यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर हुए।
यह मोदी के 30 से अधिक अंतरराष्ट्रीय सम्मानों की सूची में नवीनतम उपलब्धि है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 28 जून 2026 को सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया में उस देश का सर्वोच्च राजकीय सम्मान 'गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन' प्रदान किया गया — यह सम्मान पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में उनके वैश्विक नेतृत्व की पहचान में दिया गया। मोदी ने इस सम्मान को विनम्रतापूर्वक स्वीकार करते हुए उन तमाम देशों को समर्पित किया जो जलवायु परिवर्तन की मार झेल रहे हैं।

सम्मान समारोह और राष्ट्रपति हर्मिनी का आतिथ्य

सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी को प्रदान किया। समारोह के बाद दोनों देशों के बीच कई समझौता ज्ञापनों (MoU) का आदान-प्रदान हुआ। संयुक्त बयान में मोदी ने कहा, "आपके आत्मीय स्वागत और आतिथ्य के लिए मैं राष्ट्रपति हर्मिनी का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। यह सम्मान मेरे लिए और 140 करोड़ भारतवासियों के लिए गर्व और हर्ष का विषय है।"

मोदी का समर्पण — जलवायु पीड़ित देशों के नाम

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, "मुझे 'गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन' सम्मान से सम्मानित करने के लिए सेशेल्स की जनता, सरकार और राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी का हृदय से आभार।" उन्होंने आगे कहा, "मैं इस सम्मान को उन सभी देशों को समर्पित करता हूं जो जलवायु परिवर्तन की चुनौती से लड़ रहे हैं तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण की रक्षा को अपना दायित्व मानते हैं। यह एक ऐसी चुनौती है, जिससे हमें मिलकर निपटना होगा।"

भारत की जलवायु प्रतिबद्धता — मोदी ने गिनाए कदम

जलवायु कार्रवाई पर भारत की स्थिति स्पष्ट करते हुए मोदी ने कहा, "भारत हमारी धरती को अधिक हरित और सतत बनाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाने को तैयार है।" उन्होंने मिशन लाइफ, इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) और कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर (CDRI) का विशेष उल्लेख किया — ये तीनों भारत की अगुवाई में शुरू की गई वैश्विक पहलें हैं। गौरतलब है कि ISA में अब 120 से अधिक देश सदस्य हैं, जो सौर ऊर्जा के वैश्विक विस्तार की दिशा में काम कर रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय सम्मानों की शृंखला में नई कड़ी

यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी को मिले 30 से अधिक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मानों की सूची में नवीनतम उपलब्धि है। इनमें विभिन्न देशों के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, शैक्षणिक सम्मान और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े पुरस्कार शामिल हैं। यह सम्मान ऐसे समय में आया है जब छोटे द्वीपीय देश समुद्र स्तर में वृद्धि और चरम मौसमी घटनाओं के कारण अस्तित्व के संकट का सामना कर रहे हैं — सेशेल्स स्वयं इस संकट की अग्रिम पंक्ति में है।

आगे की राह

भारत-सेशेल्स के बीच हस्ताक्षरित MoU से दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में सहयोग और गहरा होने की उम्मीद है। यह यात्रा भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' और 'SAGAR' (Security and Growth for All in the Region) नीति के तहत हिंद महासागर क्षेत्र में साझेदारी को नई ऊंचाई देने की कोशिश का हिस्सा मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि उनका कार्बन उत्सर्जन में योगदान नगण्य है। मोदी का इसे 'जलवायु पीड़ित देशों को समर्पित' करना एक चतुर कूटनीतिक संदेश है जो भारत को ग्लोबल साउथ के नेता के रूप में स्थापित करता है। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि भारत की घरेलू कोयला निर्भरता और उत्सर्जन के आँकड़े इस 'हरित नेतृत्व' की छवि के साथ पूरी तरह मेल नहीं खाते। ISA और CDRI जैसी पहलें सराहनीय हैं, लेकिन असली कसौटी यह है कि भारत 2070 के नेट-ज़ीरो लक्ष्य की ओर कितनी तेज़ी से और पारदर्शिता से आगे बढ़ता है।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन' सम्मान क्या है?
यह सेशेल्स का सर्वोच्च राजकीय सम्मान है, जो पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास में असाधारण योगदान के लिए दिया जाता है। PM मोदी को यह सम्मान 28 जून 2026 को विक्टोरिया में राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने प्रदान किया।
PM मोदी ने यह सम्मान किसे समर्पित किया?
मोदी ने यह सम्मान उन सभी देशों को समर्पित किया जो जलवायु परिवर्तन की चुनौती से लड़ रहे हैं और भावी पीढ़ियों के लिए पर्यावरण संरक्षण को अपना दायित्व मानते हैं। उन्होंने कहा कि यह एक साझी चुनौती है जिससे मिलकर निपटना होगा।
भारत की किन वैश्विक पहलों का मोदी ने उल्लेख किया?
मोदी ने मिशन लाइफ, इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) और कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर (CDRI) का विशेष उल्लेख किया। ये तीनों भारत की अगुवाई में शुरू की गई वैश्विक जलवायु पहलें हैं।
मोदी की सेशेल्स यात्रा में और क्या हुआ?
सम्मान समारोह के अलावा दोनों देशों के बीच कई समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर हुए। यह यात्रा भारत की 'SAGAR' नीति के तहत हिंद महासागर क्षेत्र में साझेदारी मज़बूत करने की कोशिश का हिस्सा है।
PM मोदी को अब तक कितने अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिले हैं?
प्रधानमंत्री मोदी को अब तक 30 से अधिक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। इनमें विभिन्न देशों के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, शैक्षणिक पुरस्कार और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सम्मान शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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