सेशेल्स ने PM मोदी को 'गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन' से सम्मानित किया, 20 देशों की संसद संबोधित करने वाले पहले भारतीय PM बने
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 28 जून 2026 को सेशेल्स के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान 'गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन' से नवाज़ा गया। विक्टोरिया स्थित स्टेट हाउस में आयोजित समारोह में सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने यह उपाधि प्रधानमंत्री को प्रदान की। पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और हरित नीतियों में वैश्विक नेतृत्व के लिए दिया जाने वाला यह सम्मान मोदी की अंतरराष्ट्रीय पर्यावरणीय पहचान को और पुख्ता करता है।
सम्मान का महत्व और पृष्ठभूमि
'गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन' उपाधि सेशेल्स का सर्वोच्च राजकीय सम्मान है, जो समुद्री पर्यावरण संरक्षण और नीली अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में असाधारण योगदान के लिए प्रदान किया जाता है। यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी की उस दीर्घकालिक नीतिगत प्रतिबद्धता को मान्यता देता है, जिसमें हरित विकास, जलवायु कार्रवाई और पर्यावरण-अनुकूल शासन को केंद्र में रखा गया है।
गौरतलब है कि यह उपाधि हाल के वर्षों में मोदी को मिलने वाली कई वैश्विक मान्यताओं में नवीनतम है। मई 2026 में संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने उन्हें कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ करने, खाद्य सुरक्षा बढ़ाने और सतत कृषि को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिष्ठित एग्रीकोला मेडल प्रदान किया था।
पिछले अंतरराष्ट्रीय सम्मानों की झलक
वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री मोदी को सोल पीस प्राइज से सम्मानित किया गया था — यह पुरस्कार वैश्विक सहयोग, समावेशी विकास और सतत आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देने के लिए दिया जाता है। उसी वर्ष संयुक्त राष्ट्र ने उन्हें पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सर्वोच्च वैश्विक सम्मान माने जाने वाले चैंपियंस ऑफ द अर्थ अवॉर्ड से भी नवाज़ा था। यह ऐसे समय में आया है जब भारत जलवायु वित्त और नवीकरणीय ऊर्जा के मोर्चे पर अपनी वैश्विक भूमिका को लगातार विस्तार दे रहा है।
तीन दिवसीय सेशेल्स दौरा
प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर सेशेल्स पहुँचे, जहाँ राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने उनका औपचारिक स्वागत किया। रविवार को स्टेट हाउस में गार्ड ऑफ ऑनर के बाद दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। इस दौरान भारतीय समुदाय की ओर से आयोजित कार्यक्रम में भी प्रधानमंत्री की भागीदारी निर्धारित है।
ऐतिहासिक संसदीय संबोधन
इस दौरे का एक और ऐतिहासिक पहलू यह है कि प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करेंगे, जिससे वे 20 देशों की संसद या नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन जाएंगे। सेशेल्स रवाना होने से पहले उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा था, "मुझे सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनने का सम्मान प्राप्त होगा। यह ऐतिहासिक अवसर उन सशक्त लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं का प्रतीक है, जो हमारे दोनों देशों को एक-दूसरे से जोड़ती हैं।"
भारत-सेशेल्स संबंधों का नया अध्याय
यह दौरा हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' और 'SAGAR' (Security and Growth for All in the Region) नीति के अंतर्गत द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सेशेल्स जैसे छोटे द्वीपीय देशों के लिए जलवायु परिवर्तन अस्तित्व का प्रश्न है, और भारत का पर्यावरणीय नेतृत्व इस साझेदारी को और सुदृढ़ करता है।